ITR Filing 2026: सेविंग अकाउंट के ब्याज को छिपाया तो लग सकता है जुर्माना, गंभीर मामलों में हो सकती है जेल

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क्या आप ITR भरते समय सेविंग अकाउंट के ब्याज को अनदेखा कर देते हैं? यह गलती टैक्स नोटिस या जुर्माने का कारण बन सकती है. जानें कैसे बचाएं खुद को और पाएं टैक्स छूट.

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इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने का सीजन चल रहा है. ऐसे में अधिकांश लोग सैलरी, FD और अन्य आय का हिसाब तो जोड़ लेते हैं, लेकिन कई बार सेविंग अकाउंट (Savings Account) में मिले ब्याज को बताना भूल जाते हैं. यही छोटी सी गलती आगे चलकर टैक्स नोटिस या पेनल्टी का कारण बन सकती है.

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हालांकि, यह समझना जरूरी है कि केवल ब्याज मिलने से किसी को जेल नहीं हो जाती. जेल जैसी कार्रवाई केवल गंभीर मामलों में होती है, जब कोई व्यक्ति जानबूझकर आय छिपाता है, गलत जानकारी देता है या टैक्स चोरी करता है. इसलिए ITR भरते समय सही और पूरी जानकारी देना सबसे सुरक्षित तरीका है.

क्या सेविंग अकाउंट का ब्याज टैक्सेबल होता है?

हां. सेविंग अकाउंट पर मिलने वाला ब्याज Income from Other Sources के तहत आता है.

इसका मतलब है कि.

  • बैंक से मिला कुल ब्याज आपकी सालाना आय में जोड़ा जाता है.
  • इसके बाद आपकी टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स की गणना होती है.
  • यदि आपके एक से अधिक सेविंग अकाउंट हैं, तो सभी खातों का ब्याज जोड़कर ITR में दिखाना होता है.

बैंक अकाउंट का ब्याज कैसे पता करें?

ब्याज की जानकारी आप आसानी से प्राप्त कर सकते हैं.

  • बैंक स्टेटमेंट देखकर.
  • पासबुक एंट्री से.
  • नेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग ऐप से.
  • बैंक द्वारा जारी Interest Certificate से.

ITR भरने से पहले सभी खातों का ब्याज जोड़ना जरूरी है.

Section 80TTA के तहत कितनी छूट मिलती है?

यदि आपकी उम्र 60 वर्ष से कम है, तो Income Tax Act की Section 80TTA के तहत सेविंग अकाउंट के ब्याज पर अधिकतम ₹10,000 तक की टैक्स कटौती मिल सकती है.

यह सुविधा.

  • व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स.
  • HUF (हिंदू अविभाजित परिवार).

के लिए उपलब्ध है.

Section 80TTB का लाभ किन्हें मिलता है?

वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) के लिए Section 80TTB लागू होती है.

इसके तहत.

  • अधिकतम ₹50,000 तक ब्याज पर टैक्स छूट मिल सकती है.
  • इसमें सेविंग अकाउंट के साथ कुछ अन्य बैंक ब्याज भी शामिल हो सकते हैं, जैसा कि आयकर कानून में निर्धारित है.

क्या New Tax Regime में यह छूट मिलेगी?

नहीं.

Section 80TTA और Section 80TTB दोनों का लाभ केवल Old Tax Regime चुनने वाले टैक्सपेयर्स को मिलता है.

यदि आपने New Tax Regime चुनी है, तो इन धाराओं के तहत डिडक्शन उपलब्ध नहीं होगा.

ब्याज की जानकारी नहीं देने पर क्या हो सकता है?

यदि ITR में बैंक ब्याज की जानकारी छूट जाती है, तो आयकर विभाग उपलब्ध डेटा के आधार पर इसे पकड़ सकता है.

संभावित कार्रवाई.

  • टैक्स की दोबारा गणना.
  • ब्याज और पेनल्टी.
  • नोटिस जारी होना.
  • गंभीर मामलों में, यदि जानबूझकर आय छिपाने या टैक्स चोरी का मामला साबित हो, तो आयकर कानून के तहत अभियोजन (Prosecution) और जेल का प्रावधान भी हो सकता है.

महत्वपूर्ण: हर गलती पर जेल नहीं होती. जेल का प्रावधान केवल गंभीर और जानबूझकर किए गए टैक्स चोरी के मामलों में लागू हो सकता है.

ITR भरते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • सभी बैंक खातों का ब्याज जोड़ें.
  • Interest Certificate या बैंक स्टेटमेंट से राशि मिलान करें.
  • सही टैक्स रिजीम चुनें.
  • यदि पात्र हैं तो 80TTA या 80TTB का लाभ जरूर लें.
  • किसी भी आय को छिपाने की कोशिश न करें.

Old Tax Regime और New Tax Regime में अंतर

विषयOld Tax RegimeNew Tax Regime
Section 80TTAउपलब्धउपलब्ध नहीं
Section 80TTBउपलब्धउपलब्ध नहीं
सेविंग अकाउंट ब्याज दिखानाजरूरीजरूरी

किसे सबसे ज्यादा फायदा होगा?

इन नियमों की जानकारी विशेष रूप से.

  • नौकरीपेशा कर्मचारियों.
  • पेंशनर्स.
  • वरिष्ठ नागरिकों.
  • कई बैंक अकाउंट रखने वाले लोगों.
  • ITR पहली बार भरने वाले टैक्सपेयर्स.


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