मकान मालिक नहीं लौटा रहा सिक्योरिटी डिपॉजिट ? टेंशन छोड़िए और जानिए अपने ये कानूनी अधिकार

Published by : Abhishek Pandey Updated At : 24 May 2026 10:57 AM

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Security Deposit : क्या आपका मकान मालिक भी सिक्योरिटी डिपॉजिट लौटाने में आनाकानी कर रहा है? पेंटिंग और टूट-फूट के नाम पर पैसे काट रहा है? जानिए कानूनन आपके पास क्या अधिकार हैं और आप अपना पैसा कैसे वापस पा सकते हैं.

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Security Deposit : किराए के घर में रहने वाले ज्यादातर लोगों की एक ही कहानी है, जब घर में शिफ्ट होना हो, तो मकान मालिक पलकें बिछाए तैयार रहते हैं, लेकिन जब घर खाली करके सिक्योरिटी डिपॉजिट (Security Deposit) वापस मांगने की बारी आती है, तो उनके नखरे शुरू हो जाते हैं.

कोई पेंटिंग के नाम पर पैसे काट लेता है, तो कोई बिना किसी वजह के हफ्तों तक चक्कर कटवाता है. अगर आपका मकान मालिक भी ऐसा ही कुछ कर रहा है, तो डरने या चुप बैठने की जरूरत नहीं है. कानून आपके साथ है! आइए बेहद आसान शब्दों में समझते हैं कि ऐसे मामलों में आपके पास क्या अधिकार हैं और आप अपना पैसा कैसे वापस पा सकते हैं.

सिक्योरिटी डिपॉजिट का नियम क्या है ?

सिक्योरिटी डिपॉजिट वह एडवांस रकम होती है जो आप घर लेते समय मकान मालिक को देते हैं ताकि अगर आप किराया न दें या घर को कोई बड़ा नुकसान पहुँचाएं, तो वह उसकी भरपाई कर सके. नियम के मुताबिक, अगर आपने समय पर पूरा किराया दिया है. बिजली, पानी और सोसायटी के सारे बिल चुका दिए हैं.

घर को वैसी ही सही स्थिति में छोड़ा है जैसी वो थी. तो मकान मालिक को आपका पूरा पैसा वापस करना ही होगा. कानूनी जानकारों का कहना है कि ‘नॉर्मल वियर एंड टियर’ (यानी समय के साथ घर का थोड़ा-बहुत पुराना होना या दीवारों का हल्का गंदा होना) के नाम पर मकान मालिक पैसा नहीं काट सकता.

किन मामलों में मकान मालिक पैसा काट सकता है ?

मकान मालिक सिर्फ तभी पैसा काट सकता है जब उसके पास इसका ठोस कारण और सबूत हो, जैसे:

  • आपका कोई किराया या बिजली-पानी का बिल बाकी हो.
  • आपने घर की किसी बड़ी चीज को तोड़ दिया हो (जैसे खिड़की का कांच, सिंक या दरवाजा).
    रेंट एग्रीमेंट में पहले से लिखा हो कि घर छोड़ते समय पेंटिंग का खर्च किरायेदार देगा.
    अगर मकान मालिक पैसे काट रहा है, तो आपको उससे बाकायदा बिल या खर्च का हिसाब (Invoice) मांगने का पूरा हक है.

अगर मकान मालिक पैसा देने से मुकर जाए, तो सबसे पहले क्या करें?

घबराने के बजाय इन 4 स्टेप्स को फॉलो करें

  • स्टेप 1: रेंट एग्रीमेंट चेक करें: सबसे पहले अपने रेंट एग्रीमेंट को ध्यान से पढ़ें. उसमें साफ लिखा होता है कि घर खाली करने के कितने दिनों के भीतर (आमतौर पर 15 से 30 दिन) मकान मालिक को पैसे लौटाने होंगे.
  • स्टेप 2: सबूत जुटाएं: आपके पास किराया देने की रसीदें, बैंक ट्रांजैक्शन के स्क्रीनशॉट, बिल और मकान मालिक के साथ हुई व्हाट्सऐप (WhatsApp) चैट या ईमेल का रिकॉर्ड होना चाहिए.
  • स्टेप 3: घर की फोटो-वीडियो लें: घर खाली करते समय हर कमरे की साफ फोटो और वीडियो खींच लें. इससे मकान मालिक बाद में झूठ नहीं बोल पाएगा कि आपने घर में तोड़-फोड़ की है.
  • स्टेप 4: सोसायटी (RWA) से बात करें: कई बार बिल्डिंग या सोसायटी के मेंबर्स (RWA) की बीच-बचाव करने से भी बात बन जाती है.

बातचीत से बात न बने, तो कानूनी एक्शन कैसे लें?

अगर मकान मालिक अड़ियल है और सीधे मुंह बात नहीं कर रहा, तो आपके पास ये कानूनी रास्ते हैं.

  • लीगल नोटिस भेजें: आप किसी वकील के जरिए मकान मालिक को एक ऑफिशियल लीगल नोटिस भेज सकते हैं. कोर्ट-कचहरी के डर से ही 90% मकान मालिक इस नोटिस के बाद पैसा वापस कर देते हैं.
  • पुलिस या कोर्ट का रास्ता: अगर बात बहुत ज्यादा बढ़ जाए, वो आपको धमकी दे या पैसा हड़प ले, तो आप नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत कर सकते हैं या रेंट ट्रिब्यूनल/सिविल कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं.

भविष्य में इस झंझट से बचने के लिए जरूरी टिप्स

  • कभी भी बिना लिखित रेंट एग्रीमेंट के किराए पर न रहें.
  • मौखिक (Oral) बातों की कोर्ट में कोई वैल्यू नहीं होती.
    सिक्योरिटी डिपॉजिट हमेशा बैंक ट्रांसफर, चेक या ऑनलाइन (UPI/Net Banking) ही दें, ताकि आपके पास पुख्ता सबूत रहे.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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