बगहा में डॉक्टर ने ऑपरेशन के दौरान चार मरीजों का निकाला गर्भाशय, सभी महिलाओं की उम्र 40 से कम
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 27 Nov 2022 2:38 PM
पश्चिम चंपारण के भैरोगंज में जब प्रशासन द्वारा अवैध क्लिनिक में छापेमारी की गई तो कुल पांच महिला अस्पताल में भर्ती मिली जिनका ऑपरेशन किया गया था. इनमें से चार महिलाओं का गर्भाशय निकाल लिया गया था.
बिहार के बगहा में एक बार फिर से मरीजों का गर्भाशय निकालने का मामला सामने आया है. पश्चिम चंपारण जिला के भैरोगंज के एक झोला छाप डॉक्टर ने चार महिलाओं का गर्भाशय निकाल लिया और फिर मौके से फरार हो गया. प्रशासन द्वारा इस अवैध क्लिनिक को सील तो कर दिया गया है. लेकिन एक ही जिले में एक महीने के अंदर इस तरह की दो घटनाएं कई सवाल खड़े करती हैं.
भैरोगंज के अवैध क्लिनिक में छापेमारी की गई तो कुल पांच महिला अस्पताल में भर्ती मिली जिनका ऑपरेशन किया गया था. इनमें से चार महिलाओं का ऑपरेशन के दौरान गर्भाशय निकाल लिया गया था. इसके बाद जब महिलाओं की जांच बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में की गई तब जाकर गर्भाशय निकालने की पुष्टि हुई. जबकि एक महिला का पेट खोलकर ऑपरेशन किया गया था. जिसमें मृत नवजात पाया गया. जांच टीम के अधिकारियों ने सभी मरीजों को सुरक्षा की दृष्टिकोण से अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती करा दिया. जहां सर्जन चिकित्सक डॉ. विजय कुमार एवं अन्य सहयोगियों की देख रेख में उनका इलाज किया गया.
बता दें कि अवैध क्लिनिक संचालकों के विरुद्ध एसडीएम बगहा डॉ. अनुपमा सिंह के निर्देश पर शनिवार की शाम छापेमारी की गयी थी. जिसका नेतृत्व प्रखंड बगहा एक के बीपीआरओ विजय कुमार व पीएचसी प्रभारी डॉ. एसएन महतो ने किया. छापेमारी दल में भैरोगंज थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष भरत कुमार, एएसआई सुधीर कुमार, सुनील कुमार समेत आधा दर्जन से अधिक महिला और पुरुष बल शामिल थे. छापेमारी के दौरान भारी भीड़ हो गया और सड़क जाम हो गया. पुलिस की तत्परता से सड़क से लोगों को हटाया गया.
पीएचसी प्रभारी ने बताया कि अवैध क्लिनिक से चार महिलाओं का गर्भाशय समेत पांच महिलाएं भर्ती मिली है. जिन्हें बेहतर इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल बगहा भेजा गया. अवैध ऑपरेशन करने वाले चिकित्सक एवं सभी कर्मी छापेमारी दल के आते ही फरार होने में सफल हो गए है. एसडीएम के निर्देश पर अज्ञात के विरुद्ध स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई हैं. वही भवन मालिकों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जा रही हैं. मकान मालिक से पूछताछ किया जाएगा कि आप किसके अनुमति से ऑपरेशन करने के लिए मकान को किराये पर दिया गया था.
बता दें कि छापेमारी दल के पहुंचने के बाद भैरोगंज बाजार में अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, दवा दुकानें बंद हो गयी. झोला छाप डॉक्टरों में हड़कंप मच गया. सभी शटर बंद करके फरार हो गए. मकान मालिक भैरोगंज थाना क्षेत्र के नड्डा निवासी बताया जा रहा है. वहीं झोलाछाप डॉक्टर के पहचान का पता लगाया जा रहा है. हाल ही में रामनगर में गर्भाशय निकालने की शिकायत को लेकर प्रशासन द्वारा कई निजी क्लिनिकों पर छापेमारी करते हुए सील किया गया था और डॉक्टर समेत स्वास्थ्य कर्मियों पर थाना में प्राथमिकी भी दर्ज की गई हैं. इसके बावजूद अवैध क्लिनिक संचालक अपनी रवैये से बाज नहीं आ रहे हैं.
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अनुमंडलीय अस्पताल के सर्जन चिकित्सक डॉ. विजय कुमार ने बताया कि एसडीएम के निर्देश पर जांच टीम के अधिकारियों द्वारा भैरोगंज में अवैध रूप से संचालित क्लिनिक से पांच महिलाओं में से चार महिलाओं का गर्भाशय निकाल लिया गया था. जांच के दौरान इसका खुलासा हुआ है. इतना ही नहीं उन्होंने बताया कि एक पेट खोलकर ऑपरेशन किए मरीजों को अस्पताल लाया गया है. सभी की उम्र 30 से 35 वर्ष के बीच है. पांचों मरीजों का इलाज अस्पताल में किया जा रहा है. वही चिकित्सक ने बताया कि महिलाओं की कम उम्र में गर्भाशय का ऑपरेशन होने से उन्हें जीवन भर कमर व पैर की दर्द जैसी बीमारियों की शिकायत होने की संभावना बढ़ जाती है. इससे लोगों को परहेज करने की सलाह दी. साथ ही जब तक लड़के व लड़की पूरी तरह बालिग नहीं हो तो शादी नहीं करनी चाहिए. जिससे दोनों का दांपत्य जीवन सुखी नहीं रहता है.
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