कौन है यह लड़का जिसने अनिरुद्धाचार्य जी को 15,000 करोड़ का ऑफर दिया ? हकीकत जानकर सिर पकड़ लेंगे!

Viral Video: एक युवक का दावा है कि उसने 2022 में एफडी (Fixed Deposit) कराई थी, जो अब 30 हजार करोड़ रुपये होने वाली है. बाद में वह कहता है कि यह पैसा उसने बिटकॉइन ट्रेडिंग से कमाया है. आइए जानते हैं इस दावे की सच्चाई.
Viral Video: देश के जाने-माने कथावाचक अनिरुद्धाचार्य जी महाराज (अनिल राम तिवारी), जो वृंदावन स्थित गौरी गोपाल आश्रम के संस्थापक हैं. उनके ऑफिशल इंस्टाग्राम हैंडल से एक वीडियो साझा किया गया. इस वीडियो में एक लड़का कहता है कि उसने 2022 में अपने पैसों से पांच साल के लिए एक एफडी की थी, जो अब बढ़कर 30 हजार करोड़ रुपये होने वाली है.
वह यह भी कहता है कि वह इस राशि का 50 प्रतिशत सनातन धर्म के लिए दान करना चाहता है और उसमें बागेश्वर धाम को भी शामिल करना चाहता है. इस पर अनिरुद्धाचार्य जी महाराज पूछते हैं कि 30 हजार करोड़ रुपये कहां से आए? तब वह लड़का जवाब देता है कि वह बिटकॉइन में ट्रेडिंग करता है. वह यह भी दावा करता है कि उसने एक किताब लिखी है, जो फ्लिपकार्ट पर बिकती है, और अपनी किताब दिखाता है.
इसके बाद अनिरुद्धाचार्य जी महाराज कहते हैं कि खूब कमाओ और खूब समाज की सेवा करो. यदि दान देना हो तो उन्हें देना जरूरी नहीं है, बल्कि उस पैसे से एक अच्छा विद्यालय बनाओ, जहां कक्षा 1 से 12 तक निःशुल्क शिक्षा दी जाए.
आईए पॉइंट्स में समझते है इस दावे की असली सच्चाई
- जब हमने उस वीडियो के कमेंट्स पढ़ने शुरू किए, तो पाया कि hey_chapra नाम के हैंडल से “सच्चाई” बताते हुए एक कमेंट किया गया है.
- कमेंट में कहा गया है कि उसका नाम आदित्य सिंह है.
- उसके पिता का नाम शेखर सिंह और दादा का नाम ज्वाला सिंह बताया गया है.
- कमेंट के अनुसार वह गांव बसंत, थाना गड़खा, जिला छपरा का रहने वाला है.
- इसमें यह भी लिखा गया है कि उसके घर में आज तक बाथरूम की सुविधा नहीं है.
- कमेंट के मुताबिक उसके पिता बेंगलुरु में लेबर का काम करते हैं और पूरा परिवार कर्ज में डूबा हुआ है.
- आगे लिखा गया है कि कोविड के दौरान उसने अपने पिता से 2 लाख रुपये किताब छपवाने के नाम पर लिए थे, लेकिन अब तक किताब नहीं छपवाई.
- कमेंट में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ साल पहले उसे जेल जाना पड़ा था.
- साथ ही यह लिखा गया है कि कर्ज ज्यादा होने के कारण वह गांव नहीं आता, और घर में फिलहाल सिर्फ उसकी दादी रहती हैं.
- जब हमने गड़खा थाना प्रभारी से फोन पर संपर्क किया, तो उन्होंने जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा कि वह अभी क्षेत्र में हैं और इस बारे में कुछ नहीं बता सकते.
- इसके बाद जब हमने दोबारा कॉल किया, तो थाना प्रभारी ने कहा कि इस संबंध में जानकारी के लिए कोर्ट से पता किया जाए.

अब आते हैं मैथमेटिक्स के लॉजिक पर कि इतना पैसा कब और कैसे बन सकता है
- उस लड़के ने दावा किया कि उसने 2022 में ₹30,000 की FD (फिक्स्ड डिपॉज़िट) की थी, जो 5 साल में ₹30,000 करोड़ हो जाएगी.
- यदि ₹30,000 को ₹30,000 करोड़ बनना है, तो उस पैसे को लगभग 1 करोड़ गुना (1,00,00,000 गुना) बढ़ना होगा. दुनिया का कोई भी बैंक या निवेश माध्यम 5 साल में ऐसा रिटर्न नहीं देता.
- भारत में FD पर ब्याज दर आमतौर पर 7–8 प्रतिशत होती है. इस दर से ₹30,000 पांच साल बाद लगभग ₹40,000 से ₹45,000 तक ही पहुंच सकते हैं.
- बाद में उस लड़के ने कहा कि वह बिटकॉइन में ट्रेडिंग करता है और उसने एक किताब भी लिखी है.
- यदि पैसा बिटकॉइन या किसी अन्य क्रिप्टो निवेश से कमाया गया है, तो उसे “बैंक की FD” कहना तकनीकी रूप से गलत है.
- बिटकॉइन में भी 2022 से अब तक ऐसा कोई उछाल नहीं आया है जिससे ₹30,000 की राशि हजारों करोड़ रुपये में बदल जाए.
- दुनिया के सबसे बड़े निवेशक, जैसे एलन मस्क या वॉरेन बफेट, भी इस तरह का असंभव रिटर्न हासिल नहीं कर पाए हैं.
- सोशल मीडिया के दौर में कुछ लोग आध्यात्मिक गुरुओं के बड़े मंचों का इस्तेमाल सिर्फ लाइमलाइट में आने के लिए करते हैं.
- ऐसे मंचों पर लाखों लोग लाइव देखते हैं, जहां हजारों करोड़ के दान जैसी बातें कहना सुर्खियां बटोरने का आसान तरीका बन जाता है, चाहे उसमें सच्चाई न के बराबर ही क्यों न हो.
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By अभिषेक पाण्डेय
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अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।
करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।
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