मंगल गृह के चंद्रमा पर भूलकर भी न करना छलांग लगाने की कोशिश, बन जाओगे 'रॉकेट'

HUMANS FLYING CAPACITY ON PLANETS
बचपन में आप सबने कूदने-फांदने वाले काम तो किये ही होंगे. स्पोर्ट्स या डिफेन्स के फील्ड में फिज़िकल एक्टिविटी मायने रखती हैं. वहां तरह-तरह की एक्टिविटी कराई जाती है जहां दौड़ना, पुश-अप्स लगाना, गोला फेंकने के साथ-साथ छलांग लगाना भी होता है. हम आपको छलांग लगाने से रिलेटेड दिलचस्प जानकारी देने वाले हैं.
ब्रह्मांड में कई ऐसी चीजे हैं, जिसे हमें समझने के लिए रिसर्च करने की जरूरत पड़ती है. इंसान हर चीज की खोज करता रहता है. आज हम वैज्ञानिकों की ऐसी रिसर्च पर बात करेंगे, जिससे हमें पता चलेगा कि एक इंसान सौर मण्डल के किसी गृह पर कितनी ऊंचाई तक जंप यानी छलांग लगा सकता है.
आपको बता दें अलग-अलग ग्रहों पर इंसान के छलांग की ऊंचाई अलग-अलग होती है, क्योंकि किसी ग्रह पर छलांग की ऊंचाई ग्रह की सतह के गुरुत्वाकर्षण पर निर्भर करती है. इसके कारण इंसान का वजन उस ग्रह के गुरुत्वाकर्षण के मुताबिक अलग-अलग होता है, हालांकि उसका द्रव्यमान नहीं बदलता है.
इंसान अपनी पृथ्वी पर औसत 0.45 मीटर यानि डेढ़ फुट की छलांग लगा सकता है.
हालांकि बृहस्पति ग्रह पर आपको वैसी ही छलांग लगाने के लिए अधिक ताकत की आवश्यकता होगी. क्योंकि बृहस्पति पृथ्वी से 300 गुना भारी है, इसी वजह से वहां गुरुत्वाकर्षण शक्ति ज्यादा है. वहां आप 0.17 मीटर (आधा फुट) तक ही कूद पाएंगे.
जब आप नेपच्यून गृह पर छलांग लगाएंगे तो ऊंचाई थोड़ी बढ़ जाती है, लेकिन फिर भी यह पृथ्वी पर आपकी छलांग की ऊंचाई से कम होगी. वहां एक इंसान 0.39 मीटर (1.2 फुट) की छलांग लगा सकता है.
शुक्र ग्रह पर बिना ज्यादा शारीरिक बल के इंसान 0.49 मीटर (1.6 फुट) ऊंची छलांग लगा सकता है.
यूरेनस और शनि गृह पर भी शुक्र की तरह ही इंसान 0.49 मीटर (1.6 फुट) की ऊंची छलांग लगा सकता है.
मंगल ग्रह पर कूदना आपको एक बास्केटबॉल खिलाड़ी जैसा महसूस कराएगा, जो पृथ्वी के आकार का आधा है और जिसका द्रव्यमान पृथ्वी का 15% है. वहां इंसान 1.18 मीटर (3.8 फुट) की छलांग लगा सकता है. बुध गृह के लिए भी मान समान है.
प्लूटो पर, आप उसी बल से छलांग लगाकर ग्रह को ऊंचाई से देख सकते हैं, क्योंकि इस बौने ग्रह पर आप 7.11 मीटर (23.3 फुट) तक की छलांग आसानी से लगा सकते हैं.

मंगल और बृहस्पति के बीच क्षुद्रग्रह बेल्ट में बौने ग्रह सेरेस पर आपकी छलांग 15.75 मीटर (51.6 फुट) ऊंची हो जाती है.

यूरेनस के चंद्रमा मिरांडा पर आपकी छलांग 57 मीटर (187 फुट) हो जाएगी.

फोबोस पर कूदने से पहले दो बार आपको दो बार सोचना होगा, क्योंकि ऐसी संभावना है कि आप वापस नहीं नीचे नहीं आ पाएंगे. ऐसा इसलिए क्योंकि फोबोस पर आपकी छलांग 773 मीटर (2536 फुट) ऊंची हो जाती है.

वहीं बात करें सौर्य मण्डल के सबसे बड़े पिंड सूर्य की तो, इसपर कूदने के लिए सोचना का ख्याल ही मन से निकाल देना बेहतर होगा क्योंकि इस पर कूदना असंभव है.

किस ग्रह पर इंसान सबसे ऊँची छलांग लगा सकता है?
इंसान प्लूटो पर 7.11 मीटर (23.3 फुट) तक की छलांग लगा सकता है, जो कि सबसे ऊँची ऊँचाई है।
गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव इंसान की छलांग पर कैसे पड़ता है?
ग्रहों की सतह पर गुरुत्वाकर्षण की शक्ति के अनुसार इंसान की छलांग की ऊँचाई बदलती है। जैसे कि बृहस्पति पर गुरुत्वाकर्षण अधिक है, इसलिए वहाँ इंसान केवल 0.17 मीटर (आधा फुट) की छलांग लगा सकता है।
मंगल ग्रह पर इंसान कितनी ऊँचाई तक कूद सकता है?
मंगल ग्रह पर इंसान 1.18 मीटर (3.8 फुट) की छलांग लगा सकता है, जो पृथ्वी की तुलना में काफी अधिक है।
फोबोस पर छलांग लगाना कितना जोखिम भरा है?
फोबोस पर आपकी छलांग 773 मीटर (2536 फुट) तक पहुँच सकती है, लेकिन यह जोखिम भरा है क्योंकि आपको वापस नीचे आने में कठिनाई हो सकती है।
कौन सा ग्रह कूदने के लिए असंभव है?
सूर्य पर कूदना असंभव है, इसलिए इस पर कूदने का सोचना भी नहीं चाहिए।
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By Aryan Raj
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