श्रीलंका में अब कार खरीदना हुआ ‘महंगा’! मुद्रा को डूबने से बचाने के लिए सरकार ने लगाया 50% का भारी टैक्स

Sri Lanka Vehicle Import
Sri Lanka Vehicle Import: श्रीलंका में कारों का आयात हुआ बेहद महंगा! डॉलर के मुकाबले अपनी गिरती मुद्रा को बचाने के लिए सरकार ने लगाया 50% का भारी सरचार्ज. जानें भारत के पड़ोसी देश में क्यों पैदा हुए ये हालात.
Sri Lanka Vehicle Import: भारत के पड़ोसी देश श्रीलंका की आर्थिक मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं. अपनी करेंसी (श्रीलंकाई रुपया) की विनिमय दर में हो रही रिकॉर्ड गिरावट को थामने के लिए श्रीलंका सरकार ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है.
सरकार ने मोटरसाइकिल और ऑटो (तिपहिया वाहनों) को छोड़कर अन्य सभी तरह की कारों और वाहनों के आयात पर सीधे 50 प्रतिशत का भारी अधिभार (Surcharge/अतिरिक्त टैक्स) लगा दिया है. श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके द्वारा शनिवार 16 मई को जारी की गई आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, यह नया नियम तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है और अगले तीन महीनों तक जारी रहेगा.
क्यों उठाना पड़ा इतना सख्त कदम ?
इस फैसले के पीछे का सबसे बड़ा कारण है अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतें और डॉलर की मजबूती.
- ईरान युद्ध की मार: पश्चिम एशिया में चल रहे ईरान युद्ध के कारण ईंधन (Fuel) की कीमतें बहुत बढ़ गई हैं. श्रीलंका को तेल मंगाने के लिए अपनी उम्मीद से कहीं ज्यादा विदेशी मुद्रा (Forex) खर्च करनी पड़ रही है.
- करेंसी में भारी गिरावट: इस बाहरी दबाव की वजह से अकेले मई महीने के आधे बीतते-बीतते श्रीलंकाई मुद्रा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 3 प्रतिशत से अधिक टूट चुकी है.
- कमजोरी का आंकड़ा: इस साल की शुरुआत में जो डॉलर श्रीलंका के 309-310 रुपये के बराबर था, वह अब कमजोर होकर 322 श्रीलंकाई रुपये के पार निकल गया है.
“3 महीने के लिए खरीदारी टाल दें आयातक”
श्रीलंका के वित्त उपमंत्री अनिल जयंत फर्नांडो ने साफ किया कि यह कोई स्थायी कानून नहीं है, बल्कि एक अस्थायी इमरजेंसी कदम है. इस 50% टैक्स का सीधा मकसद यह है कि देश के कार आयातक (Importers) अगले तीन महीनों के लिए विदेशों से गाड़ियां मंगाना बंद कर दें या टाल दें. जब गाड़ियों का आयात रुकेगा, तो देश का कीमती विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) खर्च होने से बच जाएगा, जिससे श्रीलंकाई रुपये को संभलने का मौका मिलेगा.
श्रीलंका के इस फैसले की 3 बड़ी बातें
- मोटरसाइकिल और तिपहिया वाहनों (थ्री-व्हीलर्स) पर यह टैक्स नहीं लगेगा, जिससे आम जनता को थोड़ी राहत रहेगी. लेकिन कार, एसयूवी और अन्य लक्जरी गाड़ियां 50% तक महंगी हो जाएंगी.
- यह प्रतिबंध फिलहाल 16 मई से अगले 3 महीने के लिए लगाया गया है.
- विदेशी मुद्रा भंडार को बचाना और डॉलर की बढ़ती मांग को कम करना.
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By Abhishek Pandey
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