8th Pay Commission की सिफारिशें लागू होने में देरी हुई तो कर्मचारियों को होगा लाखों का नुकसान, समझें पूरा गणित
500 रुपए का नोट, तस्वीर unsplash
8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वां वेतन आयोग सिर्फ सैलरी बढ़ने की खबर नहीं है. असली सवाल यह है कि नई सैलरी कब से मिलेगी? क्योंकि अगर 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में कुछ महीने की भी देरी हुई, तो इसका सीधा असर कर्मचारियों की जेब पर पड़ सकता है.
खास बात यह है कि जिस पैसे के बढ़ने का इंतजार कर्मचारी कर रहे हैं, उसका एक हिस्सा बाद में एरियर के रूप में वापस मिलना जरूरी नहीं है. यानी मामला सिर्फ यह नहीं है कि सैलरी कितनी बढ़ेगी, बल्कि यह भी है कि बढ़ी हुई सैलरी कब से मिलेगी. सिफारिशें अगर देर से लागू हुईं तो बेसिक पे पर तो एरियर मिल जाएगा, लेकिन अलाउंस खासकर डीए (DA) पर एरियर देना संभव नहीं होगा, जिसकी वजह से कर्मचारियों को लाखों का नुकसान हो सकता है. आइए समझते हैं इसका पूरा गणित.
मई 2027 से दिसंबर 2027 तक खिसका तो कितना नुकसान?
8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था और उसे अपनी सिफारिशें देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. ऐसे में आयोग की अंतिम रिपोर्ट मई-जून 2027 तक आने की संभावना है. इसके बाद सरकार को रिपोर्ट की समीक्षा और सिफारिशों को लागू करने में चार से छह महीने और लग सकते हैं. अब यहीं से कर्मचारियों के लिए चिंता की बात शुरू होती है. mint में छपी खबर के अनुसार उपलब्ध अनुमान के मुताबिक अगर नई व्यवस्था मई 2027 में लागू होती है तो लेवल-3 कर्मचारी के लिए अनुमानित एरियर का आंकड़ा करीब 1.88 लाख रुपए हो सकता है. लेकिन अगर यही लागू होने की तारीख दिसंबर 2027 तक पहुंच जाती है तो यह आंकड़ा करीब 2.67 लाख रुपए हो जाता है. लेवल-6 के मामले में मई 2027 का अनुमानित आंकड़ा करीब 2.44 लाख रुपए जबकि दिसंबर 2027 में यह करीब 3.46 लाख बताया गया है.
असली पेच DA, HRA और TPTA में फंसेगा
वेतन आयोग की चर्चा में सबसे ज्यादा ध्यान फिटमेंट फैक्टर और बेसिक पे पर रहता है. लेकिन कर्मचारियों की जेब में हर महीने आने वाली रकम में DA, HRA और Transport Allowance भी अहम भूमिका निभाते हैं. इन भत्तों का नियम बेसिक पे के एरियर से अलग है. उपलब्ध इनपुट के मुताबिक DA पहले से हर छह महीने में महंगाई के हिसाब से संशोधित होता रहता है. इसलिए इसे वेतन आयोग की सिफारिशों के साथ उसी तरह पिछली तारीख से भुगतान करने का सवाल नहीं उठता. HRA और TPTA भी आमतौर पर नई दरों के हिसाब से पीछे की तारीख से नहीं मिलते.मतलब साफ है कि वेतन आयोग लागू होने में देरी से कर्मचारियों को नुकसान होगा, जिसकी भरपाई वे नहीं कर पाएंगे.
2.1 फिटमेंट फैक्टर हुआ तो कितनी बढ़ सकती है सैलरी?
दिए गए अनुमान में 2.1 गुना फिटमेंट फैक्टर मानकर गणना की गई है. इसके मुताबिक लेवल-3 का मौजूदा बेसिक पे 21,700 रुपए से बढ़कर करीब 45,570 रुपए और लेवल-6 का 35,400 से बढ़कर करीब 74,340 रुपए हो सकता है. HRA और TPTA में भी इसी आधार पर बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है. लेकिन ध्यान रहे, ये अंतिम आंकड़े नहीं हैं. फिटमेंट फैक्टर और नए भत्तों की दरों पर अंतिम फैसला 8वें वेतन आयोग की सिफारिश और उसके बाद सरकार के निर्णय से होगा.
लाखों कर्मचारियों के लिए क्यों जरूरी है सिफारिशें लागू होने की तारीख?
अगर लागू होने की तारीख मई से दिसंबर 2027 तक खिसकती है तो लेवल 3 से 6 के कर्मचारियों के मामले में संभावित वित्तीय अंतर करीब 80 हजार से 1 लाख रुपए तक बताई गई है. यही वजह है कि 8वें वेतन आयोग के मामले में कर्मचारियों की नजर सिर्फ इस बात पर नहीं है कि वेतन कितना बढ़ेगा? बल्कि इस सवाल पर भी है कि बढ़ा हुआ वेतन आखिर किस तारीख से मिलेगा? क्योंकि कागज पर कुछ महीनों की देरी भले छोटी लगे, लेकिन कर्मचारी की जेब में इसका असर हजारों नहीं, लाखों रुपये तक पहुंच सकता है.
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