90 हजार के अंदर है NEET रैंक? सरकारी BHMS कॉलेज का सपना हो सकता है पूरा

Updated:
विज्ञापन
मेडिकल स्टूडेंट्स की सांकेतिक फोटो (Canva)

मेडिकल स्टूडेंट्स की सांकेतिक फोटो (Canva)

BHMS College Admission: NEET UG का रिजल्ट आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि अब किस कोर्स में एडमिशन मिल सकता है. अगर आपकी रैंक MBBS के लिए थोड़ी पीछे रह गई है, तो निराश होने की जरूरत नहीं है.

विज्ञापन

BHMS यानी बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी आपके लिए शानदार विकल्प बन सकता है. पिछले साल के AIQ काउंसलिंग ट्रेंड बताते हैं कि 90 हजार तक की रैंक वाले छात्रों को भी कई अच्छे सरकारी होम्योपैथिक कॉलेजों में एडमिशन मिला था. ऐसे में इस बार भी हजारों उम्मीदवारों के लिए उम्मीद बनी हुई है.

90 हजार रैंक वालों के लिए सुनहरा मौका

पिछले साल की ऑल इंडिया कोटा (AIQ) काउंसलिंग के आंकड़ों के मुताबिक 40 हजार से लेकर करीब 90 हजार रैंक वाले छात्रों को देश के कई सरकारी BHMS कॉलेजों में सीट मिली. सबसे ज्यादा डिमांड नई दिल्ली के नेहरू होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज की रही.

आखिरी क्लोजिंग रैंक शिलॉन्ग के नॉर्थ ईस्टर्न इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद एंड होम्योपैथी में दर्ज की गई. इससे साफ है कि अच्छी रणनीति के साथ काउंसलिंग में हिस्सा लेने पर सरकारी कॉलेज मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है.

इन सरकारी कॉलेजों में सबसे ज्यादा रही मांग

कॉलेज का नामओपनिंग रैंकक्लोजिंग रैंक
नेहरू होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली36,46846,875
गवर्नमेंट होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, कालीकट40,79854,408
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ होम्योपैथी, कोलकाता66,70166,701
गवर्नमेंट होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, बेंगलुरु65,71868,451
डॉ. बी.आर. सूर होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली59,90170,788
बीजू पटनायक होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, बरहामपुर76,81676,816
नेशनल होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, लखनऊ41,06982,297
द कलकत्ता होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, कोलकाता71,02183,846
स्टेट लाल बहादुर शास्त्री होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, प्रयागराज87,43187,431
नॉर्थ ईस्टर्न इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद एंड होम्योपैथी, शिलॉन्ग88,62988,629

काउंसलिंग में करें ये काम

BHMS में एडमिशन के लिए AACCC ऑल इंडिया कोटा काउंसलिंग आयोजित करता है. काउंसलिंग के दौरान सिर्फ एक कॉलेज पर भरोसा करने के बजाय ज्यादा से ज्यादा पसंदीदा कॉलेज भरना बेहतर माना जाता है. पिछले साल के कटऑफ ट्रेंड को देखकर चॉइस फिलिंग करने वाले उम्मीदवारों के सरकारी सीट पाने की संभावना बढ़ सकती है.

इस बार मिली राहत

इस साल AYUSH कोर्स में एडमिशन के लिए कुछ नए बदलाव भी किए गए हैं. अब ओपन स्कूलिंग से 12वीं करने वाले और प्राइवेट उम्मीदवार भी NEET UG पास होने पर पात्र होंगे. इसके अलावा जिन छात्रों ने 12वीं में बायोलॉजी की जगह बायोटेक्नोलॉजी पढ़ी है, वे भी निर्धारित शर्तें पूरी करने पर AYUSH कोर्स में एडमिशन के लिए आवेदन कर सकेंगे. ऐसे में इस बार पहले से ज्यादा छात्रों के लिए BHMS में दाखिले का रास्ता खुल गया है.

ये भी पढ़ें: 47 NTA अफसरों की छुट्टी, फिर भी No Update, कहां अटक गई UGC NET की फाइल


विज्ञापन
रवि मल्लिक

लेखक के बारे में

By रवि मल्लिक

रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से डिजिटल पत्रकारिता से जुड़े हैं. स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक की खबरों पर काम करना पसंद है. युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना अच्छा लगता है. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE और NEET एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में जानना पसंद है. युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके बीच के मुद्दों को उठाना और सही व सटीक जानकारी देना ही उनकी प्राथमिकता है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola