ईरान से बातचीत की खबर आते ही 6% तक लुढ़का कच्चा तेल, 82 डॉलर पर ब्रेंट

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ब्रेंट क्रूड 82 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया और कच्चे तेल की कीमतों में 6% से ज्यादा गिरावट आई. जानिए इस बदलाव की वजह और बाजार की ताजा स्थिति.
मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने की उम्मीद ने सोमवार, 3 अगस्त को ग्लोबल ऑयल मार्केट में हलचल पैदा कर दी. इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई. इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान रहा, जिसमें उन्होंने कहा कि सोमवार को ईरान के साथ बातचीत होगी और दोनों पक्ष समझौते की दिशा में बढ़ रहे हैं. इस खबर के बाद इन्वेस्टर्स ने राहत की सांस ली और तेल की कीमतें तेजी से नीचे आ गईं.
कच्चे तेल की कीमतों में कितना आया बदलाव?
सोमवार की शुरुआत में दोनों प्रमुख क्रूड बेंचमार्क में गिरावट देखने को मिली.
| क्रूड ऑयल | ताजा कीमत |
| ब्रेंट क्रूड | 82.41 डॉलर प्रति बैरल (6% से ज्यादा गिरावट) |
| WTI क्रूड (सितंबर डिलीवरी) | 80.89 डॉलर प्रति बैरल (करीब 4.5% गिरावट) |
बाजार का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में हालात सामान्य होते हैं तो तेल की सप्लाई पर बना दबाव कम हो सकता है.
ट्रंप ने क्या कहा?
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरान और कुछ अन्य मिडिल ईस्ट देशों ने हमले को फिलहाल टालने का अनुरोध किया है क्योंकि समझौते की रूपरेखा तैयार हो गई है. उन्होंने दावा किया कि प्रस्तावित समझौते में दो अहम बातें शामिल हैं:
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को तुरंत पूरी तरह खोलना.
- ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करने की दिशा में कदम.
ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्होंने ईरान पर संभावित हमले की योजना रोक दी है ताकि बातचीत के जरिए समाधान निकाला जा सके.
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ईरान का जवाब क्या रहा?
ट्रंप के बयान पर ईरान ने सतर्क प्रतिक्रिया दी. कार्यवाहक रक्षा मंत्री सैयद माजिद इब्न अल-रेजा ने कहा कि दुश्मन के हालिया बयान साइकोलॉजिकल दबाव बनाने की कोशिश हो सकते हैं, लेकिन ईरान हर खतरे को गंभीरता से लेता है. यानी बातचीत की संभावना जरूर बनी है, लेकिन दोनों देशों के बीच पूरी तरह भरोसे की स्थिति अभी नहीं दिख रही.
शेयर बाजार और जापानी येन पर क्या असर पड़ा?
तेल बाजार के साथ-साथ दूसरे वित्तीय बाजारों में भी हलचल देखने को मिली.
- S&P 500 फ्यूचर्स 0.4% चढ़े.
- नैस्डैक फ्यूचर्स में 0.6% की बढ़त रही.
- जापान का निक्केई करीब 1% फिसला.
- दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3.6% गिर गया.
- एशिया-प्रशांत शेयरों का MSCI इंडेक्स भी शुरुआती कारोबार में नीचे रहा.
इसी दौरान जापानी येन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1% से ज्यादा मजबूत होकर 155.39 प्रति डॉलर पर पहुंच गया. जापान के वित्त मंत्रालय ने पुष्टि की कि अमेरिका और जापान ने मिलकर येन को सहारा देने के लिए संयुक्त हस्तक्षेप किया है. मंत्रालय ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर आगे भी ऐसे कदम उठाए जा सकते हैं. इससे पहले ट्रंप ने भी कहा था कि अमेरिका, दोस्ती और ग्लोबल इकोनॉमी के हित में जापान की मदद कर रहा है.
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By सौम्या शाहदेव
सौम्या शाहदेव प्रभात खबर डिजिटल में बिजनेस कंटेंट राइटर हैं. वह शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, टैक्स, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग और रोजमर्रा की आर्थिक खबरों को सरल और सटीक भाषा में पाठकों तक पहुंचाती हैं. उनका फोकस ऐसी खबरें लिखने पर रहता है जो सीधे आम लोगों की जिंदगी और जेब पर असर डालती हैं.
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