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मुकेश अंबानी की रिलायंस ने किया REC सोलर होल्डिंग्स का अधिग्रहण, 771 मिलियन यूएस डॉलर में हुआ सौदा

Reliance Acquires REC Solar चाइना नेशनल ब्लूस्टार (ग्रुप) का आरईसी सोलर होल्डिंग्स एएस अब रिलायंस इंडटस्ट्रीज का हो चुका है. RREL की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी रिलायंस न्यू एनर्जी सोलर लिमिटेड ने चाइना नेशनल ब्लूस्टार (ग्रुप) से आरईसी ग्रुप की 100 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा की है.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी.
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी.
फाइल फोटो.

Reliance Acquires REC Solar: चाइना नेशनल ब्लूस्टार (ग्रुप) का आरईसी सोलर होल्डिंग्स एएस (REC Group) अब रिलायंस इंडटस्ट्रीज का हो चुका है. आरआईएल की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी रिलायंस न्यू एनर्जी सोलर लिमिटेड (RNESL) ने चाइना नेशनल ब्लूस्टार (ग्रुप) से आरईसी ग्रुप की 100 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा की है. यह सौदा 77.1 करोड़ अमेरिकी डॉलर यानी करीब 5792.64 करोड़ रुपये के एंटरप्राइज मूल्य पर फाइनल हुआ है.

आरईसी विश्व स्तर पर एक विश्वसनीय ब्रांड है जो इनोवेशन के लिए जानी जाती है. आरईसी के अधिग्रहण से रिलायंस की पहुंच अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और एशिया के साथ दुनिया भर के सौर ऊर्जा बाजारों में हो जाएगी. रिलायंस आरईसी की बेहतरीन तकनीकों का इस्तेमाल, जामनगर में बनने वाले धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स में करेगी. जिसकी क्षमता 4 जीडब्ल्यू प्रति वर्ष से शुरू करके 10 जीडब्ल्यू प्रति वर्ष तक बढ़ने की योजना है.

एक ओर जहां आरईसी के पास बेहतरीन सोलर तकनीक है. वहीं, रिलायंस के पास बड़े पैमाने पर प्रोजेक्ट लगाने और उसे उत्कृष्टता से चलाने का दशकों का अनुभव है. दोनों साथ मिलकर धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स में अत्याधुनिक नेक्स्ट जनरेशन पूरी तरह से एकीकृत पीवी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी लगाएंगे. बाद में दुनिया भर में इसी तरह की बड़ी निर्माण सुविधाएं लगाई जा सकती हैं.

बेहद कम कार्बन फुटप्रिंट वाली आरईसी के पास 600 से अधिक उपयोगिता और डिजाइन पेटेंट हैं. जिनमें से 446 स्वीकृत हैं, जबकि शेष का मूल्यांकन किया जा रहा है. दुनिया भर में आरईसी में तेरह सौ से अधिक कर्मचारी काम करते हैं. लेन-देन के बाद वे रिलायंस परिवार का हिस्सा बन जाएंगे. रिलायंस के महत्वाकांक्षी ग्रीन एनर्जी मिशन को गति देंगे. आरईसी की फ्रांस, अमेरिका और सिंगापुर में विस्तार योजनाओं को रिलायंस अपना पूरा सपोर्ट देगी.

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने इस अधिग्रहण पर कहा कि मैं आरईसी के अधिग्रहण से बेहद खुश हूं, क्योंकि यह सूर्य देव की असीमित और साल भर मिलने वाली सौर शक्ति का दोहन करने में मदद करेगा. यह अधिग्रहण दशक के अंत से पहले 100 गीगावाट क्लीन और ग्रीन एनर्जी बनाने के रिलायंस के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, नई व एडवांस्ड टेक्नोलॉजीज और परिचालन क्षमताओं में निवेश करने की हमारी रणनीति के अनुरूप है.

मुकेश अंबानी ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी का लक्ष्य 2030 तक भारत में 450 गीगावाट रिन्युएबल ऊर्जा का उत्पादन है और इसे प्राप्त करने में किसी एकल कंपनी का यह सबसे बड़ा योगदान होगा. यह भारत को जलवायु संकट से उबारने और ग्रीन एनर्जी में वर्ल्ड लीडर बनने में मदद करेगा. उन्होंने आगे कहा कि हालिया निवेशों के साथ रिलायंस अब वैश्विक स्तर पर एकीकृत फोटोवोल्टिक गीगा फैक्ट्री स्थापित करने और भारत को कम लागत और उच्चतम दक्षता वाले सौर पैनलों के मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाएगा.

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन ने कहा कि हम वैश्विक कंपियों के साथ निवेश, निर्माण और सहयोग करना जारी रखेंगे ताकी भारत और दुनिया भर के बाजारों में ग्राहकों को किफायती कीमतों पर उच्च गुणवत्ता और विश्वसनीय प्रॉडक्ट दे सकें. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में डिसेंट्रलाइज्ड तरीके से लाखों हरित रोजगारों के अवसर पैदा होंगे, इन अवसरों को लेकर मैं बेहद उत्साहित हूं.

उल्लेखनीय है कि आरईसी एक मल्टीनेशनल सोलर एनर्जी कंपनी है. कंपनी का मुख्यालय नॉर्वे में और इसका ऑपरेशनल मुख्यालय सिंगापुर में है. उत्तरी अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और एशिया-प्रशांत में कंपनी के क्षेत्रीय केंद्र हैं. नॉर्वे में दो और सिंगापुर में एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है. कंपनी अपनी तकनीकी इनोवेशन, उच्च दक्षता के साथ किफायती सौर ऊर्जा पैनल्स के निर्माण के लिए जानी जाती है. 25 वर्षों के अनुभव के साथ यह दुनिया की अग्रणी सौर सेल/पैनल और पॉलीसिलिकॉन निर्माण कंपनियों में से एक है.

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