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लॉकडाउन में ‘क्रमिक छूट’ पर केंद्र और बंगाल की ममता बनर्जी सरकार आमने-सामने

Updated at : 12 Apr 2020 9:07 AM (IST)
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लॉकडाउन में ‘क्रमिक छूट’ पर केंद्र और बंगाल की ममता बनर्जी सरकार आमने-सामने

center and west bengal government face to face on gradual relaxation in lockdown नयी दिल्ली/कोलकाता : पश्चिम बंगाल में लॉकडाउन में ‘क्रमिक छूट’ पर केंद्र और राज्य की ममता बनर्जी सरकार आमने-सामने आ गयी है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस छूट पर आपत्ति जतायी है और कहा कि राज्य में गैर-जरूरी वस्तुओं की दुकानें खुलने दी गयीं तथा पुलिस ने धार्मिक कार्यक्रमों की भी इजाजत दी. इस पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि देश किसी ‘सांप्रदायिक वायरस’ से नहीं, एक रोग से लड़ रहा है.

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नयी दिल्ली/कोलकाता : पश्चिम बंगाल में लॉकडाउन में ‘क्रमिक छूट’ पर केंद्र और राज्य की ममता बनर्जी सरकार आमने-सामने आ गयी है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस छूट पर आपत्ति जतायी है और कहा कि राज्य में गैर-जरूरी वस्तुओं की दुकानें खुलने दी गयीं तथा पुलिस ने धार्मिक कार्यक्रमों की भी इजाजत दी. इस पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि देश किसी ‘सांप्रदायिक वायरस’ से नहीं, एक रोग से लड़ रहा है.

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पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को भेजे पत्र में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि सब्जी, मछली और मांस बाजारों में कोई नियंत्रण नहीं है. इस पत्र में कहा गया है, ‘सुरक्षा एजेंसियों को मिली रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम बंगाल में लॉकडाउन में क्रमिक छूट दर्ज की गयी है. राज्य सरकार द्वारा जिन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को छूट दी गयी है, उनकी संख्या बढ़ी है.’

इस पत्र के अनुसार, गैर-जरूरी चीजों की दुकानें खुलने दी जा रही हैं. मंत्रालय ने कहा कि कोलकाता में राजबाजार, नारकेलडांगा, तपसिया, मटियाबुर्ज, गार्डेनरीच, इकबालपुर और मानिकतल्ला जैसे स्थानों पर सब्जी, मछली और मांस बाजारों में कोई नियंत्रण नहीं है और वहां लोग आपस में दूरी बनाकर रखने के नियमों को धता बताते हुए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं.

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इनमें से ज्यादातर स्थान मुस्लिम बहुल हैं और राज्य भाजपा ने कई बार आरोप लगाया है कि इन इलाकों में लॉकडाउन का ठीक से क्रियान्वयन नहीं हो रहा है. महत्वपूर्ण बात यह है कि नारकेलडांगा जैसे स्थानों पर कोविड-19 जैसे मामले कथित तौर पर अधिक नजर आये हैं.

पत्र में कहा गया है, ‘यह भी सामने आया है कि पुलिस धार्मिक कार्यक्रमों की इजाजत देती रही है. मुफ्त राशन संस्थागत आपूर्ति प्रणाली के माध्यम से नहीं बांटे जा रहे, बल्कि नेताओं द्वारा बांटे जा रहे हैं. हो सकता है कि इसकी वजह से कोविड-19 संक्रमण बढ़ा हो.’

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गृह मंत्रालय ने कहा कि ऐसी गतिविधियां केंद्र सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत समय-समय पर जारी किये गये आदेशों के विरुद्ध हैं और ये इस कानून के तहत कार्रवाई किये जाने लायक हैं. इस पर ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार की दिलचस्पी कुछ विशेष इलाकों में ‘अतिरिक्त सतर्कता’ रखने में है.

उन्होंने राज्य सचिवालय में पत्रकारों से कहा, ‘हम किसी सांप्रदायिक वायरस से नहीं लड़ रहे, बल्कि एक ऐसे रोग का सामना कर रहे हैं, जो मानव के संपर्क से फैलता है. जब भी कोई दिक्कत आयेगी, तो वहां लॉकडाउन को लागू करने के कदम उठाये जायेंगे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि दुकानें बंद रहें. हम नजर रख रहे हैं.’

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गृह मंत्रालय ने पत्र में कहा है, ‘ऐसे में यह अनुरोध किया जाता है कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाये और मंत्रालय को इस बारे में शीघ्र ही रिपोर्ट दी जाये. यह अनुरोध भी किया जाता है कि भविष्य में ऐसे उल्लंघनों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जरूरी कदम उठाये जायें.’

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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