ePaper

रुपये में गिरावट को सही मानता है विश्व बैंक, अर्थशास्त्री मार्टिन रामा ने कहा-अवमूल्यन से प्रतिस्पर्द्धा बढ़ेगी

Updated at : 11 Oct 2018 4:03 PM (IST)
विज्ञापन
रुपये में गिरावट को सही मानता है विश्व बैंक, अर्थशास्त्री मार्टिन रामा ने कहा-अवमूल्यन से प्रतिस्पर्द्धा बढ़ेगी

वाशिंगटन : विश्व बैंक का मानना है कि रुपये में सुव्यवस्थित तरीके से किये जाने वाले अवमूल्यन से प्रतिस्पर्द्धा बढ़ेगी और पूंजी बाजार में दबाव कम हो सकेगा. विश्व बैंक के अर्थशास्त्री मार्टिन रामा ने कहा कि यदि इसे सही तरीके से किया जाये, तो यह एक ‘सकारात्मक घटनाक्रम’ होगा. विश्व बैंक के दक्षिण एशिया […]

विज्ञापन

वाशिंगटन : विश्व बैंक का मानना है कि रुपये में सुव्यवस्थित तरीके से किये जाने वाले अवमूल्यन से प्रतिस्पर्द्धा बढ़ेगी और पूंजी बाजार में दबाव कम हो सकेगा. विश्व बैंक के अर्थशास्त्री मार्टिन रामा ने कहा कि यदि इसे सही तरीके से किया जाये, तो यह एक ‘सकारात्मक घटनाक्रम’ होगा. विश्व बैंक के दक्षिण एशिया क्षेत्र के मुख्य अर्थशास्त्री रामा का यह बयान ऐसे समय आया है, जब गुरुवार को कारोबार के दौरान मुद्रा बाजार में रुपया अपने सर्वकालिक निचले स्तर 74.45 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया.

इसे भी पढ़ें : और गिरा रुपया, डॉलर के मुकाबले 74.45 के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंचा

विश्व बैंक के अर्थशास्त्री रामा का मानना है कि रुपये में सुव्यवस्थित अवमूल्यन से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और इससे पूंजी बाजार में दबाव कुछ कम हो सकेगा. उन्होंने कहा कि ऐसे में विश्व बैंक रुपये में कमजोरी को एक सकारात्मक घटनाक्रम के रूप में देखता है, बशर्ते इसे सही तरीके से किया जाये. उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया के देश संभवत: अपनी मुद्रा के अवमूल्यन को धीमा करेंगे, क्योंकि इससे मुद्रास्फीति बढ़ती है और यह लोकप्रिय उपाय नहीं है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola