ग्लोबल लेवल पर बिकवाली के जोर से 894 अंक तक डूबा सेंसेक्स, 55 फीसदी तक गिरा येस बैंक का शेयर

Author : KumarVishwat Sen Published by : Prabhat Khabar Updated At : 06 Mar 2020 5:11 PM

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आरबीआई द्वारा गुरुवार की रात को निजी क्षेत्र के येस बैंक पर लगाये गये नियामकीय प्रतिबंध और एक महीने में 50,000 रुपये तक निकासी की सीमा तय किये जाने का असर शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजारों पर भी देखने को मिला. कारोबार की शुरुआत से ही बीएसई का प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स में करीब 1400 अंकों तक गिरावट दर्ज की गयी. हालांकि, पूरे दिन उतार-चढ़ाव कारोबार में बाजार में कुछ सुधार दिखा और अंत में यह करबी 894 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ. इस दौरान येस बैंक के शेयर करीब 55 फीसदी तक टूट गये.

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मुंबई : कोरोना वायरस को लेकर चिंता के बीच शुक्रवार को वैश्विक बाजारों में बिकवाली के जोर से बंबई शेयर बाजार के प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स में 894 अंक की भारी गिरावट दर्ज की गयी. इसके अलावा, निजी क्षेत्र के येस बैंक पर आरबीआई के नियामकीय अंकुशों से भी बाजार पर गहरा प्रभाव देखने को मिला. बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स कारोबार के दौरान एक समय 1,459 अंक तक नीचे आ गया था. अंत में यह 893.99 अंक या 2.32 फीसदी के नुकसान से 37,576.62 अंक पर बंद हुआ. इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 279.55 अंक या 2.48 फीसदी के नुकसान से 10,989.45 अंक पर आ गया.

दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक ने गुरुवार को निजी क्षेत्र के येस बैंक पर कई तरह के अंकुश लगाते हुए प्रत्येक खाते पर निकासी की सीमा 50,000 रुपये महीने तय कर दी. इसके अलावा, बैंक के निदेशक मंडल को भी भंग कर दिया गया है. इससे येस बैंक का शेयर 55 फीसदी टूट गया. बैंक कोई नया ऋण नहीं दे सकेगा और न ही पुराने कर्ज का नवीकरण कर सकेगा. इसके अलावा, वह किसी तरह का निवेश या किसी तरह के भुगतान की भी अनुमति नहीं दे सकेगा.

सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा स्टील का शेयर सबसे अधिक छह फीसदी नीचे आया. एसबीआई, इंडसइंड बैंक, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक और ओएनजीसी के शेयर भी नुकसान में रहे. वहीं, बजाज ऑटो, मारुति और एशियन पेंट्स के शेयर लाभ में रहे. अन्य एशियाई बाजारों में चीन का शंघाई, हांगकांग का हैंगसेंग, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की दो फीसदी से अधिक टूट गये. शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजार भी नुकसान में थे. ब्रेंट कच्चा तेल वायदा 2.54 फीसदी के नुकसान से 48.72 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. अंतर बैंक विदेशी विनियम बाजार में रुपया 32 पैसे टूटकर 73.24 प्रति डॉलर पर चल रहा था.

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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