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SANU KUMAR DUTTA

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SANU KUMAR DUTTA is a contributor at Prabhat Khabar.

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अमड़ापाड़ा में कलश स्थापना के साथ ही शारदीय नवरात्र शुरूनगर प्रतिनिधि, पाकुड़अमड़ापाड़ा के वैष्णवी दुर्गा मंदिर में सोमवार को नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना के साथ शारदीय नवरात्र की शुरुआत हुई। इस अवसर पर मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना विधि-विधान के साथ की गई।सार्वजनिक दुर्गापूजा समिति के अध्यक्ष संजीव कुमार उर्फ बबलू भगत ने स्थानीय बांसलोई नदी से जल भरकर कलश को वैष्णवी दुर्गा मंदिर में स्थापित किया। इसके बाद बनारस से आए आचार्य सुनील मिश्रा और आचार्य नागेश मिश्रा ने वेदी पूजन और पाठ आरंभ किया।आचार्य सुनील मिश्रा ने बताया कि अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर कलश स्थापना के साथ नौ दिनों तक देवी दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्र का प्रत्येक दिन देवी मां के विशेष रूप को समर्पित होता है।भक्तों ने संकल्प लेकर माता दुर्गा की आराधना की। मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना से मान-सम्मान, यश और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। पूजा के बाद पुष्पांजलि और आरती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सरोज मंडल, दशरथ भगत, मनोज भगत, ओमप्रकाश भगत, संजय रजक, पुरोहित शम्भूनाथ झा, संदीप ओझा सहित कई भक्त मौजूद रहे।

पाकुड़ >7:28 PM. 22 Sept
अमड़ापाड़ा में कलश स्थापना के साथ ही शारदीय नवरात्र शुरूनगर प्रतिनिधि, पाकुड़अमड़ापाड़ा के वैष्णवी दुर्गा मंदिर में सोमवार को नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना के साथ शारदीय नवरात्र की शुरुआत हुई। इस अवसर पर मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना विधि-विधान के साथ की गई।सार्वजनिक दुर्गापूजा समिति के अध्यक्ष संजीव कुमार उर्फ बबलू भगत ने स्थानीय बांसलोई नदी से जल भरकर कलश को वैष्णवी दुर्गा मंदिर में स्थापित किया। इसके बाद बनारस से आए आचार्य सुनील मिश्रा और आचार्य नागेश मिश्रा ने वेदी पूजन और पाठ आरंभ किया।आचार्य सुनील मिश्रा ने बताया कि अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर कलश स्थापना के साथ नौ दिनों तक देवी दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्र का प्रत्येक दिन देवी मां के विशेष रूप को समर्पित होता है।भक्तों ने संकल्प लेकर माता दुर्गा की आराधना की। मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना से मान-सम्मान, यश और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। पूजा के बाद पुष्पांजलि और आरती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सरोज मंडल, दशरथ भगत, मनोज भगत, ओमप्रकाश भगत, संजय रजक, पुरोहित शम्भूनाथ झा, संदीप ओझा सहित कई भक्त मौजूद रहे।
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