कार के फ्लोर मैट के नीचे अखबार क्यों बिछाते हैं लोग? जानिए मानसून का फायदेमंद जुगाड़

Monsoon Car Care Tips 21 मानसून में कार की देखभाल / एआई इमेज
मानसून में कार के फ्लोर मैट के नीचे अखबार बिछाने का आसान तरीका नमी, बदबू और जंग जैसी समस्याओं को कम करने में मदद कर सकता है. जानिए इसके फायदे और कब बदलना चाहिए अखबार.
बारिश के मौसम में कार के अंदर जमा होने वाली नमी कई ऐसी समस्याएं पैदा कर देती है, जिन पर अक्सर लोगों का ध्यान नहीं जाता. गीले जूते, भीगे फ्लोर मैट और लगातार बनी रहने वाली नमी धीरे-धीरे बदबू, जंग और इंटीरियर को नुकसान पहुंचाने लगती है. ऐसे में कई कार मालिक एक बेहद आसान और बिना खर्च वाला तरीका अपना रहे हैं. वे फ्लोर मैट के नीचे पुराने अखबार बिछा रहे हैं. यह साधारण-सा उपाय कार के फ्लोर को सूखा रखने के साथ कई दूसरी समस्याओं से भी बचाने में मदद कर सकता है.
फ्लोर में जमा नमी को सोख लेता है अखबार
मानसून के दौरान कार में बैठते समय जूतों के साथ पानी और मिट्टी भी अंदर आ जाती है. यह नमी फ्लोर मैट के नीचे जमा होकर लंबे समय तक बनी रह सकती है. अखबार के सेलुलोज फाइबर नमी को तेजी से सोख लेते हैं, जिससे पानी सीधे कार के मेटल फ्लोर तक नहीं पहुंच पाता. अगर अखबार समय-समय पर बदल दिया जाए, तो फ्लोर लंबे समय तक सूखा रह सकता है.
बदबू और जंग की परेशानी भी हो सकती है कम
जब फ्लोर मैट के नीचे लगातार नमी बनी रहती है, तो वहां से सीलन जैसी बदबू आने लगती है. यही नमी धीरे-धीरे मेटल फ्लोर पर जंग लगने की वजह भी बन सकती है. अखबार नमी को पहले ही सोख लेता है, जिससे बदबू बनने की संभावना कम होती है और फ्लोर पैनल को जंग से बचाने में भी मदद मिलती है. खासकर पुराने वाहनों के लिए यह तरीका काफी उपयोगी साबित हो सकता है.
गर्मी और हल्के कंपन से भी मिल सकती है राहत
गर्मियों में कार का मेटल फ्लोर काफी गर्म हो जाता है. अखबार की कई परतें फ्लोर और मैट के बीच एक हल्की इंसुलेटिंग लेयर का काम करती हैं, जिससे गर्मी का असर कुछ हद तक कम महसूस हो सकता है. इसके अलावा, कागज की परतें हल्के कंपन और आवाज को भी थोड़ा कम करने में मदद कर सकती हैं. हालांकि यह प्रोफेशनल साउंडप्रूफिंग का विकल्प नहीं है, लेकिन रोजमर्रा के इस्तेमाल में इसका छोटा-सा फायदा जरूर मिल सकता है.
बिना खर्च वाला और पर्यावरण के लिए बेहतर उपाय
इस उपाय की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए कोई अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ता. पुराने अखबार आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं और उन्हें बदलने में भी ज्यादा समय नहीं लगता. मानसून के दौरान हर दो से तीन सप्ताह में या अखबार गीला महसूस होने पर उसे बदल देना बेहतर रहता है. इससे पुराने अखबार का दोबारा उपयोग भी हो जाता है, जो पर्यावरण के लिहाज से भी एक अच्छा कदम माना जा सकता है.
क्या सिर्फ अखबार ही काफी है?
अखबार नमी कम करने में मदद जरूर करता है, लेकिन अगर कार के अंदर लगातार पानी भर रहा है या फ्लोर हमेशा गीला रहता है, तो इसकी वजह की जांच भी जरूरी है. कई बार डोर बीडिंग, विंडशील्ड सील या एसी ड्रेनेज सिस्टम में खराबी के कारण भी पानी अंदर आने लगता है. ऐसे मामलों में सिर्फ अखबार बिछाना पर्याप्त नहीं होगा और वाहन की जांच कराना जरूरी रहेगा.
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