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गेहूं-चावल, ब्यूटी प्रोडक्ट्स और रेस्टोरेंट खर्च का भी हिसाब मांगेगा इनकम टैक्स! ये हैं कारण

Updated at : 28 Feb 2025 9:25 PM (IST)
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Income Tax Alert

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Income Tax: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट अब आपके गेहूं, चावल, ब्यूटी प्रोडक्ट्स, रेस्टोरेंट बिल और अन्य खर्चों पर नजर रख सकता है. यदि आपकी आय और खर्च में अंतर दिखता है, तो आपको स्पष्टीकरण देना पड़ सकता है.

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Income Tax: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट अब आपके रोजमर्रा के खर्चों का भी हिसाब मांग सकता है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट गेहूं, चावल, ब्यूटी प्रोडक्ट्स, स्पा, रेस्तरां बिल, गिफ्ट और बीमा की खरीद पर भी नजर रख रहा है. यदि आईटीआर (इनकम टैक्स रिटर्न) में आपकी घोषित आमदनी और लाइफस्टाइल में बड़ा अंतर दिखता है, तो आपको इन खर्चों का पूरा हिसाब देना पड़ सकता है.

इनकम टैक्स स्क्रूटनी में मांगे जाएंगे खर्चों के डिटेल्स

मनी कंट्रोल हिंदी की एक रिपोर्ट के अनुसार, यदि आप महंगी गाड़ियां, रेस्तरां में भोजन, बड़े आयोजनों में भागीदारी और ब्रांडेड उत्पाद खरीद रहे हैं, लेकिन आपकी घोषित आमदनी कम है, तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को शक हो सकता है. वह बहुत ही आसानी से यह समझ लेगा कि आपकी कुछ आमदनी अघोषित भी है.

इन खर्चों का हिसाब मांग सकता है इनकम टैक्स

  • राशन और घरेलू खर्च: गेहूं, चावल, दाल, मसाले, तेल, गैस और बिजली बिल
  • फैशन और ब्यूटी खर्च: कपड़े, जूते, ब्यूटी प्रोडक्ट्स, स्पा, इत्र और हेयर कट
  • रहन-सहन खर्च: किराया, कार चलाने का खर्च, कार और हेल्थ इंश्योरेंस
  • सामाजिक आयोजनों और गिफ्ट का खर्च: शादी, जन्मदिन और अन्य समारोहों में उपहार
  • बच्चों की शिक्षा: स्कूल फीस, किताबें, ट्यूशन फीस
  • खाने-पीने का खर्च: रेस्टोरेंट बिल, फूड डिलीवरी खर्च

इन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं

अगर आप अपनी आमदनी के हिसाब से टैक्स भर रहे हैं और सभी वित्तीय लेन-देन का सही रिकॉर्ड रख रहे हैं, तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है. अगर आपकी आमदनी और खर्चों में असमानता है, तो यह आपके लिए समस्या खड़ी कर सकता है.

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ऐसे बच सकते हैं इनकम टैक्स की स्क्रूटनी से

  • सभी बड़े खर्चों की रसीद और बैंक स्टेटमेंट संभालकर रखें.
  • अपनी घोषित आय के अनुसार खर्च करें और कैश ट्रांजेक्शन से बचें.
  • कोई भी बड़ा खर्च करने से पहले उसके स्रोत को सुनिश्चित करें.
  • टैक्स रिटर्न भरते समय अपनी सभी इनकम को सही तरीके से घोषित करें.

अगर आप भी अपनी आमदनी और खर्च में संतुलन बनाए रखते हैं, तो आयकर विभाग की स्क्रूटनी से बच सकते हैं. अपने वित्तीय दस्तावेज सही तरीके से मेंटेन करें और हर लेन-देन को पारदर्शी रखें.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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