MBBS पास, फिर भी सड़कों पर! जानिए FMGE परीक्षा विवाद की 5 बड़ी वजहें

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दिल्ली में डॉक्टरों का प्रोटेस्ट

FMGE Protest Delhi: विदेशी से मेडिकल की डिग्री हासिल करके भारत लौटे छात्र अब परेशान हैं और दिल्ली की सड़कों पर अपनी मांग को लेकर प्रोटेस्ट कर रहे हैं. उन्होंने FMGE परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं. साथ ही पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए हैं.

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FMGE Protest Delhi: दिल्ली के गौतम नगर इलाके में FMGE यानी कि Foreign Medical Graduate Examination देने वाले स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट कर रहे हैं. परीक्षा 28 जून 2026 को दो शिफ्ट में परीक्षा हुई थी. परीक्षा देने वाले स्टूडेंट्स का कहना है कि एग्जाम काफी टफ लेवल का था और परीक्षा के लिए आंसर की जारी नहीं की गई. ऐस में वे सही-सही अपने आंसर का मूल्यांकन नहीं कर पा रहे हैं. साथ ही स्टूडेंट्स ने NBEMS पर गड़बड़ी के आरोप लगाए. भूखहड़ताल पर बैठे डॉक्टर्स और स्टूडेंट विंग ने प्रोटेस्ट के जरिए अपनी कई मांगें रखी हैं. आइए, एक-एक कर जानते हैं इन डॉक्टर्स की क्या मांगें हैं. 

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प्रोटेस्ट का मुख्य चेहरा, डॉक्टर्स बैठे हैं भूख हड़ताल पर 

FMGE प्रोटेस्ट का मुख्य चेहरा डॉ जसवंत सिंह यादव और आशीष कुमार हैं. ये नेता All FMGs Association (AFA) और AIMSA फॉरेन मेडिकल स्टूडेंट्स विंग को रिप्रेजेंट कर रहे हैं. इनकी मांग है कि परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए.


NBEMS के आंकड़ों के मुताबिक इस बार परीक्षा में शामिल 37,448 कैंडिडेट्स में से केवल 12.38 प्रतिशत ही सफल हुए हैं. कम पास प्रतिशत के बाद परीक्षा के स्तर और प्रक्रिया को लेकर उम्मीदवारों की नाराजगी बढ़ी.

1.FMGE परीक्षा में आंसर की नहीं जारी होने को लेकर बवाल 

प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों का कहना है कि परीक्षा के बाद उन्हें आधिकारिक Answer Key और Response Sheet उपलब्ध नहीं कराई गई. छात्रों का तर्क है कि इससे वे अपने प्रदर्शन को स्वतंत्र रूप से जांच नहीं पा रहे हैं. उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल किए हैं. 

2. वीडियो बेस्ड सवाल पर आपत्ति 

एक स्टूडेंट ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि इस बार कीFMGE परीक्षा में वीडियो बेस्ड सवाल (FMGE Video Based Questions) पूछे गए, जिसकी स्टूडेंट्स को पहले से सूचना नहीं दी गई थी. आज तक यूजी से लेकर पीजी तक, मेडिकल सेवा की किसी परीक्षा में इस तरह से वीडियो बेस्ड सवाल नहीं आया है, फिर इस परीक्षा के पैटर्न में ऐसा बदलाव क्यों और अगर बदलाव किया भी गया तो पहले से क्यों नहीं बताया गया. 

3.FMGE एक Screening Test है, फिर इतना कठिन क्यों?'

प्रदर्शनकारी उम्मीदवार परीक्षा के कठिन स्तर पर भी सवाल उठा रहे हैं. छात्रों का कहना है कि FMGE एक Screening Examination है, जिसका उद्देश्य विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स की भारत में मेडिकल प्रैक्टिस के लिए न्यूनतम योग्यता जांचना है.

आपको बता दें, भारत में FMGE परीक्षा में NBEMS यानी कि National Board Of Examinations In Medical Sciences द्वारा आयोजित की जाती है. NBEMS के अनुसार, FMGE एक स्क्रीनिंग टेस्ट है.

परीक्षा के कठिन होने पर NBEMS की ओर से ये तर्क दिया जा रहा है कि मरीज की सुरक्षा और चिकित्सा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है. इसलिए फॉरेन ग्रेजुएट्स के लिए भारतीय मेडिकल सेवा में एंट्री के लिए इस परीक्षा में कठिन सवाल पूछे गए. 

4.परीक्षा केंद्रों की सुविधाओं पर भी सवाल

उम्मीदवारों ने परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाओं को लेकर भी शिकायत की है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कुछ केंद्रों पर गर्मी के दौरान पर्याप्त Cooling और Ventilation की सुविधा नहीं थी. कुछ छात्रों ने परीक्षा के दौरान तकनीकी दिक्कतों और अन्य व्यवस्थागत समस्याओं का भी दावा किया है.

छात्रों का कहना है कि जब परीक्षा की फीस करीब 6,000 रुपये से अधिक है, तो परीक्षा केंद्रों पर बुनियादी सुविधाएं बेहतर होनी चाहिए. AFA ने भी परीक्षा केंद्रों पर Cooling, Ventilation और Drinking Water जैसी सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए हैं.

5. फॉर्म भरने से लेकर रिजल्ट तक कई सुधार की जरूरत है 

एक स्टूडेंट ने बोला कि कुछ स्टूडेंट की ये परेशानी है कि जो कैंडिडेट्स इस परीक्षा में रिपीट कर रहे हैं. उनको तीन-तीन चार अटेंप्ट्स से सेम मार्क्स आ रहे हैं जबकि ऐसा संभव नहीं है. इस एग्जाम में स्टूडेंट्स से उनका रोल नंबर्स मांगे जाते हैं, जिससे पारदर्शिता कम हो रही है. परीक्षा फॉर्म भराते हुए हमारे से No Disclosure फॉर्म भराया जाता है. 

NBEMS ने बनाई थी Expert Committee

प्रदर्शन के बाद NBEMS ने उम्मीदवारों की शिकायतों की समीक्षा के लिए तीन सदस्यीय स्वतंत्र समिति गठित की थी. समिति को परीक्षा की कठिनाई, Video-Based Questions और परीक्षा संचालन से जुड़े मुद्दों की समीक्षा करनी थी.

प्रदर्शनकारी उम्मीदवारों का कहना है कि भविष्य की परीक्षाओं के लिए बदलाव सुझाए जाने के बावजूद जून 2026 के उम्मीदवारों को राहत देने की उनकी प्रमुख मांग पर समाधान नहीं हुआ. इसी वजह से दिल्ली में विरोध प्रदर्शन दोबारा तेज हुआ है.

FMGE क्या है?

Foreign Medical Graduate Examination यानी FMGE भारत में विदेश से मेडिकल की पढ़ाई करने वाले भारतीय नागरिकों या भारतीय मूल के व्यक्तियों के लिए Screening Test है. इसे National Board of Examinations in Medical Sciences आयोजित करता है. परीक्षा पास करने के बाद उम्मीदवार भारत में मेडिकल रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया के लिए पात्र होते हैं.


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