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Lockdown के दौरान COVID19 के खिलाफ निजी कंपनियों के बढ़ने लगे मदद के हाथ

Updated at : 25 Mar 2020 7:26 PM (IST)
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Lockdown के दौरान COVID19 के खिलाफ निजी कंपनियों के बढ़ने लगे मदद के हाथ

देश में कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप के प्रसार को रोकने के लिए मंगलवार की आधी रात से लागू लॉकडाउन की स्थिति में निजी कंपनियों का कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के दायरे में मदद का हाथ बढ़ाने का सिलसिला जारी है.

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नयी दिल्ली : देश में कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप के प्रसार को रोकने के लिए मंगलवार की आधी रात से लागू लॉकडाउन की स्थिति में निजी कंपनियों का कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के दायरे में मदद का हाथ बढ़ाने का सिलसिला जारी है. इसी क्रम में बुधवार को मोबाइल कंपनी वीवो ने जहां एक लाख मास्क देने की पेशकश की है. वहीं, एमजी मोटर ने हरियाणा के गुड़गांव और गुजरात के हलोल के सरकारी अस्पतालों को दो करोड़ रुपये का अनुदान देने की घोषणा की है.

बता दें कि कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने सोमवार को एक अधिसूचना जारी कर कहा था कि कंपनियां अपने सीएसआर कोष का पैसा कोरोना वायरस से निपटने पर खर्च कर सकती हैं. कंपनी अधिनियम 2013 के अनुसार, कंपनियां को अपने मुनाफे का एक निश्चित प्रतिशत सीएसआर पर खर्च करना होता है. वीवो इंडिया ने एक बयान में कहा कि महाराष्ट्र सरकार को एक लाख चिकित्सा मास्क के साथ 5,000 एन-95 मास्क देने की घोषणा की है.

महाराष्ट्र में मंगलवार के बाद से अब तक कोरोना वायरस के पांच नये मामले सामने आये हैं. इस तरह राज्य में यह संख्या 112 हो गयी है, जो देश में सबसे अधिक है. स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या बढ़कर 562 हो गयी है. कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए सरकार ने देशभर में 21 दिन की सार्वजनिक बंदी की है.

इस बीच, एमजी मोटर ने बुधवार को एक बयान कहा कि कंपनी गुड़गांव और हलोल में सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों को दो करोड़ रुपये का अनुदान देगी. कंपनी ने कहा कि इसमें एक करोड़ रुपये का अनुदान कंपनी खुद से देगी, जबकि एक करोड़ रुपये उसके देशभर के करीब 5,000 कर्मचारी आपस में संग्रह करके देंगे.

इससे पहले हीरो समूह कोरोना वायरस से निपटने के लिए अलग से 100 करोड़ रुपये की आकस्मिक निधि बनाने की घोषणा कर चुका है, जबकि कई अन्य कंपनियां भी इसमें मदद के लिए आगे आयीं हैं.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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