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बंजर नही है मंगल ग्रह, मिला पीने योग्य पानी, बर्फ के नीचे थीं कई KM लंबी तीन झीलें, NASA के शोध में हुआ खुलासा

Updated at : 29 Sep 2020 1:05 PM (IST)
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बंजर नही है मंगल ग्रह, मिला पीने योग्य पानी, बर्फ के नीचे थीं कई KM लंबी तीन झीलें, NASA के शोध में हुआ खुलासा

Ice Lakes On Mars, Water On Mars, Mangal Grah Par Mila Pani : पहले भी मंगल ग्रह पर पानी मिलने को लेकर काफी चर्चाएं हो चुकी हैं. लेकिन, इस बार अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के साइंटिस्ट ने इस ग्रह पर पानी का स्रोत तक खोज लिया है. नासा के आधिकारिक वेबसाइट की मानें तो मंगल पर जमीन के अंदर तीन झीलें मिली हैं. ऐसे में यह साबित होता है कि मंगल पर भी जीवन संभव है.

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Ice Lakes On Mars, Water On Mars, Mangal Grah Par Mila Pani : पहले भी मंगल ग्रह पर पानी मिलने को लेकर काफी चर्चाएं हो चुकी हैं. लेकिन, इस बार अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के साइंटिस्ट ने इस ग्रह पर पानी का स्रोत तक खोज लिया है. नासा के आधिकारिक वेबसाइट की मानें तो मंगल पर जमीन के अंदर तीन झीलें मिली हैं. ऐसे में यह साबित होता है कि मंगल पर भी जीवन संभव है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दो वर्ष पूर्व भी मंग्रल ग्रह पर दक्षिणी ध्रुव में भी एक बड़े झील का पता लगाया था. पिछली जानकारी के मुताबिक वह झील नमकीन पानी वाला था. जिसे पी पाना संभव है. लेकिन, जिन तीन झीलों को लेकर नासा अभी दावा कर रहा है वह बर्फ के नीचे दबी है और यह पानी उपयोग लायक है.

गौरतलब है कि यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ESA) के स्पेसक्राफ्ट मार्स एक्सप्रेस ने 2018 में जिस जगह नमकीन पानी की झील की खोज की थी. वहीं पर इसबार फिर तीन और झीलें दिखाई दी हैं. आपको बता दें कि वर्ष 2012 से 2015 तक मार्स एक्सप्रेस सैटेलाइट 29 बार उस स्थान से गुजरने के बाद और विभिन्न तस्वीरें लेने के बाद नमकीन झील को खोज कर पाया था.

विज्ञान मैगजीन नेचर एस्ट्रोनॉमी में छपी रिपोर्ट की मानें तो इससे पहले यानी वर्ष 2018 में खोजी गई नमकीन झील मंगल ग्रह के दक्षिणी ध्रुप पर मौजूद है. यह पूरी तरह से बर्फ से ढका हुआ है. करीब 20 किलोमीटर चौड़ी इस झील को मंगल ग्रह में अभी तक का सबसे बड़ा जल श्रोत माना जा रहा है.

एक बात तो तय है, इन खोजों से यह मालूम चलता है कि मंगल ग्रह बंजर नहीं बल्कि जीवन यापन करने लायक ग्रह है. यहां जीवन संभव है. हालांकि, शुरूआत में वैज्ञानिकों की पहले की अध्ययन गलत साबित है. उनका मानना था कि इस लाल ग्रह पर पहले पानी भरपूर मात्रा में था. लेकिन, तीन अरब साल पहले हुए जलवायु परिवर्त्तनों के कारण इसका रूप बदल गया.

इधर, रोम यूनिवर्सिटी की एस्ट्रोसाइंटिस्ट एलना पेटीनेली के अनुसार उन्होंने दो साल पहले जो झील की खोज की थी. उसी के आसपास ही तीन और झीलें मिली है. इसके अलावा आगे की खोज जारी है.

वहीं, ऑस्ट्रेलिया के स्विनबर्न विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर एलन डफी ने इस शोध की प्रशंसा करते हुए कहा है कि इससे जीवन के अनुकूल परिस्थितियों की संभावनाएं दिखती नजर आ रही हैं.

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने इससे पहले जो घोषणा की थी वह भी चौंकाने वाली थी. मंगल पर 2012 में उतरे खोजी रोबोट क्यूरियोसिटी को चट्टानों में तीन अरब साल पुराने कार्बनिक अणु मिले थे. जो यह दर्शाते है कि किसी जमाने में मंगल पर जीवन था.

Posted By : Sumit Kumar Verma

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