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सौरभ गांगुली के समर्थन में ममता बनर्जी ने खोला मोर्चा, केंद्र सरकार पर बरसीं तृणमूल सुप्रीमो

Updated at : 20 Oct 2022 8:38 PM (IST)
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सौरभ गांगुली के समर्थन में ममता बनर्जी ने खोला मोर्चा, केंद्र सरकार पर बरसीं तृणमूल सुप्रीमो

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आइसीसी) के प्रमुख पद के लिए पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरभ गांगुली का नामांकन नहीं भेजकर उन्हें इस प्रक्रिया से वंचित करने का आरोप लगाया. उन्होंने इसे शर्मनाक राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया.

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने एक बार फिर क्रिकेटर सौरभ गांगुली के समर्थन में मोर्चा खोल दिया है. गुरुवार को उत्तर बंगाल के चार दिवसीय दौरे से लौटने के बाद एयरपोर्ट पर सीएम ने कहा कि न जाने किस अज्ञात कारण से केंद्र सरकार ने सौरभ गांगुली को आइसीसी का चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी.

सौरभ गांगुली को वंचित किया गया

उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आइसीसी) के प्रमुख पद के लिए पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरभ गांगुली का नामांकन नहीं भेजकर उन्हें इस प्रक्रिया से वंचित करने का आरोप लगाया. उन्होंने इसे शर्मनाक राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया. ममता ने कहा कि यदि प्रसिद्ध क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर एवं अजहरुद्दीन को भी इस तरह वंचित रखा जाता, तब भी वह यही बात कहतीं.

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शर्मनाक राजनीतिक प्रतिशोध का मामला

उन्होंने आरोप लगाया कि सौरभ को किसी और के हित को सुरक्षित रखने के लिए चुनाव लड़ने तक का मौका नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि उन्हें (सौरभ को) आइसीसी में क्यों नहीं भेजा गया? यह किसी का हित (क्रिकेट बोर्ड में) साधने के लिए किया गया. मैंने अनेक भाजपा नेताओं से बात की, लेकिन उनका नाम नहीं भेजा गया. उन्हें वंचित किया गया है. यह शर्मनाक राजनीतिक प्रतिशोध का मामला है.

अपका समय है, तो ऐसा कर दिया

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता के जान बाजार इलाके में काली पूजा मंडप के उद्घाटन समारोह में केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि आपका समय है, तो ऐसा कर दिया. लेकिन 2024 के बाद क्या होगा, जब आपकी सरकार नहीं रहेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल में कभी भी राजनीति को शामिल नहीं करना चाहिए. आइसीसी अध्यक्ष पद के लिए गुरुवार को नामांकन भेजने की अंतिम तारीख थी, लेकिन सौरभ गांगुली का नाम नहीं भेजा गया. मैंने इस बाबत अनुरोध भी किया था. हम इस मामले को हल्के में नहीं ले रहे. सौरभ गांगुली इसके हकदार थे. वह अगर आइसीसी में जाते, तो देश का गौरव और बढ़ाते.

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बीसीसीआइ अध्यक्ष पद से सौरभ को हटाने का भी किया था विरोध

मुख्यमंत्री ने उत्तर बंगाल रवाना होने से पहले भी सौरभ गांगुली को बीसीसीआइ के अध्यक्ष पद से हटाये जाने का विरोध किया था. तृणमूल सुप्रीमो ने इस सप्ताह की शुरुआत में सौरभ गांगुली को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष के रूप में दूसरा कार्यकाल नहीं मिलने पर हैरानी जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप का अनुरोध किया था, ताकि सौरभ को आइसीसी प्रमुख के पद के लिए चुनाव लड़ने की अनुमति मिल जाये. लेकिन सौरभ को यह मौका नहीं दिया गया.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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