4 बार झेला रिजेक्शन, 5वीं बार UPSC फतह कर बनीं Topper, अब संभाल रहीं CEO की कुर्सी

Author Shubham
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Success Story of UPSC IAS 2025 in Hindi

Success Story: UPSC की राह आसान नहीं होती, लेकिन IAS रुचि बिंदल ने हार नहीं मानी. पहले चार प्रयासों में मिली असफलता को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने पांचवें अटेम्प्ट में UPSC फतह किया. आज वो कर्नाटक में CEO के पद पर कार्यरत हैं. उनकी कहानी हर UPSC उम्मीदवार को न हार मानने की प्रेरणा देती है.

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Success Story of UPSC IAS 2025 in Hindi: UPSC जैसी कठिन परीक्षा को पास करना सिर्फ पढ़ाई का खेल नहीं होता, इसके पीछे होता है जिद, मेहनत और कभी हार न मानने का जज्बा. IAS रुचि बिंदल (IAS Ruchi Bindal) की सफलता की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. उन्होंने 2019 में UPSC परीक्षा में 39वीं रैंक हासिल की और अब वह एक IAS अधिकारी और CEO हैं. उनकी यह यात्रा हर उस छात्र के लिए प्रेरणा है जो यूपीएससी के सपने देख रहा है.

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दिल्ली यूनिवर्सिटी और जामिया से की पढ़ाई (Success Story)

रुचि बिंदल की शुरुआती पढ़ाई अजमेर के Sophia Senior Secondary School से हुई. इसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज (LSR) से इकोनॉमिक्स और साइकोलॉजी में ग्रेजुएशन किया. पोस्ट ग्रेजुएशन उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया से Conflict Analysis and Peace Building में किया.

UPSC Success Story: यूपीएससी में मिली बड़ी सफलता

रुचि ने अपने पांचवें प्रयास में UPSC परीक्षा पास की. पहले तीन प्रयासों में वह प्रीलिम्स भी पास नहीं कर पाईं, चौथे में मेंस क्लियर हुआ लेकिन इंटरव्यू में चयन नहीं हो सका. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. पांचवें अटेम्प्ट में रणनीति बदली और IAS बनने का सपना पूरा किया.

IAS Ruchi Bindal: कैसे साकार किया सपना?

रुचि का परिवार बेहद साधारण है. उनके पिता बिजनेसमैन और माता हाउसमेकर हैं. एक सामान्य परिवार से निकलकर उन्होंने UPSC जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में टॉप रैंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि मेहनत और आत्मविश्वास से कोई भी सपना साकार किया जा सकता है.

IAS Ruchi Bindal की पोस्टिंग (Success Story in Hindi)

IAS बनने के बाद रुचि की पहली पोस्टिंग गुजरात के विरमगाम में Taluka Development Officer के तौर पर हुई. फिर उन्होंने अहमदाबाद में Assistant Collector की जिम्मेदारी संभाली. इसके बाद उनका कैडर कर्नाटक में बदल गया और फिलहाल वह कर्नाटक के हावेरी जिले की CEO (Chief Executive Officer) के पद पर कार्यरत हैं.

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