Home Lone Guide : किस बैंक में मिल रहा है सबसे सस्ता कर्ज? लोन लेने से पहले इन 4 बातों का रखें खास ख्याल

Published by :Abhishek Pandey
Published at :05 May 2026 11:22 AM (IST)
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लोन लेने से पहले इन 4 बातों का रखें खास ख्याल

Home Lone Guide : होम लोन लेने का है प्लान? SBI, बैंक ऑफ इंडिया और PNB समेत प्रमुख बैंकों की ब्याज दरों की तुलना करें. साथ ही जानें सिबिल स्कोर और प्री-पेमेंट पेनल्टी से जुड़ी 4 जरूरी बातें .

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Home Lone Guide : घर खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है कि कई प्रमुख बैंक 7.10% जैसी आकर्षक शुरुआती दरों पर लोन दे रहे हैं. हालांकि, सिर्फ ब्याज दर देखना काफी नहीं है, लोन की कुल लागत कई अन्य कारकों पर निर्भर करती है.

बैंकशुरुआती ब्याज दर (प्रति वर्ष)
बैंक ऑफ इंडिया7.10% से शुरू
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया7.15% से शुरू
SBI (भारतीय स्टेट बैंक)7.25% से शुरू
पंजाब नेशनल बैंक (PNB)7.25% से शुरू
HDFC बैंक7.75% से शुरू

लोन लेने से पहले इन 4 चेकपॉइंट्स को न भूलें

  1. सिबिल (CIBIL) स्कोर की ताकत : याद रखें कि विज्ञापन में दिखाई गई सबसे कम ब्याज दर केवल उन लोगों को मिलती है जिनका सिबिल स्कोर 750 या 800 से ऊपर होता है. आपका रीपेमेंट रिकॉर्ड जितना साफ होगा, बैंक आपसे उतना ही कम ब्याज वसूलेगा. 700 से कम स्कोर होने पर ब्याज दर बढ़ सकती है या लोन रिजेक्ट भी हो सकता है.
  2. प्री-पेमेंट पेनल्टी (Pre-payment Penalty) : अगर भविष्य में आपके पास एकमुश्त पैसा आता है और आप लोन समय से पहले बंद करना चाहते हैं, तो बैंक आपसे पेनल्टी वसूल सकते हैं.
  • फ्लोटिंग रेट: आमतौर पर आरबीआई के नियमों के अनुसार फ्लोटिंग रेट वाले होम लोन पर कोई प्री-पेमेंट चार्ज नहीं लगता.
  • फिक्स्ड रेट: यहां बैंक चार्ज लगा सकते हैं. लोन एग्रीमेंट साइन करने से पहले इसे जरूर चेक करें.
  1. ऑफर्स और छिपे हुए खर्च (Processing Fees) : फेस्टिव सीजन या विशेष ऑफर्स के दौरान बैंक प्रोसेसिंग फीस माफ कर देते हैं. लोन लेने से पहले केवल ब्याज न देखें, बल्कि फाइल चार्ज, लीगल फीस और वैल्यूएशन फीस की भी तुलना करें. कभी-कभी कम ब्याज देने वाला बैंक प्रोसेसिंग फीस में ज्यादा पैसा वसूल लेता है.
  2. लोन की अवधि (Tenure) का सही चुनाव : ईएमआई (EMI) कम रखने के चक्कर में 30 साल जैसा लंबा समय चुनना “लोन ट्रैप” साबित हो सकता है.
  • लंबी अवधि: मासिक बोझ कम, लेकिन कुल ब्याज मूलधन से भी ज्यादा हो सकता है.
  • छोटी अवधि: मासिक बोझ ज्यादा, लेकिन आप लाखों रुपये का ब्याज बचा सकते हैं.

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लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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