बुरका नहीं उतारूंगी… NEET UG सेंटर में नहीं मिली एंट्री, 18 साल की कुलसुम का छलका दर्द
NEET UG एग्जाम देने गई कुलसुम बानो की फोटो (Image: ANI)
NEET UG 2026 Burqa Controversy: राजस्थान के अजमेर में NEET UG परीक्षा शुरू होने से पहले एक छात्रा को लेकर विवाद खड़ा हो गया. बुरका पहनकर परीक्षा देने पहुंची छात्रा कुलसुम बानो ने आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें उनकी पोशाक की वजह से अंदर जाने से रोक दिया. इस घटना का वीडियो और बयान सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है.
NEET UG 2026 Burqa Controversy: टॉप मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए आज यानी 21 जून 2026 नीट यूजी का री-एग्जाम हुआ. राजस्थान के अजमेर में NEET UG परीक्षा से पहले बुरका पर विवाद देखने को मिला. एग्जाम देने पहुंचीं कुलसुम बानो ने बताया कि शुरुआत में केंद्र के कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें दुपट्टा हटाना होगा.
कुलसुम बानो ने कहा कि अगर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA की ओर से इस तरह की पोशाक की अनुमति दी गई है, तो परीक्षा केंद्र के कर्मचारी उन्हें रोक नहीं सकते. छात्रा ने इस पूरे व्यवहार पर नाराजगी जताई.
NEET UG 2026 Burqa Controversy: छात्रा ने बुरका को बताया पहचान
छात्रा कुलसुम बानो का बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. उन्होंने कहा, “अगर मुझे इसी पोशाक में परीक्षा देने की अनुमति नहीं मिलेगी तो मैं परीक्षा नहीं दूंगी. परीक्षा मेरे लिए उतनी महत्वपूर्ण नहीं है, जितनी मेरी पहचान और मेरा बुरका.”
#WATCH | Ajmer, Rajasthan: A Burqa-wearing candidate was allegedly denied entry at a medical entrance exam centre ahead of the NEET examination today.
— ANI (@ANI) June 21, 2026
A candidate, named Kulsum Bano, says, "I have come from Beawar to take the NEET exam. When I took the exam on May 3rd, I was in… pic.twitter.com/3TVNnYk52n
उन्होंने यह भी कहा कि 18 साल के छात्रों के साथ इस तरह का व्यवहार करना शर्मनाक है. उनके इस बयान के बाद कई लोग उनके समर्थन में सामने आए हैं, जबकि कुछ लोगों का मानना है कि सुरक्षा जांच के नियमों का पालन सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए.
NEET परीक्षा में क्या हैं ड्रेस कोड के नियम
NEET जैसी बड़ी परीक्षाओं में सुरक्षा जांच को लेकर सख्त नियम बनाए जाते हैं. परीक्षार्थियों को तय ड्रेस कोड का पालन करना होता है ताकि किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना न रहे. हालांकि धार्मिक पोशाक पहनने वाले उम्मीदवारों के लिए भी अलग दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं. आमतौर पर ऐसे उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर तय समय से पहले पहुंचने की सलाह दी जाती है ताकि अतिरिक्त जांच प्रक्रिया पूरी की जा सके.
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है. कुछ लोग इसे धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत पहचान से जुड़ा मुद्दा बता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा को प्राथमिकता मिलनी चाहिए. फिलहाल इस मामले में परीक्षा केंद्र प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
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लेखक के बारे में
By रवि मल्लिक
रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से डिजिटल पत्रकारिता से जुड़े हैं. स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक की खबरों पर काम करना पसंद है. युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना अच्छा लगता है. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE और NEET एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में जानना पसंद है. युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके बीच के मुद्दों को उठाना और सही व सटीक जानकारी देना ही उनकी प्राथमिकता है.
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