7th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, ड्रेस अलाउंस नियम में बदलाव, अब हर महीने मिल सकेगा लाभ

7th Pay Commission
7th Pay Commission की सिफारिश पर ड्रेस भत्ता नियम में बदलाव हुआ है. अब जुलाई के बाद नियुक्त केंद्रीय कर्मचारियों को भी अनुपातिक (proportional) रूप से ड्रेस भत्ता मिलेगा. यह भत्ता वॉशिंग व मेंटेनेंस खर्च समेत कई श्रेणियों के कर्मचारियों को सालाना तय राशि के रूप में दिया जाता है.
7th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है. वित्त मंत्रालय के अधीन व्यय विभाग (Department of Expenditure – DoE) ने ड्रेस भत्ते (Dress Allowance) के भुगतान से जुड़े नियमों में बदलाव किया है. पहले यह भत्ता केवल जुलाई के महीने में दिया जाता था, लेकिन अब जो कर्मचारी जुलाई के बाद सेवा में शामिल होंगे, उन्हें भी इसका लाभ अनुपातिक (proportionate) रूप से दिया जाएगा.
जुलाई के बाद नियुक्त हुए कर्मचारी भी होंगे पात्र
वित्त मंत्रालय ने 24 मार्च 2025 को जारी एक कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum) में यह स्पष्ट किया है कि यदि कोई केंद्रीय कर्मचारी जुलाई में ड्रेस भत्ते के भुगतान के बाद सेवा में शामिल होता है, तो उसे सेवा में शामिल होने की तारीख से अगले वर्ष जून तक के महीनों के लिए अनुपातिक रूप से ड्रेस भत्ता मिलेगा.
ड्रेस भत्ता का कैलकुलेशन फॉर्मूला
मंत्रालय द्वारा जारी फार्मूला इस प्रकार है: ड्रेस भत्ता = (सालाना राशि / 12) × सेवा में शामिल होने से जून तक के महीने
उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी को सालाना ₹10,000 ड्रेस भत्ता मिलता है और वह दिसंबर में सेवा में शामिल होता है, तो उसे 7 महीने के लिए भत्ता मिलेगा:
(10,000 / 12) × 7 = ₹5833
किन्हें मिलता है ड्रेस भत्ता?
7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार, निम्नलिखित श्रेणियों के कर्मचारियों को ड्रेस भत्ता मिलता है.
| कर्मचारी वर्ग | वार्षिक राशि (₹) |
| विशेष सुरक्षा समूह (SPG) – ऑपरेशनल | ₹27,800 |
| SPG – नॉन ऑपरेशनल | ₹21,225 |
| सेना, वायुसेना, नौसेना, CAPFs, RPF, IPS आदि | ₹20,000 |
| MNS अधिकारी, DANIPS, ACP (दिल्ली पुलिस) | ₹15,000 |
| सीमा शुल्क, उत्पाद शुल्क, नारकोटिक्स विभाग | ₹10,000 |
| कॉर्पोरेट लॉ सेवा, इमीग्रेशन आदि | ₹10,000 |
| PBORs, रेलवे स्टेशन मास्टर, यूनिफॉर्मधारी स्टाफ | ₹10,000 |
| ट्रैकमेन, रनिंग स्टाफ, ड्राइवर, MTS, कैंटीन स्टाफ | ₹5,000 |
| नर्सें | ₹1,800 प्रति माह |
ड्रेस भत्ते में शामिल हैं वॉशिंग और मेंटेनेंस खर्च
7वें वेतन आयोग ने पहले से मौजूद यूनिफॉर्म से जुड़े वॉशिंग अलाउंस और मेंटेनेंस अलाउंस को हटाकर ड्रेस भत्ते में ही सम्मिलित कर दिया था. इसके साथ ही यह भी सिफारिश की गई थी कि जब भी महंगाई भत्ता (Dearness Allowance – DA) 50% बढ़ेगा, तब ड्रेस भत्ते में 25% की वृद्धि की जाएगी.
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By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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