Live Updates

Business News: सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों में 2023-24 में और पूंजी नहीं डालेगी सरकार

Updated at : 28 Aug 2023 10:25 AM (IST)
विज्ञापन
Business News: सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों में 2023-24 में और पूंजी नहीं डालेगी सरकार

Business News: आने वाले सोमवार को सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बाजार से निवेशकों को काफी उम्मीद है. रिलायंस के एजीएम से भी बाजार को बूम की उम्मीद है. वहीं, रक्षा क्षेत्र की नवरत्न कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) को जुलाई और अगस्त 2023 में (अब तक) 3,289 करोड़ रुपये के नए रक्षा और गैर-रक्षा ठेके मिले हैं. इसका असर भी रक्षा क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों पर दिखने की उम्मीद है.

विज्ञापन
Auto-updating every 30s

सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों में 2023-24 में और पूंजी नहीं डालेगी सरकार

सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की चार साधारण बीमा कंपनियों में चालू वित्त वर्ष (2023-24) में और पूंजी नहीं डालेगी. एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह बात कही है. उन्होंने कहा कि एक सरकारी गैर-जीवन बीमा कंपनी द्वारा चालू वित्त वर्ष में सरकार को लाभांश देने की संभावना है और ये कंपनियां अपने ‘सॉल्वेंसी मार्जिन’ के लक्ष्य को पा सकेंगी. सरकार ने पिछले साल तीन बीमा कंपनियों- नेशनल इंश्योरेंस कंपनी, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी में 5,000 करोड़ रुपये की पूंजी डाली थी. चालू वित्त वर्ष के बजट में बीमा कंपनियों में पूंजी निवेश उपलब्ध नहीं कराया गया है.

वेदांता ने 1.1 अरब डॉलर की ‘लागत’ के मामले में सरकार के खिलाफ मध्यस्थता मुकदमा जीता

खनन कारोबारी अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली वेदांता लिमिटेड ने 9,545 करोड़ रुपये (1.16 अरब डॉलर) की लागत को स्वीकार नहीं करने के मामले में सरकार के खिलाफ मध्यस्थता का मुकदमा जीत लिया है. सरकार ने कंपनी के राजस्थान तेल और गैस क्षेत्रों से अधिक भुगतान की मांग की थी. दूसरी ओर वेदांता ने कहा था कि कुछ निश्चित लागत में 9,545 करोड़ रुपये खर्च हुए. सरकार ने तेल ब्लॉक की कुछ लागत को फिर से आवंटित करने और राजस्थान ब्लॉक से उत्पादित तेल के लिए पाइपलाइन बिछाने पर आने वाली लागत के एक हिस्से को अस्वीकार कर दिया था. ऐसे में अतिरिक्त लाभ पेट्रोलियम की मांग की गई.

इस्पात निर्माण में हाइड्रोजन का इस्तेमाल बढ़ाएगी टाटा स्टील, कार्बन उत्सर्जन में होगी बड़ी कमी

टाटा स्टील ने इस्पात बनाने की प्रक्रिया में हाइड्रोजन का इस्तेमाल बढ़ाने की योजना बनाई है. कंपनी ने झारखंड स्थित अपने जमशेदपुर संयंत्र में पायलट परियोजना के सफल होने के बाद यह फैसला किया है. टाटा स्टील के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक टी वी नरेंद्रन ने यह जानकारी दी. टाटा स्टील ने अप्रैल, 2023 में जमशेदपुर स्थित अपने इस्पात संयंत्र में ई-ब्लास्ट फर्नेस में 40 प्रतिशत इंजेक्शन सिस्टम का उपयोग करके हाइड्रोजन गैस इंजेक्ट करने का प्रयोग शुरू किया था. इस प्रयोग के नतीजों पर एक सवाल के जवाब में नरेंद्रन ने कहा कि यह बहुत सफल रहा. हम इसे बढ़ाएंगे, लेकिन हमें पूर्वी भारत में हरित हाइड्रोजन की जरूरत होगी, जिससे यह तय होगा कि इसका इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है. हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि कंपनी हाइड्रोजन का उपयोग कितनी मात्रा में बढ़ाने की योजना बना रही है. ब्लास्ट फर्नेस में हाइड्रोजन का इस्तेमाल करके कोयले की खपत को कम किया जा सकता है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी.

सूचीबद्धता नियमों को पूरा करने में विफल रहने पर आईओसी, ओएनजीसी, गेल पर जुर्माना

शेयर बाजारों ने सूचीबद्धता नियमों को पूरा करने में विफल रहने पर सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम और गैस कंपनियों- इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) और गेल (Gail)सहित आधा दर्जन से अधिक कंपनियों पर जुर्माना लगाया है. इन कंपनियों ने स्वतंत्र और महिला निदेशकों की जरूरी संख्या से संबंधित सूचीबद्धता नियमों को अनुपालन नहीं किया है. अलग-अलग दी सूचना में कंपनियों ने बीएसई और एनएसई द्वारा लगाए गए जुर्माने का विवरण दिया गया है. हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि निदेशकों की नियुक्ति सरकार द्वारा की जाती है, और इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं होती.

बी20 सम्मेलन में पीएम ने कहा-चंद्रयान-3 के पहुंचने के साथ त्योहारी सीजन शुरू हो गया

बी20 सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि चंद्रयान-3 के चंद्रमा पर पहुंचने के साथ भारत में त्योहारी सीजन 23 अगस्त से शुरू हो गया है. उन्होंने कहा कि हमने अफ्रीकी संघ को जी20 का स्थायी सदस्य बनने का न्योता दिया है. भारत ने कोविड महामारी के दौरान टीके का उत्पादन बढ़ाकर करोड़ों लोगों का जीवन बचाया. भारत उद्योग 4.0 क्रांति का चेहरा बनेगा. भविष्य की वैश्विक वृद्धि कारोबार क्षेत्र के भविष्य पर निर्भर.

इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता वाले क्षेत्र में शामिल कर सकती है केंद्र सरकार

केंद्र सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को प्राथमिकता वाले क्षेत्र की ऋण श्रेणी में शामिल करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी. अधिकारी ने कहा कि हमें ईवी को प्राथमिकता वाले क्षेत्र में शामिल करने के लिए एक प्रस्ताव मिला है. हम बैंकों के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्र की ऋण श्रेणी को फिर से तैयार करने पर विचार करेंगे. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर भारतीय रिजर्व बैंक के साथ चर्चा की जानी है. आरबीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार बैंकों को अपने समायोजित शुद्ध बैंक ऋण का 40 प्रतिशत प्राथमिकता वाले क्षेत्र को देना अनिवार्य है.

महिला व्यवसायियों की मदद के लिए एयरटेल पेमेंट्स बैंक, फ्रंटियर मार्केट्स, मास्टरकार्ड ने मिलाया हाथ

भारत में महिलाओं के स्वामित्व वाले एक लाख छोटे व्यवसायों को सहयोग देने के लिए एयरटेल पेमेंट्स बैंक ने फ्रंटियर मार्केट्स और मास्टरकार्ड के साथ साझेदारी की है. एक बयान में यह जानकारी दी गई. बयान के अनुसार, ‘शी लीड्ड भारत: उद्यम’ पहल से राजस्थान और उत्तर प्रदेश की महिला व्यवसायियों को फ्रंटियर मार्केट्स के ‘मेरी सहेली’ मंच के जरिए कौशल बढ़ाने और कमाई करने में मदद मिलेगी. कंपनी ने कहा कि इस पहल के तहत छोटे व्यवसायों से जुड़ीं 10,000 महिला उद्यमी एयरटेल पेमेंट्स बैंक की बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट (बीसी) बनकर आय बढ़ा सकेंगी. इस पहल को मास्टरकार्ड इम्पैक्ट फंड द्वारा वित्त पोषित किया जाएगा.

पिछले नौ साल में लगभग 50 करोड़ जनधन खाते खुले, कुल जमा दो लाख करोड़ रुपये के पार

पिछले नौ वर्षों में प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत 50.09 करोड़ से अधिक खाते खोले गए हैं और इन खातों में जमा राशि बढ़कर 2.03 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है. वित्त मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी. प्रधानमंत्री जनधन योजना (पीएमजेडीवाई) 28 अगस्त 2014 को शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य उन परिवारों के लिए शून्य रुपये की न्यूनतम जमा राशि वाले बैंक खाते खोलना था, जो अभी तक बैंकिंग सेवाओं से वंचित थे. वित्तीय सेवा सचिव विवेक जोशी ने कहा कि अगस्त, 2023 तक पीएमजेडीवाई खाताधारकों को 33.98 करोड़ रुपे कार्ड जारी किए गए. यह आंकड़ा मार्च 2015 के अंत में 13 करोड़ था. जोशी ने कहा कि वर्तमान में देश में 225 करोड़ बैंक खाते हैं. आंकड़ों से पता चलता है कि कई लोगों के पास एक से अधिक बैंक खाते हैं. कुल मिलाकर खाता खोलने के मामले में, हम पूर्णता के करीब हैं. उन्होंने कहा कि जनधन योजना के तहत अगस्त 2023 तक शून्य राशि वाले खाते, कुल खातों के मुकाबले आठ प्रतिशत थे. यह आंकड़ा मार्च 2015 में 58 प्रतिशत था.

रूसी कच्चे तेल से बने पेट्रोलियम उत्पादों का भारत से आयात करने पर ईयू अधिकारी ने जताई चिंता

यूरोपीय संघ (EU) ने शनिवार को रूसी कच्चे तेल से बने परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों को भारत से मंगाने में हुई ‘तेज’ वृद्धि पर चिंता जताई. ईयू ने कहा कि यूरोपीय बाजारों में ऐसे उत्पादों की आवक बढ़ने से मॉस्को के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों का मकसद पूरा नहीं होगा. ये प्रतिबंध इसलिए लगाए गए हैं ताकि यूक्रेन के खिलाफ युद्ध को वित्त पोषित करने की रूस की क्षमता को कम किया जा सके. यूरोपीय संघ के कार्यकारी उपाध्यक्ष और व्यापार आयुक्त वाल्डिस डोम्ब्रोव्स्की ने कहा कि रूसी कच्चे तेल बने परिष्कृत तेल उत्पाद ‘बड़ी मात्रा’ में यूरोपीय बाजार में आ रहे हैं और ईयू इससे निपटने के तरीकों पर विचार कर रहा है. इस समय भारत की यात्रा पर आए यूरोपीय संघ के उपाध्यक्ष ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि यूक्रेन पर अपना हमला जारी रखने के लिए रूस ऊर्जा और खाद्य आपूर्ति को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है. उन्होंने कहा कि रूस ने काला सागर अनाज पहल से हटकर विश्व बाजार में यूक्रेन के खाद्यान्न निर्यात को अवरुद्ध किया है.

करूर वैश्य बैंक ने शाखा नेटवर्क को मजबूत किया

निजी क्षेत्र के करूर वैश्य बैंक (केवीबी) ने अपनी पहुंच को मजबूत करते हुए दक्षिणी क्षेत्र में 10 नयी शाखाओं का उद्घाटन किया है. बैंक ने तमिलनाडु में छह, आंध्र प्रदेश में दो और तेलंगाना तथा कर्नाटक में एक-एक नयी शाखाओं का उद्घाटन किया है. बैंक ने एक बयान में कहा कि नयी शाखाओं के उद्घाटन के साथ कुल शाखा नेटवर्क बढ़कर 822 हो गया है. केवीबी के प्रबंध निदेशक और सीईओ बी रमेश बाबू ने कहा कि बैंक अपने विस्तार के लिए नयी शाखाएं खोल रहा है. चालू वित्त वर्ष के दौरान अभी तक हमने 23 शाखाओं का उद्घाटन किया है.

Business News Live: नवरत्न कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड को जुलाई-अगस्त में मिला 3,289 करोड़ का ठेका

रक्षा क्षेत्र की नवरत्न कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) को जुलाई और अगस्त 2023 में (अब तक) 3,289 करोड़ रुपये के नए रक्षा और गैर-रक्षा ठेके मिले हैं. इसका असर भी रक्षा क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों पर दिखने की उम्मीद है. कंपनी ने बयान में कहा कि ये ठेके निचले स्तर के हल्के रडार, सोनार, आईएफएफ सिस्टम, सैटकॉम सिस्टम, ईओ/आईआर पेलोड, टीआरएम/डीटीआरएम, जैमर, एनक्रिप्टर, डेटा लिंक सिस्टम, फायर कंट्रोल सिस्टम, डायरेक्टेड एनर्जी सिस्टम के लिए रडार, सेमी रग्ड टेलीफोन एक्सचेंज, सॉफ्टवेयर डिफाइंड रेडियो और विभिन्न प्रकार के रेडियो, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन, एएमसी और कलपुर्जों की आपूर्ति के लिए हैं. बीईएल ने बयान में कहा कि इनमें फ्लीट सपोर्ट जहाजों के लिए सीएमएस, संचार प्रणाली, ईडब्ल्यू सिस्टम और अन्य सेंसर की आपूर्ति के लिए हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड से शुक्रवार को मिला 1,075 करोड़ रुपये का ठेका भी शामिल है.

विज्ञापन
विज्ञापन
Madhuresh Narayan

लेखक के बारे में

By Madhuresh Narayan

Madhuresh Narayan is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola