जीवा धौनी की गोद में कौन है ये बच्चा? वायरल हुई तसवीर, फैंस ने पूछा ये सवाल…

Ziva Dhoni with a new born child in her lap photo viral sakshi dhoni shared : क्या महेंद्र सिंह धौनी एक बार फिर पापा बने हैं? यह सवाल इसलिए किया जा रहा है क्योंकि साक्षी धौनी ने कल अपने इंस्टाग्राम पर एक फोटो डाला है, जिसमें जीवा की गोद में एक नवजात बच्चा है. तसवीर बहुत प्यारी. तसवीर में जीवा बच्चे को गौर से देख रही है, हालांकि तसवीर में बच्चे का चेहरा नहीं दिख रहा है वह टॉवेल में है.
क्या महेंद्र सिंह धौनी एक बार फिर पापा बने हैं? यह सवाल इसलिए किया जा रहा है क्योंकि साक्षी धौनी ने कल अपने इंस्टाग्राम पर एक फोटो डाला है, जिसमें जीवा की गोद में एक नवजात बच्चा है. तसवीर बहुत प्यारी. तसवीर में जीवा बच्चे को गौर से देख रही है, हालांकि तसवीर में बच्चे का चेहरा नहीं दिख रहा है वह टॉवेल में है.
इस पोस्ट को अबतक पांच लाख 96 हजार से ज्यादा लोगों ने लाइक किया है और सवाल भी किया है कि जीवा की गोद में यह बच्चा कौन है. कई लोग यह भी पूछ रहे हैं क्या आपदोनों फिर से मां-पापा बने हैं. साक्षी धौनी ने फोटो के साथ कोई कैप्शन नहीं दिया है, इसलिए लोगों के मन में यह जानने की इच्छा है कि आखिर यह बच्चा कौन है.
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महेंद्र सिंह धौनी और साक्षी धौनी की एक बेटी है जीवा. धौनी की शादी 2014 में हुई है और साक्षी का जन्म 2015 में. चूंकि अब जीवा पांच साल की हो गयी हैं, तो ऐसे में फैंस यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या साक्षी फिर से मां बनी हैं. हालांकि इस बारे में धौनी या साक्षी की ओर से कुछ भी बताया नहीं गया है.
Posted By : Rajneesh Anand
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लेखक के बारे में
By रजनीश आनंद
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.
राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.
रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.
आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.
रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.
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