Ration Card: क्या राशन कार्ड के बगैर मिल सकता है राष्ट्रीय आरोग्य निधि के तहत वित्तीय लाभ?
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से पूछा क्या राशन कार्ड के अलावा किसी अन्य दस्तावेज के आधार पर एक परिवार की वित्तीय स्थिति दर्शाकर एक व्यक्ति को राष्ट्रीय आरोग्य निधि (आरएएन) के तहत वित्तीय लाभ दिया जा सकता है.
क्या राशन कार्ड के बगैर राष्ट्रीय आरोग्य निधि के तहत मिल सकता है वित्तीय लाभ? यह सवाल दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से पूछा है. कोर्ट ने केंद्र को बताने के लिए समय भी दिया है.
क्या अन्य दस्तावेज के आधार पर भी मिल सकता है राष्ट्रीय आरोग्य निधि का लाभ?
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से पूछा क्या राशन कार्ड के अलावा किसी अन्य दस्तावेज के आधार पर एक परिवार की वित्तीय स्थिति दर्शाकर एक व्यक्ति को राष्ट्रीय आरोग्य निधि (आरएएन) के तहत वित्तीय लाभ दिया जा सकता है.
एप्लास्टिक एनीमिया से पीड़ित एक महिला की याचिका पर कोर्ट ने मांगा केंद्र से जवाब
कोर्ट ने केंद्र से यह सवाल एप्लास्टिक एनीमिया से पीड़ित एक महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए पूछा. दरअसल योजना के तहत वित्तीय सहायता के लिए एम्स से किया गया अनुरोध राशन कार्ड की अनुपलब्धता के कारण खारिज कर दिया गया था.
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कोर्ट ने केंद्र को राशन कार्ड के बगैर राष्ट्रीय आरोग्य निधि का लाभ लेने के उपाय पर विचार करने का दिया निर्देश
कोर्ट ने कहा, यह स्पष्ट है कि याचिकाकर्ता के लिए इलाज का लाभ उठाने के लिए राशन कार्ड जमा करना असंभव प्रतीत होता है. ऐसी परिस्थिति में अदालत भारत सरकार को इस बात पर विचार करने का निर्देश देती है कि क्या कोई अन्य दस्तावेज हो सकता है जो याचिकाकर्ता द्वारा यह स्थापित करने की शर्त को पूरा करने के लिए प्रस्तुत किया जा सके कि पूरे परिवार की आय का स्तर योजना के तहत निर्धारित सीमा के भीतर है.
क्या है राष्ट्रीय आरोग्य निधि
आरएएन गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले उन रोगियों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है, जो गंभीर जानलेवा बीमारियों से पीड़ित हैं, ताकि उन्हें अति विशिष्ट अस्पतालों और अन्य सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा उपचार प्राप्त करने में मदद मिल सके.
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By ArbindKumar Mishra
अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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