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कौन रोक रहा है तथागत राय को बंगाल की सक्रिय राजनीति में आने से? विजयवर्गीय और दिलीप घोष ने क्या कहा

Updated at : 12 Aug 2020 5:31 PM (IST)
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कौन रोक रहा है तथागत राय को बंगाल की सक्रिय राजनीति में आने से? विजयवर्गीय और दिलीप घोष ने क्या कहा

West Bengal News, Dr Tathagata Roy, Governor of Meghalaya, Bharatiya Janata Party, Politics, WB Election 2021: मेघालय के राज्यपाल और पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष तथागत रॉय की बंगाल की राजनीति में वापसी पर ग्रहण लग गया है. तथागत रॉय की सक्रिय राजनीति में वापसी कि इच्छा जताये जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी के महासचिव और बंगाल प्रदेश भाजपा के केंद्रीय प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने पल्ला झाड़ लिया. दोनों ने गेंद को केंद्रीय नेतृत्व के पाले में डाल दिया है.

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कोलकाता : मेघालय के राज्यपाल और पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष तथागत रॉय की बंगाल की राजनीति में वापसी पर ग्रहण लग गया है. तथागत रॉय की सक्रिय राजनीति में वापसी कि इच्छा जताये जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी के महासचिव और बंगाल प्रदेश भाजपा के केंद्रीय प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने पल्ला झाड़ लिया. दोनों ने गेंद को केंद्रीय नेतृत्व के पाले में डाल दिया है.

श्री रॉय ने सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर बयान जारी कर कहा था कि राज्यपाल के पद से मुक्त होने के बाद वह बंगाल में एक बार फिर से सक्रिय राजनीति में वापसी करना चाहते हैं. उन्होंने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष के गाय को लेकर दिये गये बयान पर भी कटाक्ष किया था. श्री रॉय ने कहा था कि बंगाल में ‘गाय हमारी माता है’ की संस्कृति नहीं चलेगी.

श्री रॉय के इस बयान को लेकर प्रदेश भाजपा में काफी हलचल मची हुई है. इस संबंध में पूछे जाने पर श्री विजयवर्गीय ने कहा, ‘तथागत रॉय हमारे वरिष्ठ नेता हैं. चूंकि उनको राज्यपाल बनाने का निर्णय केंद्रीय नेतृत्व ने किया है, प्रदेश में क्या होगा इस बारे में भी कोई भी निर्णय केंद्रीय नेतृत्व ही लेगा. दूसरी ओर, दिलीप घोष ने भी श्री रॉय के बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.

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तथागत रॉय के बयान पर टिप्पणी करने से इन्कार करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘मैं इस संबंध में कोई भी टिप्पणी नहीं करूंगा. इस संबंध में कोई भी निर्णय केंद्रीय नेतृत्व ही लेगा.’ दूसरी ओर, प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि श्री रॉय के बयान से केंद्रीय व प्रदेश भाजपा नेतृत्व खुश नहीं है. कोई नहीं चाहता कि श्री रॉय की बंगाल की सक्रिय राजनीति में वापसी हो.

जादवपर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रहे डॉ तथागत रॉय इस विश्वविद्यालय में कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग के संस्थापक हेड ऑफ द डिपार्टमेंट रहे हैं. उन्होंने साफ कहा है कि बंगाल विधानसभा चुनाव में गाय की राजनीति नहीं चलेगी. डॉ रॉय ने स्पष्ट कहा कि गौमूत्र या गाय का गोबर कोरोना से नहीं बचा सकता. इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है. डॉ रॉय ने यह भी कहा कि गाय के दूध में कोई सोना नहीं पाया जाता.

तथागत रॉय ने कहा कि भाजपा के कुछ नेताओं के ऐसे बयानों की वजह से पार्टी की छवि धूमिल हुई है. पार्टी का लोगों ने मजाक उड़ाया है. उन्होंने कहा कि गौमूत्र या गाय के गोबर को इम्यूनिटी शील्ड बताने वाले उनकी पार्टी के नेताओं के बयान से वह आहत हुए हैं. ऐसा बयान देने वालों ने लोगों को पार्टी का मजाक उड़ाने का मौका दिया है.

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हालांकि, श्री रॉय ने कहा कि वह इन चीजों से इत्तेफाक नहीं रखते. उन्होंने यह भी कहा कि उनके बयान को भाजपा के किसी नेता या किसी व्यक्ति को निशाने पर लेने जैसा नहीं माना जाना चाहिए. ज्ञात हो कि पिछले दिनों बंगाल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि गौमूत्र का सेवन करने से कोरोना का संक्रमण नहीं होगा. उन्होंने ही दावा किया था कि गाय के दूध में सोना होता है. श्री रॉय ने कहा था कि ऐस ‘काउ कैंपेन’ से वह आहत हैं.

Posted By : Mithilesh Jha

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