Exclusive: ‘Hanuman Ansh’ के सेट पर 30% मुस्लिम क्रू, जो नंगे पांव बने शूटिंग का हिस्सा ; मेकर्स ने बताया पूरा सच

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शोभिनव सत्या, फोटो- इंस्टाग्राम

मुस्लिम बुजुर्ग का चप्पल उतारकर ‘Hanuman Ansh’ देखने का VIDEO वायरल हो रहा है. इसी बीच मेकर्स ने बताया है कि सेट पर 30% मुस्लिम क्रू थे जिन्होंने पूरी आस्था के साथ काम किया.

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सोशल मीडिया पर ‘Hanuman Ansh’ का एक वीडियो इन दिनों चर्चा में है. वीडियो में एक मुस्लिम बुजुर्ग फिल्म देखने से पहले चप्पल उतारते नजर आ रहे हैं. उनकी यह तस्वीर लोगों का ध्यान खींच रही है. लेकिन इस वायरल वीडियो के बीच फिल्म के मेकर्स ने जो खुलासा किया, वह कहानी को एक कदम आगे ले जाता है. मेकर्स के मुताबिक, फिल्म के सेट पर करीब 30 फीसदी मुस्लिम क्रू था, जो धार्मिक दृश्यों की शूटिंग के दौरान नंगे पांव रहने से लेकर हनुमान चालीसा में शामिल होने तक, पूरी आस्था और शिद्दत के साथ अपने काम का हिस्सा बना.

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फिल्म में म्यूजिक कंपोजर रहे ऋषि पाठक बताते हैं,'शूटिंग के दौरान जब धार्मिक दृश्यों की शूटिंग होती थी, तो मुस्लिम क्रू के कई सदस्य नंगे पांव रहकर काम करते थे. हनुमान चालीसा के दौरान भी वे उसमें शामिल होते थे. सेट के माहौल और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए उन्होंने शूटिंग के दौरान कई चीजों का खास ख्याल रखा. यहां तक कि खाने में भी नॉनवेज से परहेज किया.'

अब वायरल हो रहा मुस्लिम बुजुर्ग का वीडियो

इसी बीच सोशल मीडिया पर ‘Hanuman Ansh’ से जुड़ा एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें एक मुस्लिम बुजुर्ग फिल्म देखने से पहले अपनी चप्पल उतारते नजर आ रहे हैं. इसके बाद वे फिल्म देखते हैं. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस बुजुर्ग की श्रद्धा की चर्चा हो रही है.

जब ऋषि से इस वायरल वीडियो को लेकर बात की गयी, तो उन्होंने कहा कि उनके लिए यह कोई हैरानी वाली बात नहीं है. उनका कहना है कि फिल्म के सेट पर भी उन्होंने ऐसे कई अनुभव देखे हैं. अलग-अलग विभागों में काम करने वाले मुस्लिम क्रू सदस्य धार्मिक दृश्यों को लेकर उतने ही संवेदनशील और श्रद्धावान थे.

साउंड से लाइटिंग तक में मुस्लिम टीम

मेकर्स ने बताया कि सेट पर मुस्लिम क्रू सिर्फ किसी एक विभाग तक सीमित नहीं था. साउंड रिकॉर्डिस्ट से लेकर लाइटिंग की पूरी टीम में मुस्लिम सदस्य थे. हेयर और कॉस्ट्यूम विभाग में भी मुस्लिम लोग काम कर रहे थे. सभी ने फिल्म की जरूरत और सेट के धार्मिक माहौल को समझते हुए उसी के मुताबिक काम किया.

ऋषि के अनुसार, शूटिंग के दौरान धर्म किसी के काम के बीच नहीं आया. धार्मिक दृश्यों को लेकर हर सदस्य ने सम्मान और संवेदनशीलता दिखाई. कैमरे के सामने भले ही कहानी हनुमान जी की थी, लेकिन कैमरे के पीछे उसे पर्दे तक पहुंचाने वाली टीम में अलग-अलग धर्मों के लोग साथ मिलकर काम कर रहे थे.

वायरल वीडियो ने अब सेट पर मौजूद इसी माहौल की चर्चा फिर से शुरू कर दी है. मेकर्स के मुताबिक, बुजुर्ग का फिल्म देखने से पहले चप्पल उतारना उनके लिए कोई अलग या असामान्य तस्वीर नहीं है, क्योंकि सेट पर भी उन्होंने ऐसी ही श्रद्धा को करीब से देखा है.

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