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वर्ष 2016-17 में कर प्राप्ति लक्ष्य के पार, 17.10 लाख करोड रुपये का कर संग्रहण

Updated at : 04 Apr 2017 10:13 PM (IST)
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वर्ष 2016-17 में कर प्राप्ति लक्ष्य के पार, 17.10 लाख करोड रुपये का कर संग्रहण

नयी दिल्ली : सरकार के खजाने में समाप्त वित्त वर्ष 2016-17 में तय लक्ष्य से ज्यादा 17.10 लाख करोड रुपये का कर संग्रहण हुआ है. यह पिछले छह साल में सबसे अधिक वृद्धि है. इससे पिछले वित्त वर्ष की तुलना मंे यह 18 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है. उत्पाद, सेवा कर और व्यक्तिगत आयकर संग्रहण […]

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नयी दिल्ली : सरकार के खजाने में समाप्त वित्त वर्ष 2016-17 में तय लक्ष्य से ज्यादा 17.10 लाख करोड रुपये का कर संग्रहण हुआ है. यह पिछले छह साल में सबसे अधिक वृद्धि है. इससे पिछले वित्त वर्ष की तुलना मंे यह 18 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है. उत्पाद, सेवा कर और व्यक्तिगत आयकर संग्रहण में उछाल देखने को मिला. सरकार ने एक फरवरी 2017 को पेश 2017-18 के बजट में पिछले वित्त वर्ष के लिये कर संग्रह 16.97 लाख करोड रुपये रहने का संशोधित अनुमान लगाया है.

वित्त मंत्रालय ने एक वक्तव्य में कहा है कि 17.10 लाख करोड रुपये का कर संग्रहण एक साल पहले के मुकाबले 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है. एक साल पहले 2015-16 में वास्तविक कर प्राप्ति 14.55 लाख करोड रुपये रही थी. राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा, ‘‘कुल निवल कर राजस्व संग्रह 18 प्रतिशत बढकर 17.10 लाख करोड रुपये हो गया.
पिछले छह साल में यह सबसे ज्यादा है.” प्रत्यक्ष कर संग्रहण अप्रैल-मार्च अवधि में 14.2 प्रतिशत बढकर 8.47 लाख करोड रुपये , अप्रत्यक्ष कर संग्रहण 22 प्रतिशत बढकर 8.63 लाख करोड रुपये हो गया. शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रहण संशोधित अनुमान का 100 प्रतिशत रहा है. इन आंकडो में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) के अलावा आय घोषणा योजना :आईडीएस: की दूसरी किस्त से जुटाई गई राशि भी शामिल है. दूसरी किस्त का भुगतान 31 मार्च तक किया गया है. इस योजना के तहत कुल 67,382 करोड रुपये के बेहिसाबी धन की घोषणा गई. इसकी पहली किस्त का भुगतान नवंबर मंे किया गया.
केजरीवाल का ईवीएम पर सवाल करना बेहद गैरजिम्मेदाराना: योगेंद्र यादव नई दिल्ली, चार अप्रैल :भाषा: स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने आज कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना बेहद गैरजिम्मेदाराना है और उनके दावे के समर्थन में कोई ‘‘पुख्ता सबूत” नहीं है. केजरीवाल के काम करने की शैली पर सवाल उठाने पर आप से निकाले गए नेता ने कहा कि भवन कर खत्म करने का वादा आप की ‘‘बेचैनी” को दिखाता है क्योंकि आगामी दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनाव में उसे हार का डर सता रहा है.
एमसीडी चुनाव में ईवीएम की बजाए मतपत्र का इस्तेमाल करने की केजरीवाल की मांग को लेकर यादव ने कहा, ‘‘यह बहुत ही बेवकूफी भरा है क्योंकि इससे आम लोगों में पूरी चुनाव प्रक्रिया को लेकर संदेह के बीज पैदा होते हैं.” उन्होंने कहा, ‘‘यह बेहद गैरजिम्मेदाराना है. मैंने (ईवीएम में छेडछाड के) कोई पुख्ता सबूत नहीं देखे हैं.
यह कहना कि भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए पूरी चुनाव प्रणाली में धांधली की गयी, मुझे लगता है कि इससे भारत की मतदान प्रणाली का नाम खराब होता है. लेकिन व्यापक रुप में इससे इस तरह की बातें करने वाले लोगों का ही नाम खराब होता है.” यादव ने हालांकि नगर निगम चुनाव में वोटर-वेरिफियेबल पेपर ऑडिट ट्रेल :वीवीपीएटी: के इस्तेमाल की आप की मांग का समर्थन किया.
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