सीमा हैदर पर धमकी के बाद बौखला गये हैं पाकिस्तानी डकैत? मंदिर पर रॉकेट लॉन्चर से किया हमला
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 16 Jul 2023 6:59 PM
हमलावरों ने गौसपुर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में एक पूजा स्थल और आसपास के समुदाय के घरों पर हमला किया जिससे वहां के लोग दहशत में आ गये. डकैतों ने अंधाधुंध गोलीबारी की. जानें क्या है पूरा मामला
पाकिस्तान से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. जानकारी के अनुसार डकैतों के एक गिरोह ने सिंध के काशमोर में हिंदू समुदाय के एक पूजा स्थल पर कथित तौर पर रॉकेट लॉन्चर से हमला किया है. घटना रविवार तड़के की बतायी जा रही है. इस संबंध में ‘दी डॉन’ वेबसाइट ने खबर दी है. खबरों की मानें तो हमलावरों ने गौसपुर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में एक पूजा स्थल और आसपास के समुदाय के घरों पर हमला किया जिससे वहां के लोग दहशत में आ गये. डकैतों ने अंधाधुंध गोलीबारी की.
HRCP is alarmed by reports of deteriorating law and order in the districts of Kashmore and Ghotki in Sindh, where some 30 members of the Hindu community – including women and children – have allegedly been held hostage by organised criminal gangs.
— Human Rights Commission of Pakistan (@HRCP87) July 16, 2023
मामले को लेकर एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि डकैतों ने पूजा स्थल पर रॉकेट लॉन्चर दागे, जो हमले के वक्त बंद था. यह बागड़ी समुदाय द्वारा संचालित मंदिर है जो धार्मिक सेवाओं के लिए हर साल खुलता है. हमले के बाद संदिग्ध घटनास्थल से भाग गये. पुलिस इलाके में तलाशी अभियान चला रही है. एसएसपी सैम्मो ने अनुमान लगाया कि आठ से नौ बंदूकधारी थे. इस बीच, बागरी समुदाय के सदस्य डॉ. सुरेश ने कहा कि डकैतों द्वारा दागे गये रॉकेट लॉन्चर विस्फोट करने में विफल रहे, जिससे कोई जानमाल की हानि नहीं हुई. उन्होंने पुलिस से समुदाय की सुरक्षा करने की अपील की और कहा कि हमले के बाद लोग दहशत में हैं.
इस बीच, पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग (एचआरसीपी) की प्रतिक्रिया सामने आयी है. एचआरसीपी ने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि वह सिंध के काशमोर और घोटकी जिलों में बिगड़ती कानून व्यवस्था की रिपोर्टों से चिंतित है, जहां महिलाओं और बच्चों सहित हिंदू समुदाय के लगभग 30 सदस्यों को कथित तौर पर बंधक बना लिया गया. आपराधिक गिरोहों द्वारा इस कृत्य को अंजाम दिया गया.
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पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग (एचआरसीपी) ने सिंध गृह विभाग से बिना किसी देरी के मामले की जांच करने को कहा है. आयोग ने कहा कि हमें जो रिपोर्ट मिल है वो परेशान करने वाली है. गिरोहों ने हाई ग्रेड हथियार के साथ हमला करने पहुंचे थे.
इस बीच सवाल उठता है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदुओं की आबादी कितनी है. इसको लेकर साल 2022 में एक रिपोर्ट जारी की गथी. सेंटर फार पीस एंड जस्टिस की एक रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के 22 लाख 10 हजार 566 (22,10,566) लोग निवास करते हैं. हिंदुओं की यह संख्या देश की कुल पंजीकृत आबादी 18 करोड़ 68 लाख 90 हजार 601 (18,68,90,601) का केवल 1.18 प्रतिशत ही है.
यहां चर्चा कर दें कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न का मामला लगातार सामने आता रहता है. पाकिस्तान में दो प्रतिशत से भी कम हिंदू रहते हैं. 95 प्रतिशत हिंदू सिंध के दक्षिणी प्रांत में निवास करते हैं. पाकिस्तान में हिंदुओं की आबादी ज्यादातर गरीब श्रेणी में आते हैं. देश की विधायी प्रणाली में उनका प्रतिनिधित्व नगण्य है. पाकिस्तान की अधिकांश हिंदू आबादी सिंध प्रांत में बसी है जहां वे मुस्लिम निवासियों के साथ संस्कृति, परंपरा और भाषा साझा करते नजर आते हैं. चरमपंथियों द्वारा उत्पीड़न यहां हिंदुओं का किया जाता है.
आपको बात दें कि मुंबई पुलिस के यातायात नियंत्रण कक्ष को एक अज्ञात व्यक्ति ने पिछले दिनों फोन कर धमकी दी थी कि यदि पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर अपने वतन नहीं लौटी, तो भारत में 26/11 जैसा आतंकवादी हमला हो सकता है. धमकी भरा फोन 12 जुलाई को आया था जिसके बारे में पुलिस ने जानकारी दी. पुलिस अधिकारी की मानें तो, फोन करने वाला व्यक्ति उर्दू में बोल रहा था और उसने कहा कि सीमा हैदर के पाकिस्तान न लौटने पर भारत में 26/11 के मुंबई हमले जैसा आतंकवादी हमला किया जाएगा.
आपको बता दें कि पाकिस्तानी नागरिक सीमा हैदर ग्रेटर नोएडा निवासी अपने प्रेमी सचिन मीणा से शादी करने के लिए हाल में भारत में अवैध रूप से दाखिल हुई थी. दोनों की ऑनलाइन गेम पबजी खेलने के दौरान दोस्ती हो गयी थी. ये दोस्ती इतनी आगे बढ़ गयी कि सीमा पाकिस्तान से भारत आ गयी. पुलिस ने भारत में अवैध रूप से रहने के सिलसिले में सीमा (30) और सचिन (25) को गिरफ्तार किया था, लेकिन पिछले सप्ताह उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा की कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी.
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बताया जाता है कि सचिन और सीमा ने चार जुलाई को मीडिया और पुलिस के सामने एक-दूसरे के प्रति अपने प्यार का इजहार किया था और सरकार से उन्हें शादी करके भारत में साथ रहने की इजाजत देने का आग्रह किया था.
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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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