मार्च 2026 में 21 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच सकती है थोक महंगाई

Updated at : 17 Mar 2026 12:33 PM (IST)
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Inflation Rate

3.2%) पर पहुंच सकती है थोक महंगाई (फोटो क्रेडिट-Canva)

Inflation Rate: ICRA ने वित्तीय वर्ष 2027 के लिए औसतन थोक महंगाई का अनुमान 2.7% रखा है. हालांकि, रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि अगर ऊर्जा और कमोडिटी की कीमतें इसी तरह ऊंचे स्तर पर बनी रहीं, तो यह अनुमान और भी ऊपर जा सकता है.

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Inflation Rate: भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक चिंताजनक खबर है. रेटिंग एजेंसी ICRA की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2026 में भारत की थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई दर 3.2% तक पहुँचने का अनुमान है. यह पिछले 21 महीनों का सबसे उच्चतम स्तर होगा.

महंगाई बढ़ने के कारण

  • ग्लोबल कमोडिटी और कच्चे तेल का असर : रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और खाद्य तेलों (Edible Oils) की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है. चूंकि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक स्तर पर दाम बढ़ने का सीधा असर घरेलू थोक बाजार पर पड़ रहा है.
  • डॉलर के मुकाबले रुपया और लॉजिस्टिक्स: डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी तनाव ने मुश्किलों को और बढ़ा दिया है. युद्ध की वजह से समुद्री रास्तों में रुकावट आई है, जिससे माल ढुलाई (Freight) और लॉजिस्टिक्स का खर्च बढ़ गया है. इसका सबसे ज्यादा असर खाद्य तेल के आयात पर पड़ रहा है.
  • खाने-पीने की चीजों के बढ़ते दाम: मार्च 2026 के पहले पखवाड़े के आंकड़ों के अनुसार, ट्रैक किए जाने वाले 22 खाद्य पदार्थों में से आधे से अधिक की कीमतों में पिछले साल के मुकाबले भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यही कारण है कि फरवरी में जो महंगाई 2.1% थी, वह मार्च में 3.2% तक जा सकती है.
  • थोक महंगाई के बास्केट में ईंधन और बिजली का हिस्सा 10.4% है. रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगर कच्चे तेल की कीमतों में 10% की बढ़ोतरी होती है, तो थोक महंगाई (WPI) में 0.80% से 1.00% (80-100 बेसिस पॉइंट) तक का उछाल आ सकता है.

भविष्य का अनुमान

ICRA ने वित्तीय वर्ष 2027 के लिए औसतन थोक महंगाई का अनुमान 2.7% रखा है. हालांकि, रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि अगर ऊर्जा और कमोडिटी की कीमतें इसी तरह ऊंचे स्तर पर बनी रहीं, तो यह अनुमान और भी ऊपर जा सकता है.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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