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भारत में सुस्त पड़ जाएगा चीन का कारोबार ! सालभर में 1 लाख करोड़ का झटका देने की तैयारी में कैट

By Prabhat Khabar Digital Desk
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India China
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नयी दिल्ली : गलवान सीमा पर चीनी सैनिकों के साथ झड़प होने के बाद भारत अब चीन को दोहरा झटका देने की तैयारी में है. सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि कूटनीति स्तर के अलावा आर्थिक स्तर पर भी चीन को घेरने की तैयारी की जा रही है. इसी बीच ट्रेडर्स एसोसिएशन ने चीन को आर्थिक झटका देने के लिए कमर कस ली है. बताया जा रहा है कि 2021 तक चीन को 1 लाख करोड़ रूपये तक आर्थिक झटका भारत दे सकता है.

फाइनेंसियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय ट्रेडर्स 2020 के दिसंबर तक चीन के इंपोर्ट को एक लाख तक घटाने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है. इस कदम के बाद माना जा रहा है कि 2021 तक भारतीय बाजार में चीन का वर्चस्व कम होगा.

450 सामानों की लिस्ट जारी- कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने बुधवार को 450 से अधिक चीनी सामानों की सूची जारी तैयार की है, जिससे ब्लैकलिस्ट में डाला जायेगा. इनमें प्रमुख रूप से खिलौने, फर्निशिंग फैब्रिक, टेक्सटाइल, बिल्डर हार्डवेयर, फुटवियर, गारमेंट, किचन का सामान, लगेज, हैंड बैग, कॉस्मेटिक्स, गिफ्ट आइटम, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन अपैरल, खाद्यान्न, घड़ियां, जेम्स एंड जूलरी, वस्त्र, स्टेशनरी, कागज, घरेलू वस्तुएं, फर्नीचर, लाइटिंग, हेल्थ प्रोडक्ट्स, पैकेजिंग प्रोडक्ट, ऑटो पार्ट्स, यार्न, फेंगशुई आइटम्स, दिवाली और होली का सामान, चश्मे, टेपेस्ट्री मैटेरियल वगैरह शामिल हैं.

आगे और सामानों की होगी सूची जारी- कैट के महामंत्री प्रवीण खांडेलवाल ने फाइनेंशियल एक्सप्रेस को बताया कि आने वाले समय में अन्य सामानों की भी सूची जारी की जायेगी. जल्द ही भारत तकरीबन एक हजार से अधिक चीनी सामानों को ब्लैकलिस्ट कर देगा.

भारतीय बाजार में चीन का कितना है वर्चस्व- भारत सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 2018 तक भारतीय बाजार में चीन का 87.07 बिलियन डॉलर का व्यापार समझौता है. हालांकि यह 2017 के मुताबिक कम होता गया. 2017 में चीन का 89.71 बिलियन डॉलर था. वहीं भारत चीन में 16.7 बिलियन डॉलर का निर्यात प्रतिवर्ष करता है.

Posted By : Avinish Kumar Mishra

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