रेपो रेट में कटौती कर सकता है आरबीआई, तीन अप्रैल से शुरू होगी मौद्रिक नीति समिति की बैठक
Author : KumarVishwat Sen Published by : Prabhat Khabar Updated At : 16 Mar 2020 6:17 PM
RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने सोमवार को दिये संकेत
मुंबई : रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने सोमवार को नीतिगत दर में कटौती के संकेत दिये. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर तीन अप्रैल को होने वाली अगली मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दर में कटौती समेत और कदम उठाये जा सकते हैं. साथ ही, उन्होंने तंत्र में नकदी बढ़ाने के और उपायों की भी घोषणा की. कोरोना वायरस संक्रमण के कारण वैश्विक और घरेलू बाजार में जारी नरमी के बीच उन्होंने यह बात कही. रिजर्व बैंक ने अचानक से दोपहर में संवाददाता सम्मेलन बुलाये जाने की सूचना दी. इसको देखते हुए बाजार नीतिगत दर में कटौती की उम्मीद कर रहा था.
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने पिछले 10 दिनों में नीतिगत दर में दोबारा कटौती की और यह शून्य के करीब पहुंच गयी है. इसी प्रकार, बैंक ऑफ इंग्लैंड ने भी नीतिगत दर में 0.50 फीसदी की कटौती की है. यूरोपीय सेंट्रल बैंक ने भी इसी प्रकार का कदम उठाया है. उन्होंने कहा कि कानून के तहत नीतिगत दर में कटौती मौद्रिक नीति समिति की बैठक में होने वाले निर्णय के जरिये होती है, लेकिन वह किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रहे. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर अगली मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दर में कटौती समेत और कदम उठाये जा सकते हैं.
आरबीआई ने नकदी बढ़ाने के इरादे से विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में 23 मार्च को बिक्री-खरीद अदला-बदली के जरिये 2 अरब डॉलर डालने की घोषणा की है. इसके साथ ही, जरूरत पड़ने पर रेपो दर पर दीर्घकालीन एक लाख करोड़ रुपये मूल्य के बांड की खरीद-फरोख्त का एक और दौर शुरू करेगा.
यस बैंक के बारे में दास ने कहा कि यस बैंक संकट के समाधान को लेकर सरकार तथा केंद्रीय बैंक ने त्वरित कदम उठाये हैं. यस बैंक का पुनर्गठन भरोसेमंद और मजबूत है. उन्होंने कहा कि यस बैंक में जमाकर्ताओं का धन पूर्ण रूप से सुरक्षित और बैंक निजी क्षेत्र की इकाई बना रहेगा. आरबीआई गवर्नर ने कहा कि निजी क्षेत्र के छोटे बैंकों समेत सभी बैंकों की सेहत बेहतर है और यस बैंक मजबूत पुनरुद्धार योजना के अंतर्गत है.
उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना वायरस के कारण घरेलू और वैश्विक आर्थिक वृद्धि पर असर पड़ेगा. दास ने कहा कि आरबीआई के पास कई कोरोना वायरस महामारी के प्रभाव से निपटने को लेकर कई नीतिगत उपाय हैं और वह उसके लिए तैयार है.
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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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