Do You Know? गेम शो या लॉटरी जीतनेवाले को प्राइज मनी पर चुकाना होता है टैक्स, जानें कितना

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 22 Sep 2022 2:46 PM

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Tax on Winnings of Game Shows and Lottery: लॉटरी, ऑनलाइन गेमिंग या गेम शो में पैसे जीतनेवाले को प्राइजमनी का एक निश्चित हिस्सा सरकार को देना होता है. इसकी वजह यह है कि देश में होनेवाली लगभग हर तरह की इनकम या आय, टैक्स यानी कर के दायरे में आती है और सरकार उसपर एक निर्धारित टैक्स वसूलती है.

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KBC Show Lottery Online Gaming Prize Money Tax Deduction: किसी की अगर लॉटरी निकल जाए, कोई गेम शो जीत जाए, लकी ड्रॉ निकल आये, कोई गेम शो जीत जाए, तो जाहिर है कि यह उसके लिए बड़ी खुशी की बात होगी. अभी हाल ही में केरल में एक ऑटोरिक्शाॅ ड्राइवर ने 25 करोड़ रुपये की लॉटरी जीत ली. लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि जीती हुई पूरी प्राइज मनी ऑटो ड्राइवर को नहीं मिलेगी. दरअसल, लॉटरी, ऑनलाइन गेमिंग या गेम शो में पैसे जीतनेवाले को प्राइजमनी का एक निश्चित हिस्सा सरकार को देना होता है. इसकी वजह यह है कि देश में होनेवाली लगभग हर तरह की इनकम या आय, टैक्स यानी कर के दायरे में आती है और सरकार उसपर एक निर्धारित टैक्स वसूलती है.

किसी भी प्रतियोगिता में जीती गई रकम टैक्सेबल है

आयकर या इनकम टैक्स नियमों के अनुसार, किसी भी प्रतियोगिता, गेम शो, क्विज शो आदि में जीती गई रकम टैक्सेबल होती है, यानी विजेता को उसपर टैक्स चुकाना होता है. इन दिनों टीवी पर कौन बनेगा करोड़पति (KBC) गेम शो चल रहा है. इसी तरह के अनगिनत गेम शो, ऐप, ऑनलाइन बेटिंग गेम आदि सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से चल रहे हैं. सरकार इनसे बचने की सलाह तो देती ही है, दूसरी तरफ इसपर टैक्स लगाकर राजस्व भी अर्जित करती है.

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प्राइज मनी पर आयकर जरूर कटेगा

इस तरह के लेनदेन को फिलहाल जीएसटी में के दायरे में लाने पर विचार चल रहा है. यह किस प्रारूप में लाया जाएगा, यह तो फिलहाल तय नहीं है लेकिन जो बात तय है वो यह है कि इनसे जीती हुई प्राइज मनी पर आयकर जरूर कटेगा. खास बात यह है कि यह कटौती इस बात से अनभिज्ञ रहती है कि जीतने वाले की कोई और आय है या नहीं और न ही यह बात देखी जाती है कि वह टैक्सेबल दायरे में आती है या नहीं.

किस नियम के तहत कटता है टैक्स?

जीती हुई रकम या वस्तु की कीमत अगर किसी भी रूप में 10 हजार रुपये से अधिक है, तो उसपर 30 प्रतिशत टैक्स कटना अनिवार्य है. यही नहीं, इसके ऊपर 4 प्रतिशत का सरचार्ज भी कटेगा. यह कटौती किसी भी रूप में रिफंड नहीं होती है. यह बात आयकर की धारा 194 बी और 194 बीबी में बतायी गई है. लॉटरी या गेम्स में कोई रकम या पुरस्कार जीतने पर इनकम टैक्स एक्ट 1961 का सेक्शन 194बी लागू होता है. इसके अनुसार किसी लॉटरी या गेम में जीती गई राशि अगर 10 हजार रुपये से ज्यादा है, तो इसपर पहले टीडीएस कटेगा और इससे बची प्राइजमनी जीतनेवाले को मिलेगी.

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लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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