इलेक्ट्रॉनिक्स और सर्राफा बाजार पर कोरोना का ताला, 130 करोड़ के कारोबार को झटका

Author : Pritish Sahay Published by : Prabhat Khabar Updated At : 17 Apr 2020 5:02 AM

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गोपालगंज : आम लोगों की परेशानी के साथ कोरोना संकट ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सर्राफा बाजार पर ताला लगा दिया है. लगन का मौसम शुरू हो गया है. शहर के पुरानी रोड, जादोपुर रोड, मेन रोड में सन्नाटा पसरा है. दुकानों पर ताले लटके हैं. प्रत्येक साल अप्रैल महीने में इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर सर्राफा दुकानों तक […]

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गोपालगंज : आम लोगों की परेशानी के साथ कोरोना संकट ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सर्राफा बाजार पर ताला लगा दिया है. लगन का मौसम शुरू हो गया है. शहर के पुरानी रोड, जादोपुर रोड, मेन रोड में सन्नाटा पसरा है. दुकानों पर ताले लटके हैं. प्रत्येक साल अप्रैल महीने में इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर सर्राफा दुकानों तक ग्राहकों की भीड़ उमड़ती थी. दुकानदारों की मानी जाये तो अप्रैल माह में जिले में प्रतिदिन आभूषण, बर्तन और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान की चार करोड़ से अधिक की बिकी होती थी.

पूरा अप्रैल माह लॉकडाउन रहेगा. ऐसे में इस माह 120 करोड़ से अधिक का सर्राफा और इलेक्ट्रॉनिक्स का कारोबार बंद रहेगा. ऐसे में घर में बैठे कारेबारियों को भविष्य को लेकर चिंता सताने लगी है. बाजर में रौनक आये, फिलहाल इसका कोई विकल्प नहीं है.सता रही ब्याज की चिंता, वर्कर हो गये बेकारजिले की इलेक्ट्रॉनिक्स और सर्राफा दुकानों पर 10 हजार से अधिक वर्कर काम करते थे. लॉकडाउन के बाद दुकानों का ताला नहीं खुला है. बिक्री न होने से वर्कर शर्म से अपने मालिक से पैसा भी नहीं मांग रहे हैं. ऐसे में इनका चूल्हा तंगी में जल रहा है, वहीं कभी-कभार दिलदार दुकान मालिक कुछ मदद दे रहे हैं.

वहीं दूसरी ओेर दुकानदार भी परेशान हैं. होली के बाद आने वाले लगन को देखते हुए सर्राफा से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानदार जेवर, फ्रीज, वाशिंग मशीन, एलइडी सहित इलेक्ट्राॅनिक सामान की जमकर खरीदारी कर ली गयी. कुछ महाजन से ब्याज लिये हैं तो कुछ ने सीसी एकाउंट से खरीदारी की हैं. इधर, दुकान बंद हैं और भविष्य को लेकर कुछ भी साफ नहीं है. ऐसे में दुकानदार लगने वाले ब्याज को लेकर परेशान हैं.क्या कहते हैं दुकानदारइस वैश्विक महामारी से पूरा देश परेशान है. कारोबार पर तो संकट छा ही गया है, जिसका कोई विकल्प किसी दुकानदार के पास नहीं है.

सीसी एकाउंट से पैसा लेकर अधिकतर दुकानदार कारोबार करते हैं. इसका ब्याज बढ़ रहा है. सरकार को इसमें भी कुछ छूट दिलवानी चाहिए.फोटो-52 कृष्ण्कांत गुप्ता, ज्वेलर्सआने वाले लगन को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स सामान की खरीदारी कर ली गयी. दुकान खुलने की उम्मीद नहीं है. ऐसे में पूंजी तो फंसी ही है, ऊपर से ब्याज का भी बोझ बढ़ते जा रहा है. कारोबारियों की आर्थिक तंगी से उबरने के लिए सरकार को योजना बनानी चाहिए.फोटो-51 चंदन कुमार, इलेक्ट्रॉनिक्स एजेंसी संचालक

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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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