छत्तीसगढ़ : मतदान के बीच कोंटा में नक्सली मुठभेड़, सोशल मीडिया में VIRAL खबर पर चुनाव आयोग ने दी ये सफाई

डीआरजी के जवानों पर नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी. डीआरजी के जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की. करीब 10 मिनट तक दोनों ओर से जमकर गोलीबारी हुई. डीआरजी के जवानों को भारी पड़ता देख नक्सलियों ने 10 मिनट के बाद फायरिंग बंद कर दी.
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 के लिए जारी मतदान के बीच मंगलवार को नारायणपुर जिले में एक विधानसभा सीट पर सुरक्षा के लिए तैनात डीआरजी के जवानों की नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हो गई. इसकी वजह से कुछ देर के लिए मतदान बाधित रहा. मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से जमकर फायरिंग हुई. पुलिस ने बताया कि कोंटा (एसटी) विधानसभा सीट के एक मतदान केंद्र के बाहर तैनात डीआरजी के जवानों पर नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी. डीआरजी के जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की. करीब 10 मिनट तक दोनों ओर से जमकर गोलीबारी हुई. डीआरजी के जवानों को भारी पड़ता देख नक्सलियों ने 10 मिनट के बाद फायरिंग बंद कर दी. पुलिस ने बताया है कि सभी जवान सुरक्षित हैं और किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ है. पुलिस ने यह भी कहा है कि बूथ में मतदान सामान्य रूप से चल रहा है. पुलिस ने कहा है कि नक्सलियों ने दहशत फैलाने के इरादे से फायरिंग की, लेकिन जवानों ने उन्हें खदेड़ दिया. पुलिस ने बताया कि जिस जगह फायरिंग हुई है, वह ओरछा थाना इलाके के तादुर के जंगल में स्थित है. नक्सलियों ने इस क्षेत्र में मतदान के बहिष्कार की घोषणा कर रखी थी. उनका इरादा लोगों में दहशत फैलाकर उन्हें मतदान से रोकना था. लेकिन, डीआरजी के जवानों ने उनके मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया. लोकतंत्र के उत्सव में अब तक कोई विघ्न नहीं पड़ा है. सुकमा की एसपी किरण चव्हाण ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है. छत्तीसगढ़ में पहले चरण के विधानसभा चुनाव में 20 विधानसभा क्षेत्रों में वोटिंग हो रही है, जिसमें सुकमा का कोंटा (एसटी) सीट भी शामिल है.
सीईओ छत्तीसगढ़ की ओर से आई ये सफाई
इधर, निर्वाचन आयोग की ओर से कहा गया है कि जिला नारायणपुर के थाना ओरछा के तादुर के जंगल में एसटीएफ और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़. एसटीएफ को भरी पड़ता देख नक्सली जंगल की आड़ लेकर भाग गए. सभी जवान सुरक्षित हैं. पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है. सीईओ छत्तीसगढ़ के कार्यालय ने बताया है कि गुदड़ी मतदान केंद्र में अब तक 16 फीसदी मतदान हो चुका है. सोशल मीडिया ग्रुप्स में चल रहा समाचार कि मतदान केंद्र को नक्सलियों ने घेर लिया है, गलत है. मतदान केंद्र तथा मतदान दल सुरक्षित हैं. मतदान जारी है.
Also Read: PHOTOS: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के पहले चरण में देखते ही बन रहा है वोटर्स का उत्साह
कई नक्सली या तो घायल हुए या मारे गए : पुलिस
बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके छत्तीसगढ़ पुलिस ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) टीम और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से एक एके47 बरामद किया गया है. सर्च ऑपरेशन जारी है. पुलिस ने कहा है कि कई नक्सली या तो घायल हुए हैं या मारे गए हैं.
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




