ईरान-अमेरिका तनाव पर बाजार की नजर, कच्चे तेल की 6% तेजी पर लगा ब्रेक, ब्रेंट 89 डॉलर से नीचे

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Oil Price Today: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में मंगलवार को तेजी थम गई. पिछले दो कारोबारी सत्रों में करीब 6% की बढ़त के बाद ब्रेंट क्रूड 89 डॉलर प्रति बैरल से नीचे कारोबार कर रहा था, जबकि अमेरिकी बेंचमार्क WTI करीब 83 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा.

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Oil Price Today: बाजार में एक ओर ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव से सप्लाई को लेकर चिंता है, तो दूसरी ओर संभावित सीजफायर की खबरों से तेल की कीमतों पर दबाव भी बना हुआ है.

ईरान-अमेरिका तनाव से क्यों बढ़ी चिंता?

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमलों का सिलसिला जारी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद ईरान को इसकी कीमत चुकाने की चेतावनी दी है. इसके जवाब में ईरान ने कुवैत पर हमले किए हैं. इससे यह डर बढ़ गया है कि संघर्ष मिडिल ईस्ट के दूसरे हिस्सों तक भी फैल सकता है. इस बीच, ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के समुद्री यातायात को रोकने की धमकी दी है. इससे सऊदी अरब के तेल निर्यात पर असर पड़ने की चिंता बढ़ी है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में क्या हुआ?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही भी काफी धीमी हो गई है. यह दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है. यहां ईरानी हमलों के बाद कारोबारी जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. टैंकर ऑपरेटर Dynacom Tankers के मुताबिक, उसके दो जहाजों पर हमला हुआ. इनमें एक सुपरटैंकर और एक छोटा फ्यूल टैंकर शामिल है. वहीं, UK Maritime Trade Operations ने बताया कि ओमान के उत्तर-पूर्व में एक अन्य टैंकर को अज्ञात प्रोजेक्टाइल से नुकसान पहुंचा है. हालांकि, इस घटना का ईरान-अमेरिका संघर्ष से सीधा संबंध अभी साफ नहीं है.

जहाजों के क्रू को मिल रहा भारी बोनस?

इस खतरनाक समुद्री रास्ते से गुजरने के लिए जहाज मालिक अब क्रू मेंबर्स को अतिरिक्त पैसे की पेशकश कर रहे हैं. Bloomberg के मुताबिक, दुनिया के बड़े सुपरटैंकर मालिकों में शामिल Sinokor Group ने होर्मुज के रास्ते आने-जाने वाली यात्रा पूरी करने वाले कर्मचारियों को छह महीने की अतिरिक्त सैलरी देने की पेशकश की है.

फिर तेल की कीमतों में तेजी क्यों थमी?

बाजार अब सिर्फ सैन्य तनाव पर नहीं, बल्कि बातचीत और सीजफायर की संभावनाओं पर भी नजर रख रहा है. ईरान ने कहा है किकुछ देश अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम कराने की कोशिश कर रहे हैं. Reuters के मुताबिक, करीब 10 दिन के सीजफायर को लेकर भी बातचीत चल रही है.

यही वजह है कि सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंता के बावजूद कच्चे तेल की कीमतों में मंगलवार को नई तेजी नहीं आई. अब तेल बाजार की अगली दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि मिडिल ईस्ट का तनाव और बढ़ता है या बातचीत से हालात कुछ शांत होते हैं.

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सौम्या शाहदेव

लेखक के बारे में

By सौम्या शाहदेव

सौम्या शाहदेव प्रभात खबर डिजिटल में बिजनेस कंटेंट राइटर हैं. वह शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, टैक्स, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग और रोजमर्रा की आर्थिक खबरों को सरल और सटीक भाषा में पाठकों तक पहुंचाती हैं. उनका फोकस ऐसी खबरें लिखने पर रहता है जो सीधे आम लोगों की जिंदगी और जेब पर असर डालती हैं.

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