क्या भोजपुरी इंडस्ट्री में 'बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड कल्चर' की वजह से एक्ट्रेसेस को नहीं मिलती फिल्में? रानी-काजल ने खोली पोल

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काजल राघवानी और रानी चटर्जी, फोटो- इंस्टाग्राम

भोजपुरी इंडस्ट्री में क्या टैलेंट से ज्यादा रिश्ते चलते हैं? 'भोजपुरी बवाल' में रानी चटर्जी और काजल राघवानी ने कथित 'बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड कल्चर' पर खुलकर बात की. दोनों ने दावा किया कि फिक्स जोड़ियों और रिश्तों की वजह से कई एक्ट्रेसेस को फिल्मों में काम मिलने में दिक्कत होती है.

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Bhojpuri Bawaal: रिएलिटी शो 'भोजपुरी बवाल' का नया एपिसोड आते ही सोशल मीडिया पर इसकी जमकर चर्चा होने लगी है. इस बार शो में सिर्फ लड़ाई-झगड़ा या ड्रामा नहीं, बल्कि भोजपुरी इंडस्ट्री के एक ऐसे मुद्दे पर खुलकर बात हुई, जिसे लेकर लंबे समय से चर्चाएं होती रही हैं. शो में रानी चटर्जी और काजल राघवानी ने दावा किया कि भोजपुरी इंडस्ट्री में कथित 'बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड कल्चर' और फिक्स जोड़ियों की वजह से कई एक्ट्रेसेस को फिल्मों में काम मिलने में मुश्किलें होती हैं. दोनों के इन दावों ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है कि क्या सच में इंडस्ट्री में टैलेंट से ज्यादा रिश्ते मायने रखते हैं?

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काजल राघवानी: 'मुझे साइकैट्रिस्ट के पास जाने का ख्याल आने लगा था'

शो में काजल राघवानी ने अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था, जब हर जगह उनके रिलेशनशिप की चर्चा होने लगी थी. लोगों ने उनका नाम कई लोगों के साथ जोड़ दिया था. काजल ने बताया कि इन अफवाहों का उनकी मेंटल हेल्थ पर भी असर पड़ा. वह इतनी परेशान हो गई थीं कि उन्हें लगा अब साइकैट्रिस्ट से मिलना पड़ेगा.

रानी चटर्जी: 'हर किसी को किसी का बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड बना देते हैं

काजल राघवानी की बातें सुनने के बाद रानी चटर्जी ने कहा,

"अगर भोजपुरी से मुझे एक चीज हटानी हो, तो मैं बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड का रिलेशन हटाना चाहूंगी."

इसके बाद उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में हर किसी को किसी न किसी का बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड बना दिया जाता है. रानी का कहना था कि इसी वजह से काम से ज्यादा रिश्तों की चर्चा होती है. रानी की इस बात पर काजल राघवानी ने भी सहमति जताई.

रानी चटर्जी: 'पसंद की हीरोइन नहीं तो फिल्म भी नहीं'

रानी चटर्जी ने दावा किया कि भोजपुरी इंडस्ट्री में 'जोड़ी कल्चर' की शुरुआत निरहुआ और पाखी हेगड़े की जोड़ी से हुई. उनके मुताबिक, इसके बाद फिक्स जोड़ियों का ट्रेंड बढ़ता चला गया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई बार अगर किसी हीरो की पसंद की हीरोइन फिल्म में नहीं होती थी, तो फिल्म का काम ही रुक जाता था.

रानी ने इस दौरान मनोज तिवारी और पवन सिंह का नाम लेते हुए भी ऐसे ही आरोप लगाए. उनके इन बयानों के बाद सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या वाकई भोजपुरी इंडस्ट्री में कुछ कलाकारों की पसंद से यह तय होता है कि किसे फिल्म मिलेगी और किसे नहीं.

काजल राघवानी: "मैं अकेले फीलिंग कैसे दे दूं?"

शो में काजल राघवानी ने फिल्म 'आशिक आवारा' की शूटिंग का एक किस्सा सुनाया. उन्होंने बताया कि फिल्म में सुहागरात का एक गाना शूट होना था. उस वक्त आम्रपाली दूबे भी सेट पर मौजूद थीं. काजल के मुताबिक, आम्रपाली के सामने होने की वजह से निरहुआ थोड़ा असहज हो गए थे. इसी दौरान डायरेक्टर ने काजल से कहा कि वह सीन में सही फीलिंग नहीं ला पा रही हैं. इस पर काजल ने जवाब दिया,

"अरे मैं अकेले कैसे फीलिंग लाऊं? जब तक निरहुआ मुझे पकड़ेंगे नहीं, अपनी तरफ खींचेंगे नहीं, तब तक मैं अकेले फीलिंग कैसे दे दूं?"

काजल ने आगे बताया कि शूटिंग के बाद उन्होंने निरहुआ को मैसेज किया. उन्होंने कहा,

"मैंने उन्हें लिखा था कि मुझे आपसे दो मिनट अकेले में बात करनी है." लेकिन काजल का दावा है कि वह मैसेज आम्रपाली दूबे ने पढ़ लिया और उनकी तरफ से जवाब आया, "आपको जो भी बोलना है, मेरे सामने भी बोल सकती हो. हम लोग एक ही हैं."

वहीं, रानी चटर्जी ने भी शो में निरहुआ और आम्रपाली के रिश्ते का जिक्र करते हुए कहा कि इंडस्ट्री में कुछ जोड़ियों की वजह से दूसरे कलाकारों के लिए काम करना आसान नहीं होता.

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