Ratan Tata: कभी बिकने के कगार पर पहुंच गयी थी टाटा की ये कंपनी, पिछले 4 साल में निवेशकों के लिए बन गयी पारस पत्थर

Published by : Madhuresh Narayan Updated At : 23 Feb 2024 4:11 PM

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Ratan Tata: टाटा मोटर्स के शेयर ने पिछले एक साल में निवेशकों का पैसा डबल कर दिया है. 22 फरवरी 2023 से आज तक में निवेशकों को 114.58 प्रतिशत यानी 492 रुपये प्रति शेयर का रिटर्न मिला है.

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Ratan Tata: भारतीय उद्योग का नाम आते ही मन में पहना नाम देश के सबसे पुराने उद्योग घराने टाटा ग्रुप का आता है. निवेशकों के लिए ये सबसे भरोसेमंद कंपनी रही है. हालांकि, इन दिनों टाटा मोटर्स काफी चर्चा में बनी हुई है. कंपनी के शेयर ने बाजार में धमाल मचा रखा है. टाटा मोटर्स के शेयर ने पिछले एक साल में निवेशकों का पैसा डबल कर दिया है. 22 फरवरी 2023 से आज तक में निवेशकों को 114.58 प्रतिशत यानी 492 रुपये प्रति शेयर का रिटर्न मिला है. पिछले एक महीने में कंपनी ने निवेशकों को 15.12 प्रतिशत और छह महीने में 48.58 प्रतिशत का रिटर्न दिया है. साल 2020 के कोविड काल में भी टाटा के स्टॉक ने निवेशकों की बिगड़ी किस्मत को सुधारने का काम किया. वर्तमान में कंपनी का मार्केट कैप करीब 3.37 लाख करोड़ रुपये आंका जाता है. मगर क्या आप जानते हैं कि एक वक्त पर टाटा ग्रुप की ये कंपनी भयंकर घाटे में चली गयी थी. रतन टाटा ने इसे बेचने का प्लान बना लिया था.

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फोर्ड के साथ समझौता कर रही थी कंपनी


बताया जाता है कि 90 के दशक में भारतीय पैसेंजर मोटर कार बाजार पर मारूति का बड़ा राज था. ऐसे में बढ़ते घाटे के कारण रतन टाटा ने अपनी कंपनी के पैसेंजर कार डिवीजन को बेचने का फैसला किया. टाटा ने इसके लिए उस वक्त की दिग्गज ऑटो कंपनी Ford Motors से डील लगभग फाइनल कर ली. मगर, मीटिंग के दौरान फोर्ड चेयरमैन Bill Ford ने ऐसी बात की कि वो बात रतन टाटा के दिल में लग गयी. बताया जाता है कि मीटिंग के दौरान अमेरिका में बिल फोर्ड ने रतन टाटा और टाटा ग्रुप का मजाक उड़ाते हुए कहा कि अगर टाटा ग्रुप और आपके पास पैसेंजर कार बनाने से जुड़ी कुछ भी जानकारी नहीं है को फिर आपने ये डिवीजन की आखिर शुरुआत क्यों की. अगर, हम आपके बिजनेस को खरीदते हैं तो ये आपके ऊपर एक परोपकार होगा.

रतन टाटा ने खरीद लिये फोर्ड का दो ब्रांड


ऐसा कहा जाता है कि रतन टाटा को ये बात इतनी बुरी लगी कि उन्होंने अपने ब्रांड को फिर से खड़ा करने का मन बना लिया. उन्होंने सबसे पहले टाटा मोटर्स को बेचने का प्लान ड्राप किया और केवल 9 सालों में दिवालिया होने के कगार पर पहुंच चुकी कंपनी को प्रॉफिट मेकिंग कंपनी बना दिया. यही नहीं, कुछ ही, दिनों के बाद, टाटा मोटर्स ने Ford Motors के दो ब्रांड Jaguar और Land Rover को खरीदने की भी पेशकश कर डाली. ऐसे में रतन टाटा और बिल फोर्ड टेबल पर आमने सामने बैठे. मगर, बिल फोर्ड का सुर बदला हुआ था. उन्होंने रतन टाटा का धन्यवाद देते हुए कहा कि आप जैगुआर-लैंड रोवर को खरीदकर हमारे ऊपर परोपकार कर रहे हैं.

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