हिंद महासागर में ईरान करेगा धमाका? ट्रंप को चेतावनी, कहा- US जहाज निशाने पर
ईरानी सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई. फोटो-X
ईरान ने अमेरिका को सीधी चेतावनी दी है. अगर युद्ध छिड़ा तो हिंद महासागर में अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाया जाएगा.
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव जारी है. इसी बीच ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है. ईरानी सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई ने दावा किया है कि अगर दोनों देशों के बीच दोबारा युद्ध शुरू होता है, तो हिंद महासागर में मौजूद अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि ईरान ने इसके लिए जरूरी नौसैनिक क्षमताएं विकसित कर ली हैं.
ईरान ने विकसित की नौसैनिक टकराव की क्षमता
हैदराबाद स्थित ईरानी दूतावास की एक पोस्ट के मुताबिक, मोहसिन रेजाई ने कहा, "अगर युद्ध फिर से शुरू होता है, तो हिंद महासागर में मौजूद अमेरिकी जहाजों पर वे जहां भी होंगे, हमला किया जाएगा. हमने ये क्षमताएं विकसित कर ली हैं." उनके इस बयान को अमेरिका के लिए सीधी सैन्य चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है.
हाइपरसोनिक मिसाइलों की रफ्तार बढ़ाने का दावा
रेजाई ने ईरान की मिसाइल क्षमता को लेकर भी बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि ईरान ने अपनी हाइपरसोनिक मिसाइलों की रफ्तार मैक 6 से बढ़ाकर मैक 10 कर दी है. इसके अलावा उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और एयर डिफेंस को मजबूत करने का भी दावा किया. रेजाई के मुताबिक, ईरान के पास कई अन्य सैन्य विकल्प भी हैं, जिनका इस्तेमाल वह सही समय पर कर सकता है.
ईरान बोला- हम पूरी तरह तैयार
ईरानी सुरक्षा परिषद के सचिव ने कहा कि तेहरान संभावित सैन्य टकराव के लिए पूरी तरह तैयार है. उनके बयान ऐसे समय में आए हैं, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भी लगातार कड़े संकेत दिए जा रहे हैं.
ईरानी संसद स्पीकर ने अमेरिका पर साधा निशाना
इस बीच ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने रविवार को पश्चिम एशिया में अमेरिकी प्रभाव को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पुरानी अमेरिकी व्यवस्था ढह चुकी है. गालिबाफ ने इस्लामी देशों से नई क्षेत्रीय व्यवस्था लागू करने का आग्रह किया.
अमेरिका तक पहुंचाया गया ईरान का संदेश
गालिबाफ ने दावा किया कि तेहरान का संदेश और उसकी शर्तें बिचौलियों के जरिए अमेरिका तक स्पष्ट रूप से पहुंचाई जा चुकी हैं. उनके बयान से संकेत मिलता है कि ईरान किसी भी संभावित बातचीत में अपनी शर्तों और अधिकारों को प्रमुखता देना चाहता है.
होर्मुज को लेकर भी सख्त रुख
गालिबाफ ने यह भी कहा कि जब तक ईरान के अधिकारों को मान्यता नहीं दी जाती और अमेरिका अपने वादों को पूरा नहीं करता, तब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खोला जाएगा. होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है, इसलिए इसे लेकर ईरान का रुख अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अहम माना जा रहा है.
ट्रंप के अगले फैसले पर टिकी नजर
इस बीच फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान को लेकर डोनाल्ड ट्रंप फैसला लेने की स्थिति में हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप ने संकेत दिया है कि बहुत जल्द कुछ बड़ी घटनाएं होने वाली हैं. ऐसे में ईरान की ताजा चेतावनी के बाद अमेरिका-ईरान तनाव और बढ़ने की आशंका पर दुनिया की नजर है.
ये भी पढ़ें: UNGA में ट्रंप के भाषण पर बवाल: ईरान-क्यूबा के प्रतिनिधियों ने किया वॉकआउट, ‘डील या तबाही’ की दी चेतावनी
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए