मध्यप्रदेश विधानसभा में 17 नवंबर को मतदान, तीन दिसंबर को नतीजे, जानें क्या है प्रदेश में पार्टियों की स्थिति

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मध्यप्रदेश विधानसभा में 17 नवंबर को मतदान, तीन दिसंबर को नतीजे, जानें क्या है प्रदेश में पार्टियों की स्थिति

2018 के विधानसभा चुनाव के बाद मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी और मुख्यमंत्री का पद कमलनाथ को मिला. इस वजह से पार्टी के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया नाराज हो गए और अंतत: उन्होंने पार्टी छोड़ दी जिसका फायदा बीजेपी को मिला और 2020 में शिवराज सिंह चौहान प्रदेश के मुख्यमंत्री बन गए.

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मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव की तिथि आज घोषित हो गई. दोपहर 12 बजे चुनाव आयोग ने प्रेस काॅन्फ्रेंस कर चुनाव की तारीखों की घोषणा की. प्रदेश में 17 नवंबर को चुनाव होंगे, जबकि तीन दिसंबर को मतगणना होगी. वर्तमान में मध्यप्रदेश में बीजेपी की सरकार है. प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हैं. हालांकि यह चुनाव बीजेपी के लिए बहुत खास होने वाला है और एक तरह से इसे 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले सत्तापक्ष बीजेपी के लिए सेमीफाइनल मुकाबले जैसा है.

बीजेपी और कांग्रेस के बीच होगी कांटे की टक्कर

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी के बीच ही होना है. पिछले बार के विधानचुनाव में भी इन्हीं दोनों पार्टियों के बीच मुख्य मुकाबला था, कांटे की टक्कर हुई थी और सीटों के लिहाज से कांग्रेस पार्टी को 114 सीट मिली थी जबकि बीजेपी को 109 सीट मिली थी, जबकि बहुमत का आंकड़ा 116 है. ज्योतिरादित्य सिंधिया के आने से प्रदेश में बीजेपी की सरकार भले ही बन गई हो, लेकिन मुकाबला कांग्रेस के साथ कांटे का ही है. बीजेपी के नेता लगातार प्रदेश का दौरा कर रहे हैं, यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह भी कई बार प्रदेश में रैली कर चुके हैं. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी और राहुल गांधी भी लगातार मध्यप्रदेश में रैली कर रहे हैं और अपना पूरा फोकस बनाए हुए हैं, ताकि इस प्रदेश पर उनकी पकड़ बन जाए.

एड़ी-चोटी एक कर रही हैं पार्टियां

2018 के विधानसभा चुनाव के बाद प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी और मुख्यमंत्री का पद कमलनाथ को मिला. इस वजह से पार्टी के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया नाराज हो गए और अंतत: उन्होंने पार्टी छोड़ दी जिसका फायदा बीजेपी को मिला और 2020 में शिवराज सिंह चौहान प्रदेश के मुख्यमंत्री बन गए. इस बार के चुनाव में समीकरण बदले हुए नजर आ रहे हैं, सिंधिया जो कांग्रेस के लिए मेहनत कर रहे थे इस बार बीजेपी के साथ हैं. हालांकि कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व मध्यप्रदेश को जीतने के लिए एड़ी-चोट एक कर रहा है.

मध्यप्रदेश विधान सभा में पार्टियों की स्थिति इस प्रकार है-

कुल सीट -230

बीजेपी -128

कांग्रेस-98

बीएसपी -1

आईएनडी-3

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रजनीश आनंद

लेखक के बारे में

By रजनीश आनंद

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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