1. home Home
  2. business
  3. railways abolished more than 12000 posts latest updates irctc indian railway news prt

Railway News/IRCTC: इन पदों पर नहीं होगी नियुक्ति, रेलवे ने इस कारण खत्म दिया 12 हजार से ज्यादा पद

आउटसोर्सिंग और नई तकनीक के कारण रेलवे ने 12 हजार से अधिक पद खत्म कर दिए हैं. यानी अब इन पदों पर किसी की बहाली नहीं होगी.कई ट्रेनों में इलेक्ट्रिकल और मैकैनिकल तकनीशियन, कोच में सहायक, ऑनबोर्ड सफाई समेत कई और काम ठेके पर दे दिये गए हैं.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
Railway news
Railway news
Twitter
  • 5 सालों में रेलवे खत्म कर चुका है 12 हजार से ज्यादा पद

  • खर्च में कटौती और तकनीक में सुधार के कारण की कई कमी

  • 2015 से 2021 के बीच रेलवे के सभी 16 जोनों में की कई कमी

Railway News/IRCTC: अपने खर्च में कटौती समेत कई मुद्दों को लेकर रेलवे बीते 5 सालों में 12 हजार पदों को खत्म कर चुका है. आउटसोर्सिंग और नई तकनीक के कारण रेलवे ने 12 हजार से अधिक पद खत्म कर दिए हैं. यानी अब इन पदों पर किसी की बहाली नहीं होगी. कई ट्रेनों में इलेक्ट्रिकल और मैकैनिकल तकनीशियन, कोच में सहायक, ऑनबोर्ड सफाई समेत कई और काम ठेके पर दे दिये गए हैं. इन पदों पर नियुक्ति नहीं हो रही है. गौरतलब है कि जहां रेलवे आधुनिकता की पटरी पर दौड़ लगाने के लिए कमर कस चुका है. वहीं बीते 5 सालों में कई पद खत्म कर दिए गये हैं.

जिन पदों को रेलवे ने खत्म किया है, उनमें अधिकारी और कर्मचारी दोनों वर्गों के पद शामिल हैं. आंकड़ों के उनुसार रेलवे ने 14 अधिकारियों के पद और 63 इंस्पेक्टर के पद खत्म कर दिए गए हैं. वहीं पद समाप्त करने को लेकर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि, पदों को समाप्त करने की प्रक्रिया रेलवे कर्मचारियों के कार्य प्रदर्शन के आधार पर की जा रही है.

तकनीकि विकास से मैन पावर की जरूरत कम: आधुनिकता के रंग में रंग रहे रेलवे का इन दिनों खूब तकनीकि विकास हुआ है. इसके कारण कई पद ऐसे हो गये जिसकी अब रेलवे को कोई जरूरत नहीं रही. ऐसे में रेलवे ने उन्हें बंद करने का फैसला कर लिया. आंकड़ो की माने तो 2015 से 2021 के बीच रेलवे के सभी 16 जोनों में 12 हजार पदों को खत्म कर दिया गया है.

गौरतलब है कि रेलवे खर्चों में कटौती करने की कोशिश में हैं. फिलहाल भारतीय रेलवे में करीब 13 लाख से अधिक कर्मचारी हैं. रेलवो को जो कमाई होती है, उसका अधिकांश हिस्सा रेलकर्मियों के वेतन-भत्ते और अन्य सुविधाओं पर खर्च हो जाता है. इसके साथ साथ रेलवे में तकनीक विकास ने कई पदों की जरूरत को कम कर दिया है.

Posted by: Pritish Sahay

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें