BEd, DElEd या CTET, टीचर बनने का सही रास्ता कौन सा है?
स्कूल टीचर की सांकेतिक फोटो (Canva)
BEd, DElEd and CTET Details: हाल ही में बिहार में शिक्षक भर्ती सेशन 4 यानी BPSC TRE 4 के लिए नोटिफिकेशन जारी हुआ है. शिक्षक भर्ती का नोटिफिकेशन आते ही BEd, DElEd और CTET की चर्चाएं होने लगती हैं. ऐसे में आइए समझते हैं कि सरकारी स्कूलों में टीचर बनने के लिए कौन सा सही कोर्स है.
BEd, DElEd and CTET Details: बिहार-झारखंड के हजारों स्टूडेंट्स हर साल टीचिंग को करियर बनाना चाहते हैं, लेकिन BEd, DElEd और CTET के बीच फर्क समझ न आने की वजह से गलत कोर्स चुन बैठते हैं. सच यह है कि तीनों अलग-अलग मकसद के लिए हैं और इन्हें एक-दूसरे का विकल्प समझना ही सबसे बडी गलती है.
DElEd क्या है और किसके लिए है?
DElEd यानी डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन एक 2 साल का डिप्लोमा कोर्स है, जो सीधे 12वीं के बाद किया जा सकता है. यह खासतौर पर प्राइमरी क्लास (1 से 5) पढाने के लिए डिजाइन किया गया है. जो स्टूडेंट कम समय में और कम खर्च में टीचिंग करियर शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए यह सबसे सीधा रास्ता है.
BEd क्या है?
BEd यानी बैचलर ऑफ एजुकेशन एक ग्रेजुएशन के बाद किया जाने वाला 2 साल का प्रोफेशनल डिग्री कोर्स है. इसका फोकस अपर प्राइमरी और सेकेंडरी लेवल (क्लास 6 से 12) पढाने पर होता है. BEd के लिए ग्रेजुएशन अनिवार्य है, इसलिए इसमें उम्र और समय दोनों ज्यादा लगते हैं.
CTET क्या है और क्यों जरूरी है
CTET कोई डिग्री या डिप्लोमा नहीं, बल्कि एक पात्रता परीक्षा (एलिजिबिलिटी टेस्ट) है, जो CBSE कराता है. यह तय करता है कि कोई उम्मीदवार सरकारी स्कूल में टीचर बनने लायक है या नहीं. CTET पास करना अनिवार्य है, चाहे आपने BEd किया हो या DElEd.
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BEd, DElEd and CTET में अंतर एक नजर में
| पहलू | DElEd | BEd | CTET |
| प्रकार | डिप्लोमा | डिग्री | एलिजिबिलिटी टेस्ट |
| ड्यूरेशन | 2 साल | 2 साल | परीक्षा (कोर्स नहीं) |
| न्यूनतम योग्यता | 12वीं पास | ग्रेजुएशन | DElEd या BEd |
| मुख्य लेवल | क्लास 1-5 | क्लास 6-12 | पेपर 1 व पेपर 2 |
| जरूरी है? | प्राइमरी टीचर के लिए | अपर प्राइमरी के लिए | दोनों के लिए अनिवार्य |
प्राइमरी टीचर (क्लास 1-5) के लिए सही रास्ता
- 12वीं पास करें (कम से कम 50% अंक के साथ).
- DElEd में एडमिशन लें. CTET पेपर 1 क्लियर करें.
- राज्य स्तरीय शिक्षक भर्ती परीक्षा (जैसे बिहार में TRE) में शामिल हों.
- अपर प्राइमरी और सेकेंडरी टीचर के लिए सही रास्ता.
क्लास 6 से ऊपर पढ़ाने का इरादा रखने वालों के लिए
- किसी भी विषय में ग्रेजुएशन पूरा करें.
- BEd कोर्स में एडमिशन लें.
- CTET पेपर 2 क्लियर करें.
- राज्य भर्ती परीक्षा में आवेदन करें.
गौर करने वाली बात यह है कि BEd वाले उम्मीदवार भी CTET पेपर 1 दे सकते हैं, लेकिन इसके लिए NCTE द्वारा तय 6 महीने का ब्रिज कोर्स पूरा करना जरूरी होता है.
किसे कौन सा रास्ता चुनना चाहिए?
- जल्दी टीचिंग करियर शुरू करना है वो DElEd चुनें.
- हायर क्लास पढाना है या आगे प्रिंसिपल या प्रशासनिक भूमिका में जाना है वो BEd चुनें.
- दोनों ही मामलों में CTET को कभी हल्के में न लें, यही असली गेटकीपर है.
- राज्य के अपने TET (जैसे बिहार STET) की तारीख और सिलेबस को CTET से पहले जरूर क्रॉस-चेक करें.
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