सिकटा विधानसभा में अपने पैसों से सड़कें बनवा रहे पूर्व मंत्री, निर्दलीय लड़ना चाहते हैं चुनाव

Author Ashish jha
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Sikta Vidhan Sabha Chunav 2025: बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं. चुनाव लड़ने के इच्छुक नेता जनता के बीच अपनी पकड़ बनाने के लिए लगातार जनसंपर्क में जुट गए हैं. नेता लोग जनता से तरह-तरह के वादे कर रहें या प्रलोभन दे रहे हैं. इस कड़ी में बिहार सरकार के पूर्व मंत्री सिकटा विधानसभा में अपने पैसों से सड़कें बनवा रहे हैं.

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Sikta Vidhan Sabha Chunav 2025: बेतिया. बिहार सरकार के पूर्व मंत्री खुर्शीद आलम सिकटा विधानसभा में अपने पैसों से क्षेत्र में सार्वजनिक निर्माण कर रहे हैं. अब वह अपनी विधानसभा में सड़क, पुल, पुलिया और एप्रोच पथ बनवा रहे हैं. वर्षो से टूटे हुए सड़कें, पुल-पुलिय��� और एप्रोच पथ को वे अपने निजी कोष से बनवा रहे हैं. उनके इस काम की सरकार और अधिकारियों को भनक तक नहीं है. खुर्शीद आलम ने इस बार पश्चिम चंपारण की सिकटा विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान किया है. जेडीयू से टिकट नहीं मिलने की आशंका को देखते हुए उन्होंने पार्टी भी छोड़ दी है.

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अपने पैसे से बनाया पुल का एप्रोच पथ

सिकटा विधानसभा के विरहा नदी पर बने 8 करोड़ से बने पुल का एप्रोच पथ पिछले तीन साल से ध्वस्त है. इस पुल के दोनों हिस्से का एप्रोच पथ ध्वस्त होने से करीब चार दर्जन गांवों के लोगों का आवागमन ठप्प हो गया है. ग्रामीणों के शिकायत के बाद भी प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने एप्रोच पथ नहीं बनवाया. वहीं अब पूर्व जेडीयू नेता खुर्शीद आलम ने 6 लाख की लागत से दोनों हिस्सों के एप्रोच पथ बनवा दिया है. इसके अलावा एक गांव में सड़क और पुल नहीं था तो उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर तीन किमी लंबी सड़क बनवाई.

खुद श्रमदान से बनायी सड़क

बताया जा रहा है कि चौहट्टा पंचायत में विराहा नदी पर बना पुल पांच पंचायत की लाइफलाइन कहा जाता है. पिछले तीन साल से इस पुल का एप्रोच पथ ध्वस्त हो गया था. इसके बावजूद कोई जिम्मेदार जनप्रतिनिधि या अधिकारी उसे नहीं बनवा रहा था. वही बौद्ध बरवा गांव में सड़क और पुल नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी थी. ग्रामीणों ने तीन किमी सड़क खुद श्रमदान से बनायी तो पूर्व मंत्री ने पुल बनवाया. खुर्शीद आलम सिकटा विधानसभा के गांवों में निजी कोष से सड़क पुल बनवा रहे हैं और अधिकारियों की इसकी भनक तक नहीं लग रही है.

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