ट्रेन में चढ़ने से पहले तौल लो झोला, वजन बढ़ा तो रेलवे लगाएगा 6 गुना तक तगड़ा जुर्माना

Updated:
विज्ञापन

रेलवे स्टेशन पर सामान के साथ यात्री (Photo: AI)

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

Train Luggage Rules: ट्रेन में ज्यादा सामान लेकर सफर करना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है. जानें किस क्लास में कितने किलो सामान फ्री है और एक्स्ट्रा लगेज पर कितना चार्ज लगेगा.

विज्ञापन

Train Luggage Rules: अगर आप जल्द ही ट्रेन से सफर करने का प्लान बना रहे हैं, तो अपने सूटकेस और बैग्स का वजन एक बार जरूर जांच लें. भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए फ्री लगेज लिमिट (निःशुल्क सामान सीमा) और एक्स्ट्रा लगेज को लेकर नियम तय किए हैं. अक्सर देखा जाता है कि यात्री ज्यादा सामान उठाकर कोच में ले आते हैं, जिससे बाकी यात्रियों को परेशानी होती है. ऐसे में रेलवे चेकिंग के दौरान अगर आपका सामान तय सीमा से ज्यादा निकला, तो आपको रेलवे के नियमों के तहत भारी जुर्माना या पेनाल्टी देनी पड़ सकती है.

विज्ञापन

ये नियम उन सभी यात्रियों पर लागू होते हैं जिनके पास कन्फर्म टिकट या बर्थ है. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि किस क्लास में कितना सामान ले जाना फ्री है और नियम तोड़ने पर क्या-क्या हो सकता है.

किस क्लास में कितना सामान ले जाने की है छूट?

भारतीय रेलवे में सफर की हर श्रेणी (क्लास) के हिसाब से सामान की मुफ्त सीमा तय की गई है. एक यात्री अपने साथ कितना वजन फ्री में ले जा सकता है, उसकी सूची नीचे दी गई है:

यात्रा की श्रेणी (Class)फ्री सामान की सीमा (Free Limit)डिब्बे में रखने की अधिकतम सीमा (Max Compartment Limit)
AC First Class70 किलोग्राम150 किलोग्राम
AC 2-Tier / First Class50 किलोग्राम100 किलोग्राम
AC 3-Tier / AC Chair Car40 किलोग्राम40 किलोग्राम
Sleeper Class40 किलोग्राम80 किलोग्राम
Second Class35 किलोग्राम70 किलोग्राम

तय सीमा से ज्यादा सामान होने पर क्या करना होगा?

अगर आपका सामान फ्री लिमिट से अधिक है, लेकिन डिब्बे में रखने की अधिकतम सीमा (Maximum Limit) के भीतर है, तो उसे ट्रेन के ब्रेक वैन (Brake Van) में न भेजकर अपने पास रखा जा सकता है. इसके लिए आपको स्टेशन पर 1.5 गुना स्केल-एल (Scale-L) दरों का भुगतान करके उस एक्स्ट्रा लगेज की एडवांस बुकिंग करानी होगी.

वहीं, अगर आपका सामान डिब्बे की अधिकतम क्षमता से भी ज्यादा भारी है, तो उसे ट्रेन के कोच (कंपार्टमेंट) में रखने की अनुमति बिल्कुल नहीं होगी. ऐसे भारी सामान को ब्रेक वैन के जरिए भेजने के लिए ही बुक करना पड़ेगा.

बिना बुकिंग के ज्यादा सामान ले गए तो कितना जुर्माना लगेगा?

यदि यात्रा के दौरान या स्टेशन पर चेकिंग के वक्त आपके पास अनबुक्ड या आधा-अधूरा बुक किया हुआ एक्स्ट्रा सामान पकड़ा जाता है, तो रेलवे आपसे पेनाल्टी वसूल सकता है.

  • 6 गुना जुर्माना: बिना बुकिंग वाले अतिरिक्त सामान पर तय लगेज स्केल रेट से 6 गुना तक शुल्क (Charge) लगाया जा सकता है.
  • न्यूनतम शुल्क: कमर्शियल मैनुअल के अनुसार, कुछ खास मामलों में कम से कम ₹50 का न्यूनतम चार्ज तय है.
  • ध्यान रखें, यह जुर्माना आपके टिकट के दाम का 6 गुना नहीं होता, बल्कि यह एक्स्ट्रा वजन, दूरी और लगेज रेट पर निर्भर करता है.

बैग या सूटकेस का साइज कितना होना चाहिए?

सिर्फ वजन ही नहीं, बल्कि सामान के आकार (Dimensions) को लेकर भी रेलवे सख्त है:

  • साइज की सीमा: अगर आपके ट्रंक, सूटकेस या बॉक्स का आकार तय सीमा से बड़ा है, तो उसे कोच में रखने की इजाजत नहीं मिलेगी और उसे ब्रेक वैन में ही भेजना होगा.
  • AC 3-Tier और AC Chair Car: इन क्लास में रखे जाने वाले बैग या सूटकेस का अधिकतम साइज 55 सेमी × 45 सेमी × 22.5 सेमी होना चाहिए.
  • व्यापारिक सामान पर रोक: डिब्बे में अपने साथ व्यापारिक सामान (Merchandise) ले जाने की सख्त मनाही है. कमर्शियल या व्यापारिक सामान के लिए यात्रा से पहले स्टेशन के लगेज या पार्सल ऑफिस की मदद लेनी चाहिए.

ये भी पढ़ें: Coin Making Cost: आधा भारत नहीं जानता 1 रुपये का सिक्का कितने में बनता है, कीमत जानकर पकड़ लेंगे माथा

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola