ePaper

Jharkhand News: बदल रहा वासेपुर, बारूद कारोबारी के डॉक्टर-इंजीनियर बेटों ने ऐसे पूरा किया पिता का सपना

Updated at : 21 Feb 2022 3:33 PM (IST)
विज्ञापन
Jharkhand News: बदल रहा वासेपुर, बारूद कारोबारी के डॉक्टर-इंजीनियर बेटों ने ऐसे पूरा किया पिता का सपना

Jharkhand News: तीनों चिकित्सक भाई अभी वासेपुर में एक निजी अस्पताल का संचालन कर रहे हैं. एक भाई इंजीनियर के रूप में काम कर रहे हैं. डॉ मासूम आलम की बेटी भी एमबीबीएस कर रही हैं. 1991 में ही पिता के नाम पर इन्होंने वासेपुर में अहसन आलम इंटर कॉलेज शुरू किया था.

विज्ञापन

Jharkhand News: झारखंड के धनबाद जिले के वासेपुर की तस्वीर बदल रही है. वासेपुर इलाके में शिक्षा की बयार बहने लगी है. हम बात कर रहे हैं वासेपुर के नूरी मस्जिद मोहल्ले के आलम परिवार का. सैयद अहसन आलम बारूद कारोबारी थे. उनकी इच्छा थी कि उनके बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर के रूप में देश व समाज की सेवा करें. बच्चों ने उनके सपने को पूरा किया. तीन बेटे डॉक्टर बने तो एक इंजीनियर, वहीं तीन का अपना कारोबार है.

शिक्षा पर किया फोकस

सैयद अहसन आलम के पुत्र एवं सदर अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ मासूम आलम के अनुसार पिता की जब मौत हुई तो उन लोगों की काफी उम्र थी. इसके बावजूद सभी भाइयों ने तय किया कि शिक्षा पर फोकस करना है. इसके साथ ही वासेपुर इलाके में कैसे शिक्षा को बढ़ावा दिया जाये. इस पर भी चिंतन किया. वर्ष 1991 में ही पिता के नाम पर वासेपुर में अहसन आलम इंटर कॉलेज शुरू किया. यह कॉलेज आज भी चल रहा है. एक फीजिशियन, दूसरा शिशु रोग, तीसरा डेंटिस्ट.

Also Read: Fodder Scam Case: चारा घोटाला के 5वें मामले में लालू प्रसाद यादव को 5 साल की सजा, 60 लाख रुपये जुर्माना
undefined
डॉक्टर बेटे कर रहे मरीजों की सेवा

कटिहार से एमबीबीएस करने के बाद डॉ मासूम ने पीएमसीएच धनबाद से इंटर्नशिप, हाउस जॉब किया. इसके बाद कुछ वर्षों तक रेल अस्पताल में काम किया. बाद में झारखंड में ज्वाइन किया. फिलहाल सदर अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर तथा एसएनएमएमसीएच पीजी ब्लॉक स्थित कोविड केयर सेंटर के प्रभारी भी हैं. कोविड के पहले एवं दूसरे चरण में जोनल ट्रेनिंग सेंटर भूली में बने कोविड सेंटर के प्रभारी भी रहे. उनके एक छोटे भाई डॉ मशीर आलम शिशु रोग विशेषज्ञ हैं. कुछ दिनों तक सरकारी नौकरी करने के बाद निजी क्लिनिक चलाना शुरू किया. एक भाई डॉ टक्की आलम ने दरभंगा से बीडीएस किया. अभी निजी अस्पताल में दंत चिकित्सक के रूप में कार्य कर रहे हैं.

Also Read: झारखंड सड़क हादसा: बिहार जा रही बस ने बाइक के बाद ट्रक को मारी टक्कर, 2 की मौत, 18 यात्री घायल
undefined
वासेपुर को किया गया बदनाम

तीनों चिकित्सक भाई अभी वासेपुर में एक निजी अस्पताल का संचालन कर रहे हैं. एक भाई इंजीनियर के रूप में काम कर रहे हैं. डॉ मासूम आलम की बेटी भी एमबीबीएस कर रही हैं. डॉ मासूम कहते हैं कि वासेपुर को बदनाम ज्यादा किया गया. यहां पढ़ाई के प्रति युवाओं की रुचि ज्यादा है. कुछ खास लोग अपराध से जुड़े हैं. दूसरे क्षेत्रों के मुकाबले यहां सामान्य अपराध की घटनाएं भी कम हैं. आज तीस वर्ष से इंटर कॉलेज चला रहे हैं. कई वर्षों से यहां क्लिनिक एवं अस्पताल भी संचालित कर रहे हैं. कोई भी परेशानी नहीं हुई.

Also Read: Fodder Scam Case: लालू प्रसाद समेत 38 दोषियों की सजा के बिंदु पर सुनवाई पूरी, अब अदालत सुनायेगी सजा

रिपोर्ट: संजीव झा

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola