संकट की घड़ी में इंसानियत का सौदा, किराने के सामान की भी कालाबाजारी हो रही खुलेआम, जानें कैसे सामने आया सच

Updated at : 27 Apr 2021 12:18 PM (IST)
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संकट की घड़ी में इंसानियत का सौदा, किराने के सामान की भी कालाबाजारी हो रही खुलेआम, जानें कैसे सामने आया सच

कोरोना महामारी में शहर के विभिन्न मोहल्लों में राशन की दुकान पर सामान की बिक्री प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर हो रही है. मनमानी कीमत वसूल रहे दुकानदारों पर रोकथाम लगाने के लिए न ही जिला प्रशासन एक्शन ले रहा है, न ही पुलिस. इसका खामियाजा घरों में बंद आम अवाम को झेलना पड़ रहा है. लोगों के घर का बजट गड़बड़ाने लगा है. भीखनपुर, बरारी, तिलकामांझी, सराय, नाथनगर, तातारपुर समेत कई मोहल्लों से यह शिकायत मिल रही है. इससे ग्राहकों में आक्रोश है, लोग दुकानदारों के साथ बहस कर रहे हैं.

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कोरोना महामारी में शहर के विभिन्न मोहल्लों में राशन की दुकान पर सामान की बिक्री प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर हो रही है. मनमानी कीमत वसूल रहे दुकानदारों पर रोकथाम लगाने के लिए न ही जिला प्रशासन एक्शन ले रहा है, न ही पुलिस. इसका खामियाजा घरों में बंद आम अवाम को झेलना पड़ रहा है. लोगों के घर का बजट गड़बड़ाने लगा है. भीखनपुर, बरारी, तिलकामांझी, सराय, नाथनगर, तातारपुर समेत कई मोहल्लों से यह शिकायत मिल रही है. इससे ग्राहकों में आक्रोश है, लोग दुकानदारों के साथ बहस कर रहे हैं.

प्रभात खबर ने की पड़ताल

प्रभात खबर ने आमलोगों की शिकायत पर मामले की पड़ताल की. जानकारी मिली कि सबसे अधिक कालाबाजारी तेल व रिफाइंड ऑयल की हो रही है. यही स्थिति विभिन्न प्रकार के दाल व चावल की है. दुकानदारों का कहना है कि कोरोना संक्रमण के भय से थोक खरीदारी कई दिनों से नहीं की है. दुकान के सामान धीरे-धीरे समाप्त हो रहे हैं. राशन की थोक खरीदारी महंगी होने से इसका असर खुदरा विक्रय पर दिखने लगा है.

सप्लाई प्रभावित होने के कारण 

वेरायटी चौक स्थित किराना सामान के थोक कारोबारियों ने बताया कि तेल, दाल व मसाला दक्षिण भारत, गुजरात व राजस्थान समेत मध्य प्रदेश व अन्य राज्यों से आते हैं. इस समय सामान की आवक 30 प्रतिशत कम हो गयी है. ट्रक संचालकों में कोरोना संक्रमण के भय से अपने वाहन को खड़ा कर दिया है. इस कारण जिले की सप्लाई प्रभावित होने लगी है.

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सब्जियों के औने पौने दाम की वसूली

शहर के सब्जी मार्केट में भी विभिन्न सब्जियों व फलों की आवक कम हुई है. इस कारण दाम भी धीरे धीरे बढ़ने लगे हैं. रमजान के महीने में फलों की बिक्री बढ़ी है, साथ-साथ इनकी कीमतें भी बढ़ने लगी है. शहर से सटे दियारे में सब्जियों की खेती कर रहे दिलीप मंडल ने बताया कि सब्जियों को तोड़ने के लिए लेबर नहीं मिल रहे हैं. कोरोना संक्रमण के भय से कोई काम पर नहीं आ रहे हैं. खेतों में सब्जियां अब धूप में खराब होने लगी है. यही स्थिति रही, तो किसानों को लाखों का नुकसान हो जायेगा.

इस तरह बढ़ी कीमत

सलोनी सरसों तेल -170-150

हाथी सरसों तेल-180 -155

पतंजलि सरसों तेल -160 -150

सफोला रिफाइंड -170 -160

फॉर्च्यून रिफाइंड -150-140

अरहर दाल-120 -90

मसूर दाल -90 -78

चना दाल – 80-70

मूंग दाल -120 -100

चना -70- 65

चीनी-42 -40

काबुली चना-95 -75

उसना चावल-29-45- 26-42

(नोट : कीमत प्रति किलो रुपये में है.)

Posted By: Thakur Shaktilochan

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