Budget 2020 पर एक्सपर्ट व्यू : निवेश बढ़ाने के लिए कर व्यवस्था में सुधार के प्रयास

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 02 Feb 2020 6:15 AM

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शालिनी जैन टैक्स पार्टनर, इवाय इंडिया नयी आयकर व्यवस्था के तहत के तहत रिटर्न भरने वाले करदाताओं को मौजूदा समय में विभिन्न प्रावधानों के तहत मिल रही रियायत को छोड़ना होगा. पुरानी व्यवस्था के तहत करदाताओं को 80 सी के तहत पीएफ, जीवन बीमा और एनपीएस में निवेश करने, 80 डी के तहत मेडिकल प्रीमियम […]

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शालिनी जैन
टैक्स पार्टनर, इवाय इंडिया
नयी आयकर व्यवस्था के तहत के तहत रिटर्न भरने वाले करदाताओं को मौजूदा समय में विभिन्न प्रावधानों के तहत मिल रही रियायत को छोड़ना होगा. पुरानी व्यवस्था के तहत करदाताओं को 80 सी के तहत पीएफ, जीवन बीमा और एनपीएस में निवेश करने, 80 डी के तहत मेडिकल प्रीमियम पर, एचआरए और होम लोन पर ब्याज चुकाने पर कर आयकर में छूट मिलती है, लेकिन नयी व्यवस्था के तहत सभी प्रकार के छूट को समाप्त कर दिया गया है. हालांकि सरकार ने आयकर दरों में कटौती की है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि नयी कर व्यवस्था से लोगों को कितनी बचत होगी. करदाताओं के लिए टैक्स चार्टर लाने की पहल का स्वागत किया जाना चाहिए.
हालांकि सरकार ने निवेश बढ़ाने के लिए अच्छी पहल की है. जीवन बीमा निगम की शेयर को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने और कुछ हिस्सेदारी बेचने से निवेश आयेगा. सरकार ने आइडीबीआइ बैंक की हिस्सेदारी भी बेचने की घोषणा की है. साथ ही डिविडेट ड्रिस्टीब्यूशन टैक्स खत्म करने से भी निवेश बढ़ेगा. हालांकि इस टैक्स को खत्म करने से सरकार को 25 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा, लेकिन निवेश बढ़ने से आसानी से इसकी भरपायी हो सकेगी.
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