28 साल बाद कच्चे तेल में बड़ी तेजी, देश में 5-6 रुपये महंगा हो सकता है पेट्रोल और डीजल
Updated at : 17 Sep 2019 6:32 AM (IST)
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सऊदी अरब की अरामको के प्लांट पर हुए ड्रोन हमले का दिखा असर नयी दिल्ली : सऊदी अरब की कंपनी अरामको के दो प्लांट पर ड्रोन हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में जबर्दस्त तेजी देखी गयी. इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है. इस हमले के बाद से सऊदी अरब का तेल […]
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सऊदी अरब की अरामको के प्लांट पर हुए ड्रोन हमले का दिखा असर
नयी दिल्ली : सऊदी अरब की कंपनी अरामको के दो प्लांट पर ड्रोन हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में जबर्दस्त तेजी देखी गयी. इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है. इस हमले के बाद से सऊदी अरब का तेल उत्पादन घटकर आधा रह गया है. इससे सोमवार को वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 20 फीसदी बढ़ कर 71.95 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गयी हैं. जनवरी 1991 के बाद यह एक दिन की सबसे ज्यादा तेजी है.
तेल उत्पादन में आयी कमी : ड्रोन हमलों से प्रभावित प्रोसेसिंग प्लांट्स में 57 लाख बैरल रोजाना क्रूड का उत्पादन ठप पड़ गया है, जो सऊदी अरब के कुल उत्पादन का लगभग आधा और ग्लोबल क्रूड सप्लाई के छह फीसदी के बराबर है. इसके चलते भारत सहित दुनियाभर में सप्लाई घटने और दाम बढ़ने का जोखिम बढ़ गया है. पिछले वित्त वर्ष में भारत की जरूरत का लगभग 16 फीसदी हिस्सा क्रूड सऊदी अरब से मंगाया था.
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता देश है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा, ‘सऊदी अरामको के अधिकारियों ने 15 सितंबर को भारतीय रिफाइनरी कंपनियों को सूचित किया है कि उनके लिए आपूर्ति में किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी.
देश में 8-10 फीसदी महंगा हो सकता है ईंधन
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर भारत पर भी पड़ेगा. भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है. कीमतों में इजाफा होने से आयात महंगा हो जायेगा और इस वजह से कंपनियां भी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा सकती हैं.
क्रूड के कीमतों में तेजी जारी रही तो भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम करीब 8-10 फीसदी तक बढ़ सकते हैं. कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटी ने एक रिसर्च नोट में कहा है कि ड्रोन हमलों के बाद ग्लोबल क्रूड कीमतों में तेजी का असर भारत की तेल मार्केटिंग कंपनियों इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल की पेट्रोल-डीजल की मार्केटिंग मार्जिन पर पड़ सकता है.
हमने अपनी मार्केटिंग कंपनियों के साथ मिलकर सितंबर महीने की तेल की समस्त आपूर्ति की समीक्षा की है. हम आश्वस्त हैं कि भारत को तेल आपूर्ति में कोई परेशानी नहीं होगी. हम हालात पर करीबी नजर बनाये हुए हैं.
धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री
1991 के बाद एक दिन की सबसे ज्यादा तेजी
20% बढ़ी कच्चे तेल की कीमतें (12 डॉलर प्रति बैरल)
सेंसेक्स 262 अंक टूटा कच्चे तेल में तेजी से डूबा शेयर बाजार
मुंबई. सेंसेक्स सोमवार को करीब 262 अंक टूटकर 37,123.31 अंक पर बंद हुआ. सऊदी अरब के सबसे बड़े तेल संयंत्र पर ड्रोन हमले के बाद कच्चे तेल के दाम में उछाल को देखते हुए निवेशकों की घबराहट में की गयी बिकवाली से बाजार में गिरावट आयी.
30 शेयरों वाला सेंसेक्स 261.68 अंक की गिरावट के साथ 37,123.31 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान यह करीब 356 अंक नीचे चला गया था. इसी प्रकार, निफ्टी भी 79.80 अंक की गिरावट के साथ 10,996.10 अंक पर बंद हुआ. डॉलर के मुकाबले रुपया 67 पैसे लुढ़क कर 71.60 पर बंद हुआ.
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